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प्रोग्राम के बीच नोट आया, फिलीपींस के मंत्री ने चीन को खूब लताड़ा, सबके सामने ही पढ़ दिया लेटर

साउथ चाइना सी में चीन की हरकतों पर फिलीपींस के रक्षा मंत्री का गुस्सा फूट पड़ा. सियोल में चल रहे एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चीन को जमकर सुनाया.

Written By Rachit Kumar
Published: Sep 09, 2026, 10:08 AM IST | Updated: Sep 09, 2026, 10:59 AM IST
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साउथ कोरिया में मंगलवार को सियोल डिफेंस डायलॉग चल रहा था. मंच सजा हुआ था. दर्जनों देशों के अधिकारी और एक्सपर्ट्स के बीच सुरक्षा सहयोग को बढ़ावा देने की बातचीत इस फोरम में चल रही थी. विषय था बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच एक ज्यादा स्थिर इंटरनेशनल सिस्टम बनाने के तरीकों पर बातचीत करना. वहीं इस मंच से फिलीपींस के रक्षा मंत्री गिल्बर्टो टियोडोरो जूनियर ने साउथ चाइना सी को लेकर चीन को जमकर सुनाया.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, चर्चा के दौरान, टियोडोरो ने साउथ चाइना सी विवाद का जिक्र करते हुए कुछ देशों पर आरोप लगाया कि वे छोटे देशों के नुकसान की कीमत पर दुश्मनी और बेलगाम ताकत का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, जिसमें समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन' (UNCLOS) भी शामिल है, को बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया.

'संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेंगे'

उन्होंने दो टूक कहा कि फिलीपींस अपने इलाके या संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने वाली कार्रवाइयों का विरोध करना जारी रखेगा. उनके इन बयानों को मुख्य रूप से चीन के खिलाफ माना जा रहा है.

नोट देखकर बोले- लगता है चीन से आया है

जब थियोडोरो चीन को खरी-खरी सुना रहे थे, तो उन्हें दर्शकों में से किसी ने एक नोट थमाया. उसे थोड़ी देर देखने के बाद, थियोडोरो ने जोर से पढ़ने से पहले कहा, 'लगता है यह नोट चीन की तरफ से है.' खबरों के मुताबिक, नोट में कहा गया था कि 'तथाकथित मध्यस्थता का फैसला गैर-कानूनी और अमान्य है.' थियोडोरो ने जवाब में कहा, 'यह आपका दावा है.'

ऐसा लगता था कि यह नोट UNCLOS के तहत फिलीपींस की तरफ से लाए गए मामले में 2016 के मध्यस्थता फैसले का जिक्र कर रहा था. ट्रिब्यूनल ने अपनी 'नाइन-डैश लाइन' के तहत दक्षिण चीन सागर के बड़े हिस्से पर ऐतिहासिक अधिकारों के चीन के दावे को खारिज कर दिया था.

फैसला मानने से चीन ने कर दिया था इनकार

तब से चीन ने इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया है और पानी के बड़े हिस्सों पर अपना दावा जताना जारी रखा है, जिससे फिलीपींस की तरफ से दावा किए गए इलाकों में चीनी और फिलीपीन जहाजों के बीच बार-बार टकराव की स्थिति बनती रही है.

इसके बाद थियोडोरो ने एक और लाइन पढ़ी, जिसमें कहा गया था कि चीन ने न तो फैसले को स्वीकार किया और न ही उसे मान्यता दी; इस पर उन्होंने जवाब दिया, 'बेशक, क्योंकि आप हार गए थे.' उन्होंने आगे कहा कि अगर यह नोट चीन का पक्ष बताता है, तो इसका मतलब है UNCLOS को जमीन पर फेंकना और उसे पैरों तले रौंदना.' उन्होंने फोरम के मेजबान के तौर पर दक्षिण कोरिया को लेकर बुनियादी शिष्टाचार की कमी की भी आलोचना की. हालांकि, इस कार्यक्रम में चीन सरकार का कोई सीनियर अफसर शामिल नहीं हुआ.

हालांकि, यह तुरंत कन्फर्म नहीं हो पाया कि क्या ये नोट चीन की सरकार या फिर किसी डेलिगेशन के अधिकारी ने भेजा था. सियोल में चीन की एम्बेसी ने भी इस पर कोई जवाब नहीं दिया.

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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