स्टारलिंक को लेकर इस समय एक नया विवाद पैदा हो गया है. हाल में ही यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने दावा किया था कि अमेरिका ने कीव में स्टारलिंक और इसके सैन्य वर्जन 'स्टारशील्ड' सैटेलाइट इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी. इस बीच पहली बार स्टारलिंक के मालिक एलन मस्क का रिएक्शन आया है. मस्क ने स्वीकारा कि स्पेसएक्स ने यूक्रेन में स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा पर पाबंदी लगा दी थी. हालांकि, उन्होंने नियमों की दुहाई देते हुए दावा किया कि कीव (यूक्रेन) की सेना ने कंपनी के नियमों का उल्लंघन किया, जिस कारण ये एक्शन लेना पड़ा.
दरअसल, हाल में ही यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की ओर से एक आरोप लगाया गया कि स्टारलिंक ने अपनी स्टारशील्ड की स्पीड कीव में धीमी कर दी. ऐसे में कीव को ड्रोन संचालित करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा कीव ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने खुफिया जानकारियां देना भी बंद कर दिया है. इससे पहले मस्क मे दावा किया था कि ट्रंप प्रशासन के कहने पर ऐसा किया गया.
एलन मस्क का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब कुछ घंटे पहले ही यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि स्टारलिंक और इसके सैन्य वर्जन 'स्टारशील्ड' की स्पीड अब सामान्य हो गई है. उन्होंने इससे पहले बताया था कि इंटरनेट की रफ्तार धीमी होने के कारण युद्ध के मोर्चे पर संचार टूट गया था. इसके परिणामस्वरूप यूक्रेन के कई सैन्य अभियान बुरी तरीके से प्रभावित हुए थे.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मस्क ने अपने फैसले को सही ठहराया और दावा किया कि स्टारलिंक से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने के कारण इंटरनेट की स्पीड को धीमा किया गया था. मस्क ने एक पोस्ट में कहा कि स्टारलिंक एक नागरिक और व्यावसायिक सेवा है. लोगों की जान लेने वाले आक्रामक ड्रोन हमलों के लिए इसका इस्तेमाल कभी मान्य नहीं रहा है. मस्क ने यह भी कहा कि यूक्रेन की सेना ने स्टारलिंक की सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है.
इस सेवा का इस्तेमाल लोगों की जान लेने के लिए किया गया है. यही कारण है कि हमने उस खामी को बंद करने का फैसला किया. एलन मस्क ने इस दौरान एक और स्थिति साफ की और कहा कि स्टारशिल्ड के काम करने का तरीका बिल्कुल अलग है और वह अमेरिकी सरकार के नियंत्रण में रहता है. इसके बंद होने या न चलने से स्पेसएक्स का कोई लेना-देना नहीं.
बता दें कि पिछले हफ्ते स्टारलिंक और स्टारशील्ड की स्पीड कम होने के कारण यूक्रेन को रूस के खिलाफ कई सैन्य अभियानों को रद्द करना पड़ा था. स्पीड नहीं आने के कारण यूक्रेन दुश्मन देश की ओर से आ रहे ड्रोन्स को नहीं रोक पा रहा था और नए ड्रोन दागने में भी असमर्थ था. जैसे ही यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की ओर से इस संबंध में सवाल खड़े किए गए, दुनिया में स्टारलिंक और अमेरिका की मंशा को लेकर सवाल खड़े होने लगे.
जेलेंस्की, मस्क और ट्रंप के हालिया बयान के बाद अब नया सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर स्टारलिंक की सेवा को प्रभावित करने का आदेश किसने दिया. मस्क ने नागरिक सेवा 'स्टारलिंक' को सीमित करने में स्पेसएक्स की भूमिका तो मान ली है, लेकिन स्टारशील्ड की स्पीड करने की जिम्मेदारी किसकी है, इसको लेकर अभी भी विवाद जारी है. समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट में दावा किया कि स्टारशील्ड की स्पीड कम करने का आदेश व्हाइट हाउस की ओर से आया था.
इससे भी हैरान करने वाली बात है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद आदेश देने की बात को इनकार किया है. इधर मस्क ने ट्रंप का बचाव भी किया है. हालांकि, इस बात पर भी विचार किया जाना चाहिए कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने सरकार और मस्क के बीच समन्वय न होने का इशारा किया है. इसके अलावा अमेरिका के रक्षा मंत्री ने भी किसी प्रकार से सरकार की भूमिका होने से इनकार किया है.
गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब अमेरिका और यूक्रेन के बीच रिश्ते तनावपूर्ण हैं. हाल में ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच एनर्जी सीजफायर का ऐलान किया था. सबसे खास बात है कि उस सीजफायर की जानकारी खुद यूक्रेन को नहीं थी. अब अमेरिका रूस से तेल खरीदने जा रहा है और अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से यूक्रेन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह रूस के तेल के ठिकानों पर हमले न करे.