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न्यूयॉर्क में शहबाज का 'एनकाउंटर' हो गया: पत्रकार ने हाफिज सईद पर पूछा सवाल तो पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने दिया ये रिएक्शन

पत्रकार ने पूछा, प्रधानमंत्री शरीफ कब आप सीमा पार से जारी आतंकवाद को रोकने जा रहे हैं? इस सवाल पर शरीफ को कोई जवाब नहीं देते बना और अपने प्रतिनिधिमंडल के साथ चुपके से निकल लिए.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Sep 25, 2026, 05:58 AM IST | Updated: Sep 25, 2026, 02:33 PM IST
Image Credit: (एएनआई)
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आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान का दोमुंहा चेहरा एक बार फिर बेनकाब हुआ है. न्यूयॉर्क स्थित यूएन मुख्यालय पहुंचे पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आतंकवादी हाफिज सईद को लेकर पूछे गए सवाल पर चुप्पी साधकर पल्ला झाड़ लिया. शहबाज शरीफ जब संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में दाखिल हो रहे थे, तब पत्रकारों ने पूछा, 'आप आतंकियों को पनाह देना कब बंद करेंगे?' लेकिन वो बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ गए. बाद में मुख्यालय से बाहर निकलते समय उनसे फिर पूछा गया, लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक और सरगना हाफिज सईद पर मुकदमा कब चलाएंगे? इस सवाल पर भी वो चुप्पी साधे रहे.

यानी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने 26/11 को हुए मुंबई आतंकी हमले के आरोपी हाफिज सईद को लेकर पूछे गए सवालों का कोई जवाब नहीं दिया. पिछले साल 2025 में भी वो इसी सवाल से कन्नी काटते हुए चुपचाप निकल गए थे.

भारत ने दिखाया आइना

इससे एक दिन पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर तीखा पलटवार किया था. भारत ने कहा कि पाकिस्तान को क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं और सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देने के बजाय अपनी कर्ज में डूबी अर्थव्यवस्था और विकास पर ध्यान देना चाहिए. 

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए भारतीय राजनयिक क्षितिज त्यागी ने पाकिस्तान के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों की जमीन पर नजर रखने या आतंकवाद फैलाने के बजाय अपने लोगों के विकास पर ध्यान देना चाहिए.

त्यागी ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई, विरोध प्रदर्शनों के दौरान हिंसा और भोजन, ईंधन तथा दवाओं जैसी जरूरी चीजों की कथित रोक का भी मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि परिषद में पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में जून से अब तक कई नागरिकों के मारे जाने, इस्लामाबाद और रावलपिंडी में छात्रों की गिरफ्तारी तथा जरूरी सामान रोके जाने की जानकारी दी गई है.

शहबाज शरीफ की छीछालेदर

इससे पहले, दुनिया के सबसे बड़े मंच से ये कहकर पाकिस्तान ने पूरे मुल्क की छीछालेदर करा ली थी कि अगर पाकिस्तान ने आतंकवादियों का सामना नहीं किया होता तो वे न्यूयॉर्क, लंदन और सुदूर पूर्व की सड़कों पर घूम रहे होते. यह पाकिस्तान के अंदर आतंकवादियों की भारी मौजूदगी की एक तरह से स्वीकारोक्ति जैसा है. शहबाज का बयान ये भी बताता है कि पाकिस्तान ने पहले आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह दी और अब हमेशा की तरह उन्हें रोकने के नाम पर अमेरिका और यूरोप से आर्थिक मदद मांग रहा है.

इस रवैये से ये साफ होता है कि पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को औपचारिक रूप से छोड़ने और लश्कर-ए-तैयबा व जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने की भारत की मांग को लगातार ठुकरा रहा है, ताकि बातचीत के रास्ते खुल सकें.

कौन है हाफिज सईद?

हाफिज मोहम्मद सईद पाकिस्तानी पंजाब के सरगोधा का रहने वाला है. भारत ने उसे गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत नामित आतंकवादी घोषित किया है. वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और 26/11 मुंबई आतंकी हमले के मामले में भारत को वांछित आरोपी है.

हाल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले की साजिश में भी पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा के ऑपरेटरों की भूमिका का आरोप लगाया है. एनआईए की पूरक चार्जशीट में हाफिज मोहम्मद सईद को आरोपी नंबर 8 बनाया गया है और हमले की बड़ी साजिश में उसकी कथित भूमिका का जिक्र किया गया है.

2025 में इसी जगह पर शहबाज शरीफ से यही सवाल पूछा गया था. तब भी वो पल्ला झाड़कर निकल गए थे. तब भी राइट टू रिप्लाई में इस्लामाबाद को करारा जवाब देते हुए भारत ने सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान का आतंकी चेहरा बेनकाब किया था. 

तब पाकिस्तान की कलई खोलते हुए भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत ने कहा था कि यह वही पाकिस्तान है जिसने पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार आतंकवादी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बचाया था. इसी पाकिस्तान ने आतंकी ओसामा बिन लादेन को दशकों तक पनाह दी, जब इस्लामाबाद खुद को आतंकवाद के खिलाफ युद्ध में शामिल बता रहा था.'

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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