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'खतरा बाहर ही नहीं, कॉकपिट के अंदर से भी', मोसाद के पूर्व अधिकारी की वार्निंग, कहा-सभी पायलटों की हो कड़ी निगरानी

Mossad Official Advice on Flight Safety: फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले की घटना ने इजरायल समेत पूरी दुनिया को हिला दिया है. घटना के बाद से मोसाद भी स्तब्ध है. मोसाद के एक पूर्व अधिकारी ने कहा कि अब खतरा बाहर ही नहीं, कॉकपिट के अंदर से भी है.

'खतरा बाहर ही नहीं, कॉकपिट के अंदर से भी', मोसाद के पूर्व अधिकारी की वार्निंग, कहा-सभी पायलटों की हो कड़ी निगरानी

Mossad Official on Flydubai Cockpit Attack Case: फ्लाईदुबई कॉकपिट हमले के बाद से दुनिया सन्न है और विमानन सुरक्षा को लेकर सभी सरकारें गहन मंथन कर रही हैं. इसके साथ ही आतंकवाद से निपटने के तरीकों को मजबूत करने पर भी चर्चाएं चल रही है. मोसाद से जुड़े रहे इजरायल के एक डिफेंस एक्सपर्ट भी इस हमले के बाद एविएशन सिक्योरिटी सिस्टम में व्यापक बदलाव लाने और आतंकवाद से निपटने में भारत-इजरायल के बीच सहयोग बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया है.

'सभी पायलटों की होनी चाहिए निगरानी'

मोसाद के आतंकवाद-रोधी विभाग के पूर्व प्रमुख ओडेड एइलाम ने कहा है कि प्लेन उड़ा रहे सभी पायलटों की लगातार निगरानी की जानी चाहिए. जिससे पता चल सके कि उनके व्यवहार में अचानक कोई बदलाव तो नहीं आया है या उनका आतंकवादी संगठनों से कोई लिंक तो नहीं है.

न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए एइलाम ने कहा, 'इस घटना के बाद, दुनिया भर की सभी सुरक्षा एजेंसियों को इस तरह की घटनाएं रोकने के लिए कुछ उपायों पर पुनर्विचार करना होगा. इसके साथ ही प्लेन में सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को फिर से डिफाइन करना होगा, जिसमें कॉकपिट में सह-पायलट या पायलट के हमले का भी वर्णन हो.'

मोसाद के पूर्व अधिकारी ने दी सलाह

नए प्रोटोकॉल की जरूरत पर जोर देते हुए उन्होंने समझाया, 'अधिकांश उपाय, प्रक्रियाएं और सुरक्षा उपकरण कॉकपिट को बाहरी लोगों के हमले से सुरक्षा देने के लिए बने हैं. लेकिन जब खतरा खुद कॉकपिट के अंदर मौजूद हो तो उससे निपटने के लिए कोई प्रोटोकॉल नहीं है. जिस पर विचार करने का वक्त आ गया है.'

उन्होंने कहा कि इमरजेंसी की स्थिति में बाहर से कॉकपिट खोलने का रास्ता उपलब्ध होना चाहिए. यह तो गनीमत थी कि कैप्टन स्मित मच्छार अंदर से दरवाजा खोलने में सफल रहे. लेकिन यदि कमांडर अक्षम हो जाए तो प्रवेश के वैकल्पिक तरीके आवश्यक हैं.

'भारत और इजरायल करें ज्यादा सहयोग'

ओडेड एइलाम ने पायलटों की ओर से उड़ान डेक में लाई जाने वाली वस्तुओं की कड़ी निगरानी का भी आग्रह किया. साथ ही, इस तरह के खतरों का अनुमान लगाने और उन्हें रोकने में मदद के लिए IATA जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच के गठन का सुझाव दिया. यह संगठन एयरलाइनों के बीच डेटा साझा करने और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल को लागू करने को बढ़ावा देगा.

उन्होंने कहा कि अधिकारीगण सुरक्षा जरूरतों को तो ध्यान में रखें लेकिन उन्हें पायलटों को अपराधियों की तरह मानने या उन्हें हतोत्साहित करने से बचना भी होगा. एइलाम ने आतंकवाद से निपटने के लिए भारत और इजरायल के बीच सहयोग मजबूत करने की भी जोरदार वकालत की.

यहूदियों-भारतीयों के समान हित- ओडेड एइलाम

उन्होंने कहा कि दोनों देशों के साझा हित हैं. यहूदियों, भारतीयों, इजरायलियों और भारत में बहुत कुछ समान है. निश्चित रूप से हमें सहयोग बढ़ाना चाहिए और सभी पहलुओं पर आपसी समन्वय का निर्माण करना चाहिए. यह दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है.

मोसाद के पूर्व अधिकारी ने दुनिया भर में बढ़ रही यहूदी-विरोधी भावना को लेकर गहरी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए जोखिम बढ़ गया है. लोगों में इस भावना को बढ़ावा देने का काम कतर और सऊदी अरब ने किया था. एइलाम ने विदेशी एयरलाइनों से इजरायल के लिए उड़ान भरने वाली उड़ानों की गहन जांच करने का आग्रह किया. साथ ही, यात्रियों को सावधानी बरतने की सलाह दी.

'विदेश में अपनी पहचान उजागर न करें इजरायली'

उन्होंने इजरायलियों को यह भी सलाह दी कि वे अगर विदेश यात्राओं पर जाएं तो अपनी पहचान कम से कम उजागर करें. उन्हें खुद को इजरायली या यहूदी के रूप में दिखाने से बचना चाहिए. अपने कपड़ों और दूसरी प्रतीकों से यह बिल्कुल जाहिर न होने दो कि आप इजरायली हो. वे इस बात को समझें कि अपनी सुरक्षा सबसे अहम है और इसमें सभी को सहयोग देना चाहिए.

(एजेंसी एएनआई)
 

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Devinder Kumar

Devinder Kumar

अनुभवी पत्रकार और अंतर्राष्ट्रीय मामलों के विश्लेषक हैं. पिछले 18 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. अमर उजाला और नवभारत टाइम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में काम करने के बाद, वर्तमान में वे Zee News में कार्यरत हैं. देश-दुनिया और ब्रेकिंग न्यूज पर नजर रखते हैं. अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक घटनाक्रमों और खोजपरक पत्रकारिता में विशेष पकड़ है.
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