'जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा संयुक्त राष्ट्र', सऊदी अरब ने UN में निकाली भड़ास; कहा- हूतियों के खिलाफ हो कार्रवाई
Saudi Arabia on Houthi Attack News: सऊदी अरब ने शनिवार को UN में जमकर भड़ास निकाली. उसने कहा कि संयुक्त राष्ट्र अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा है. उसने हूतियों के हमले से बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग भी की.
Saudi Arabia at UN on Houthi Attack: यमन के हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों ने सऊदी अरब को हिलाकर रख दिया है. ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से मालवाहक जहाजों का आना-जाना बंद कर रखा है. वहीं हूतियों ने अब लाल सागर से होकर होने वाले तेल व्यापार पर रोक लगा दी है. मक्का पैक्ट में शामिल पाकिस्तान और तुर्किये भी मीठी-मीठी बातें करने के अलावा कुछ नहीं कर रहे हैं. इससे तेल पर निर्भर सऊदी अरब बुरी तरह बिलबिला गया है. उसने न्यूयार्क में चल रही संयुक्त राष्ट्र आम सभा की बैठक में भी यह दुखड़ा रोया.
हूती विद्रोहियों के खिलाफ हो अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई- सऊदी अरब
सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि शिपिंग मार्गों को बाधित करने के प्रयास वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं. उन्होंने पश्चिम एशिया में प्रमुख जलमार्गों की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ज्यादा प्रयास करने की अपील की. साथ ही हूती विद्रोहियों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग भी उठाई.
'अपनी जिम्मेदारी निभाने में असफल रहा संयुक्त राष्ट्र'
बिन फरहान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा, 'अंतरराष्ट्रीय समुदाय शांति और सुरक्षा को खतरे में डालने वाली हर चीज़ का मुकाबला करने में अपनी ज़िम्मेदारियों को निभाने से अनुपस्थित रहा है. सऊदी अरब की शाही सल्तनत होर्मुज स्ट्रेट, बाब अल-मंदेब, लाल सागर और अदन की खाड़ी समेत सभी जगहों पर नौवहन की स्वतंत्रता चाहती है और इनकी सुरक्षा की गारंटी के महत्व पर जोर देती है.'
'होर्मुज में आवाजाही पर कोई टैक्स नहीं लगना चाहिए'
सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को बिना किसी शुल्क के उसकी युद्ध पूर्व स्थिति में वापस लौटना चाहिए. इस जलमार्ग का इस्तेमाल करने वाले जहाजों से किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लिया जाना चाहिए. ईरान पर निशाना साधते हुए बिन फरहान ने कहा कि किसी भी मुल्क को दूसरे देशों पर देश को अन्य देशों पर दबाव बनाने या उनके हितों को खतरे में डालने के लिए महत्वपूर्ण जलमार्गों का उपयोग नहीं करना चाहिए.
'फिलीस्तीन में दो-राष्ट्र सिद्धांत के जरिए ही शांति'
सऊदी विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में फिलीस्तीन का मुद्दा भी उठाया और कहा कि वह फिलीस्तीनियों को जबरन विस्थापित करने या मौजूदा यथास्थिति को बदलने के प्रयासों को खारिज करते हैं. उन्होंने कहा कि केवल दो-राष्ट्र समाधान के जरिए ही इस क्षेत्र में शांति स्थापित की जा सकती है. इजरायली बस्तियों का अवैध विस्तार अंतरराष्ट्रीय कानूनों का गंभीर उल्लंघन है, जिस पर रोक लगाई जानी चाहिए.