)
सोचिए आप गहरे समंदर में नाव पर हैं और अचानक एक व्हेल मछली आकर सीधे आपकी नाव से टकरा जाए... ठीक ऐसा ही कुछ साउथ पैसिफिक यानी दक्षिण प्रशांत महासागर में हुआ है. यहां एक भारी-भरकम स्पर्म व्हेल की टक्कर से 52 फीट की यॉट यानी एक बड़ी नाव देखते ही देखते समुद्र में समा गई. उस पर सवार 4 नाविकों ने लाइफ राफ्ट में कूदकर जान बचाई. वे करीब 17 घंटे तक समंदर के बीच मौत से जूझते रहे, बाद में उन्हें सुरक्षित वहां से निकाल लिया गया.
यह खौफनाक घटना नॉरफॉक द्वीप से लगभग 250 समुद्री मील उत्तर में घटी. दोपहर को समुद्र शांत था. धूप खिली थी. तभी नाव से अचानक कुछ विशालकाय व्हेल टकरा गईं. टक्कर से नाव टूटकर डूबने लगी. किसी को कुछ भी समझ नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है. नाव पर सवार चारों लोगों ने डूबती नाव को छोड़ा और हवा वाली छोटी नाव (लाइफ राफ्ट) में कूद गए. गनीमत ये रही कि उन्होंने समय रहते इमरजेंसी सिग्नल भेज दिया था, जिसके चलते न्यूजीलैंड की रेस्क्यू टीम ने 17 घंटे बाद समंदर से चारों को सही-सलामत बचा लिया.
दरअसल, इमरजेंसी टीम को अलर्ट मिला था कि ऑस्ट्रेलिया की एक नाव 'ताई ताम' किसी व्हेल से टकरा गई है और उसमें पानी भरने की वजह से वह डूब रही है. न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स (NZDF) की तरफ से बताया गया कि क्रू के मुताबिक दोपहर का वक्त था, मौसम बिल्कुल साफ और समंदर शांत था, तभी अचानक बिना किसी चेतावनी के यह जोरदार टक्कर हुई.
दुर्घटना के बाद नाव का स्टीयरिंग संभाल रहीं ऑस्ट्रेलियाई नाविक जेम्मा कूपर ने उस खौफनाक पल को याद करते हुए कहा, 'अचानक एक जोरदार धमाका हुआ, हमें तुरंत समझ आ गया कि किसी भारी चीज ने हमें टक्कर मारी है. टक्कर का झटका इतना जोरदार था कि मैं उछलकर बाईं तरफ (पोर्ट साइड) जा गिरी, बाहर देखा तो वहां करीब 6 व्हेल थीं. उनमें से एक-दो तो इतनी विशालकाय थीं, जितनी लंबी हमारी पूरी नाव थी.'
हादसे के वक्त जेम्मा के पति जेरेमी कूपर और उनके साथी टेरी हेथरिंगटन डेक के नीचे सो रहे थे. अचानक हुए धमाके ने दोनों की नींद उड़ा दी. टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव का स्टीयरिंग सिस्टम पूरी तरह ठप हो चुका था. केबिन के अंदर तेजी से पानी भरने लगा. हालात बिगड़ते देख क्रू ने फौरन समझदारी दिखाई और बिना एक पल गंवाए 'Mayday' (इमरजेंसी कॉल) भेजा और अपने इमरजेंसी लोकेशन बीकन को ऑन कर दिया.
नाव में तेजी से पानी भरता देख क्रू ने बाल्टियों और पंप के जरिए उसे बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन नाव इतनी बुरी तरह टूट चुकी थी कि वह लगातार डूबती चली गई. जब लगा कि अब नाव को बचाना नामुमकिन है, तो चारों नाविकों ने फौरन हवा से फूलने वाली लाइफ राफ्ट (हवा वाली रबर बोट) पानी में डाली और डूबती नाव को छोड़कर उस पर सवार हो गए.
उधर जैसे ही इमरजेंसी सिग्नल मिला तो न्यूजीलैंड की बचाव टीमें फौरन एक्शन में आईं और समंदर के बीचों-बीच तैर रही उस छोटी सी लाइफ राफ्ट को ढूंढने के लिए रॉयल न्यूजीलैंड एयर फोर्स का P-8A पोसाइडन टोही विमान रवाना किया गया. विमान ने समंदर में राफ्ट की सही लोकेशन खोज निकाली. इसके बाद पास से गुजर रहे एक मालवाहक जहाज (कार्गो शिप) की मदद से चारों नाविकों को सुरक्षित बाहर खींचा गया. राहत की बात यह रही कि 17 घंटे तक समंदर के बीच मौत से आंखें मिलाने के बाद भी किसी को एक खरोंच तक नहीं आई.
रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर के ऑपरेशंस मैनेजर माइक क्लूलो ने बताया, 'पूरी टीम ने गजब का तालमेल और समझदारी दिखाई. मैं न्यूजीलैंड डिफेंस फोर्स, ऑस्ट्रेलिया और न्यूमिया की रेस्क्यू टीमों का दिल से धन्यवाद करता हूं. साथ ही उस मालवाहक जहाज (एमवी सोफ्राना सुरविले) और प्राइवेट बोट का भी बहुत-बहुत शुक्रिया, जिन्होंने मौके पर पहुंचकर इन चारों को बाहर निकाला.'
उन्होंने आगे कहा, 'नाव पर सवार लोगों ने ऐन वक्त पर बिल्कुल सही कदम उठाए. खुले समंदर में व्हेल का टकराना बेहद बदकिस्मती थी, लेकिन उनकी तैयारी पूरी थी. उन्होंने बिना एक पल गंवाए तुरंत इमरजेंसी बीकन ऑन कर दिया, इसी वजह से आज चारों जिंदा हैं. यह घटना बताती है कि अगर समंदर में उतरते वक्त आपकी तैयारी पक्की है, तो जान बच ही जाती है.'