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सर्बिया चुनावः छात्र आंदोलन के आगे 'पस्त' हुई 12 साल पुरानी सत्ता, नतीजों से पहले ही राष्ट्रपति ने मानी अपनी हार

छात्र आंदोलन के बीच सर्बिया में हुए आम चुनावों में बंपर वोटिंग देखने को मिली. छात्रों का गुस्सा 12 साल से सत्ता में काबिज 'सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी' (SNS) को भारी पड़ गया और नतीजे आने से पहले ही राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक ने मान लिया है कि उनकी हार हो चुकी है.

Written ByK. Raj Mishra
Published: Oct 26, 2026, 06:54 AM IST|Updated: Oct 26, 2026, 07:34 AM IST
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सर्बिया चुनावः छात्र आंदोलन के आगे 'पस्त' हुई 12 साल पुरानी सत्ता, नतीजों से पहले ही राष्ट्रपति ने मानी अपनी हार
Image Credit: सर्बिया आम चुनावों में बंपर वोटिंग से सत्ता में बदलाव!

About the Author

K. Raj Mishra

K. Raj Mishra

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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छात्र आंदोलन के बीच सर्बिया में हुए आम चुनावों में बंपर वोटिंग देखने को मिली. चुनाव सर्वेक्षकों और निगरानी संस्थाओं CeSID और इप्सोस (Ipsos) के अनुसार, शाम 7 बजे तक मतदान 67.6% रहा. इतनी बंपर वोटिंग ने 1992 का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया. चुनाव निगरानी संस्थाओं ने बताया कि यूगोस्लाविया के विघटन के बाद से सबसे अधिक मतदान हुआ है. छात्रों का गुस्सा 12 साल से सत्ता में काबिज 'सर्बियाई प्रोग्रेसिव पार्टी' (SNS) को भारी पड़ गया. ऐतिहासिक मतदान को देखते ही राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वुसिक ने अपनी हार स्वीकार कर ली. हालांकि, नतीजे अभी सामने नहीं आए हैं.  

नतीजों से पहले स्वीकारी हार

नतीजे आने से पहले ही वुसिक ने मान लिया है कि उनकी हार हो चुकी है. उन्होंने मीडिया के सामने आकर कहा कि इस चुनाव में 250 सदस्यों वाली संसद में स्टूडेंट लिस्ट को 135 से 140 सीटें मिलने की उम्मीद है, जबकि उनकी इलेक्टोरल लिस्ट को 105 सीटें मिल सकती हैं. उन्होंने कहा कि अभी नतीजे नहीं आए हैं, लेकिन यह तय है कि हम हार चुके हैं. उन्होंने आगे कहा कि इस चुनाव के बाद उनकी भूमिका एक सशक्त विपक्षी नेता के रूप में होगी. 

सत्ता से वुसिक की विदाई का जश्न

उधर, राष्ट्रपति वुसिक की इस घोषणा के बाद स्टूडेंट लिस्ट हेडक्वार्टर में भव्य जश्न मनाया गया.आंदोलन की सफलता से छात्र भावुक हो गए और उनके चेहरे पर खुशी के आंसू देखने को मिले. स्टूडेंट विंग के पार्लियामेंट्री कैंडिडेट राडोमिर साइसिक ने कहा कि शुरुआती रुझान दिखाते हैं कि लगभग सभी पोलिंग स्टेशनों पर हमारे कैंडिडेट पक्के तौर पर आगे चल रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह छात्रों की बड़ी जीत है. इस जीत के साथ ही सर्बिया में सभी को सम्मान और आजादी के साथ जीने की उम्मीद जगी है. अब सभी को न्याय मिला है. 

 

BREAKING NEWS: Students in Serbia have voted out their authoritarian leadership by winning the country's parliamentary election. They started with months of student protests against corruption and have translated street mobilisation into electoral legitimacy. https://t.co/Egj29ffIft

— Rinu Oduala (@SavvyRinu) October 25, 2026

 

जनता को पसंद आए नए चेहरे!

बता दें कि वुसिक एक दशक से अधिक समय से सर्बिया के प्रधानमंत्री और फिर राष्ट्रपति के तौर पर सत्ता संभाल रहे हैं. उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप हैं. करीब दो साल से छात्र उन्हें हटाने के लिए आंदोलन कर रहे थे. वुसिक की पार्टी के खिलाफ छात्रों ने यूनिवर्सिटी प्रोफेसर्स, एक्टर्स और किसानों को चुनाव लड़वाया था. नए चेहरों को भी जनता का काफी समर्थन मिला और छात्र आंदोलन के बीच हुए आम चुनावों ने वुसिक को सत्ता से बाहर कर दिया. 

ये भी पढ़ें- ट्रंप को झटका: ब्राजील में फिर लूला की वापसी, बोलसोनारो को पछाड़ चौथी बार बने राष्ट्रपति

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