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Shehbaz Sharif on Houthi Attack on Saudi Arabia: सऊदी अरब इन दिनों यमन के हूती विद्रोहियों के तीखे पलटवार का सामना कर रहा है. सऊदी की एयर स्ट्राइक के जवाब में वे भी उस पर मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहे हैं. जिससे उसे खासा नुकसान हो रहा है. इस हमले के बावजूद पाकिस्तान और तुर्किये की सेना सऊदी अरब की मदद के लिए नहीं पहुंची हैं, जबकि तीनों ने साझा सुरक्षा के लिए इसी साल मक्का डिफेंस पैक्ट साइन किया था. जिसमें प्रावधान है कि एक पर हमला तीनों देशों पर हमला माना जाएगा.
सऊदी को धोखा देने के बाद अब पाकिस्तान मीठी-मीठी बातें करके उसे पुचकारने में लगा है. पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने शुक्रवार रात संयुक्त राष्ट्र में सऊदी पर हमले की निंदा की. जबकि शनिवार को अरबी भाषा में एक्स पर पोस्ट करके कहा कि मक्का-मदीने पर हमला इस्लाम पर हमला है और वह इसे किसी भी हाल में सहन नहीं करेगा. डिफेंस एक्सपर्ट सवाल कर रहे हैं कि सैनिक भेजकर सऊदी अरब की मदद के बजाय 'निंदा-निंदा' खेलकर पाकिस्तान अपनी कलई खुद खोल रहा है कि वह भरोसे के काबिल नहीं है.
في كلمتي أمام الدورة الحادية والثمانين للجمعية العامة للأمم المتحدة، أعربت عن دعم باكستان للمملكة العربية السعودية، وعن تأييدنا للسلام في المنطقة.
• نجدد مرة أخرى إدانتنا بأشد العبارات الممكنة للهجمات الأخيرة المؤسفة التي شنها الحوثيون ضد المملكة العربية السعودية.
• إن محاولة…— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) September 26, 2026
शहबाज शरीफ ने एक्स पर लिखा, 'संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र से पहले अपने संबोधन में मैंने सऊदी अरब साम्राज्य के लिए पाकिस्तान के समर्थन और क्षेत्र में शांति के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को व्यक्त किया था. हम सऊदी अरब साम्राज्य के खिलाफ हूतियों द्वारा किए गए हालिया निंदनीय हमलों की कड़े से कड़े शब्दों में एक बार फिर पुरजोर निंदा करते हैं.'
मक्का पर ड्रोन हमले की निंदा करते हुए पाकिस्तानी पीएम ने लिखा, 'मक्का के पवित्र शहर पर ड्रोन हमला करने के प्रयास ने दुनिया भर के मुसलमानों में आक्रोश पैदा कर दिया है. दोनों पवित्र मस्जिदों (हरम शरीफ) की सुरक्षा और पवित्रता के लिए किसी भी खतरे को एक ऐसी लाल रेखा माना जाता है ,जिसे किसी भी परिस्थिति में पार नहीं किया जाना चाहिए. कोई भी मुस्लिम इस तरह के घिनौने कृत्य को करने की कल्पना करने की भी हिम्मत नहीं कर सकता.'
सऊदी के साथ कागजी सहानुभूति जताते हुए शहबाज शरीफ ने कहा, 'पाकिस्तान, जैसा कि वह अपने पूरे इतिहास में हमेशा करता आया है, भाईचारे वाले सऊदी लोगों के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़ा है. शांति के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता भाईचारे वाले देशों सऊदी अरब साम्राज्य, तुर्की और पाकिस्तान के बीच मक्का में हुए ऐतिहासिक संयुक्त रक्षा समझौते में भी झलकती है. यह गठबंधन किसी भी राज्य के खिलाफ लक्षित नहीं है बल्कि, यह क्षेत्र में रक्षा, स्थिरता और शांति के प्रति एक सामूहिक प्रतिबद्धता है.'
बताते चलें कि सऊदी अरब के रणनीतिक और धार्मिक ठिकानों पर हूतियों के ड्रोन-मिसाइल हमले लंबे समय से गंभीर चुनौती बने हुए हैं. हाल ही में इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मक्का पर हमले के प्रयास हुआ. हालांकि, हूतियों ने इस हमले में अपना हाथ होने से इनकार किया लेकिन इस अटैक ने पूरी दुनिया के मुसलमानों में आक्रोश पैदा किया.
इन हमलों के बाद सऊदी अरब ने पाकिस्तान और तुर्किये से सैन्य मदद मांगी लेकिन आश्वासन के अलावा उसे कुछ और नहीं मिला. अब शहबाज ने पाकिस्तान की पुरानी दोगली नीति पर चलते हुए इन हमलों की सबसे कड़े शब्दों में निंदा कर औपचारिकता पूरी कर ली.
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि कहना है कि न आज और न ही कल, पाकिस्तान अपने सैनिकों को कभी भी सऊदी में नहीं उतारेगा. ऐसा करने पर उसे सीधे ईरान के खिलाफ जंग का जोखिम है, जिसे वह कभी नहीं चाहता. यही वजह है कि सऊदी अरब को यह जंग अपने बल-बूते ही लड़नी होगी. मक्का पैक्ट के तहत पाकिस्तान-तुर्किये औपचारिकता करते हुए उसे हथियार बेचते रहेंगे और मिलिट्री ट्रेनिंग का ऑफर देते रहेंगे लेकिन इससे ज्यादा कुछ नहीं करेंगे.