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'अब आतंकवादी देश मुझसे...?' जयशंकर ने पाक पत्रकार को इन 6 शब्दों में कर दिया ढेर, फिर मुस्कुराते हुए निकल गए

संयुक्त राष्ट्र (UN) में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद पर सवाल पूछ रहे पाकिस्तानी पत्रकार को दो-टूक जवाब देते हुए उसकी बोलती बंद कर दी. जानिए पूरा मामला और विदेश मंत्री की इस वायरल प्रतिक्रिया के बारे में.

'अब आतंकवादी देश मुझसे...?' जयशंकर ने पाक पत्रकार को इन 6 शब्दों में कर दिया ढेर, फिर मुस्कुराते हुए निकल गए
Image Credit: UNGA के गलियारे में जयशंकर की 'धाक', पाकिस्तानी रिपोर्टर ने पंगा लिया तो विदेश मंत्री ने 10 सेकेंड में कर दिया बेनकाब

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर मीडिया से बातचीत कर रहे थे. चर्चा भारत की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ चल रही अंतरराष्ट्रीय कोशिशों पर हो रही थी. इसी दौरान एक पाकिस्तानी पत्रकार ने ऐसा सवाल पूछा, जिससे माहौल अचानक गरमा गया. पत्रकार ने सवाल किया कि आपकी सरकार इस्लामाबाद में आतंकवाद फैलाना कब बंद करेगी? इस सवाल का अंदाज ऐसा था, जैसे आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान को एक ही कटघरे में खड़ा किया जा रहा हो.

सवाल सुनने के बाद जयशंकर ने बिना उत्तेजित हुए जवाब दिया. उनका अंदाज शांत था, लेकिन बात साफ थी. उन्होंने आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख दोहराते हुए पाकिस्तान की उस दलील पर सवाल खड़ा कर दिया, जिसमें वह खुद को भी आतंकवाद से प्रभावित देश बताता रहा है. जयशंकर का जवाब आते ही पत्रकार के सवाल का रुख ही बदल गया. जिस मुद्दे के जरिए भारत को घेरने की कोशिश की गई थी, उसी पर पाकिस्तान को जवाब देना पड़ गया.

 

 

महज 6 शब्दों के जवाब ने कर दिया ढेर

पाकिस्तानी पत्रकार के इस सवाल का जवाब देते हुए एस जयशंकर ने करारा पलटवार किया और कहा, 'मैं किसी आतंकवादी देश के सवालों का जवाब नहीं दिया करता. एस जयशंकर के 6 शब्दों के इस जवाब ने पाकिस्तानी पत्रकार को वहीं ढेर कर दिया.' आपको बता दें कि भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है. दिल्ली का कहना है कि आतंकवाद को किसी भी रूप में सही नहीं ठहराया जा सकता और इसके खिलाफ कार्रवाई में दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर भी भारत इसी रुख को लगातार सामने रखता रहा है.एस जयशंकर ने भी कई मौकों पर आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान पर सीधे सवाल दागे हैं. इस बार भी पाकिस्तानी पत्रकार के सवाल ने भारत को घेरने के बजाय आतंकवाद पर दोनों देशों के रुख का अंतर सामने ला दिया.

समुद्री जहाजों पर हमलों को लेकर जताई चिंता

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने समुद्री जहाजों और उनमें काम करने वाले नाविकों पर बढ़ते हमलों को गंभीर चिंता का विषय बताया है. संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान शुक्रवार को हुई एक बैठक में उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर हमले अब इक्का-दुक्का घटनाएं नहीं रह गई हैं. जयशंकर ने बताया कि दो दिन पहले एंटीगुआ और बारबुडा के झंडे वाले बल्क कैरियर एमवी केप डव (MV Cape Dove) पर ओमान की खाड़ी में हमला हुआ था. इस घटना में एक भारतीय नाविक की मौत हो गई थी. इससे करीब 10 दिन पहले पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर अल गया (El Gaya) को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में निशाना बनाया गया था. हमले के बाद उसका एक भारतीय क्रू सदस्य लापता हो गया.

काला सागर में भी हुए हमले

विदेश मंत्री ने काला सागर में हुई दो घटनाओं का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक 18 जुलाई को एमवी ओमोर्फी (MV Omorfi) पर रूसी क्षेत्रीय जल में हमला हुआ था. इसमें जहाज के मुख्य अधिकारी और भारतीय नागरिक की मौत हो गई.  इसके अगले दिन ओडेसा से रवाना हुए एमवी गोल्डन लियो (MV Golden Leo) को निशाना बनाया गया. इस घटना में चार भारतीय नाविकों की जान चली गई. जयशंकर ने कहा कि इन हमलों में सिर्फ भारतीय नागरिक ही प्रभावित नहीं हुए हैं. इस साल अलग-अलग देशों के नाविक भी ऐसी घटनाओं में मारे गए हैं.

समुद्री व्यापार पर बढ़ता खतरा

जयशंकर ने कहा कि काला सागर से लेकर लाल सागर और खाड़ी तक नागरिक जहाजों पर हमले बढ़ रहे हैं. इससे समुद्री व्यापार और उसमें काम करने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है. उन्होंने देशों से मिलकर ऐसे हमलों को रोकने के लिए कदम उठाने की अपील की. उनके मुताबिक पिछले कुछ महीनों में खाड़ी, लाल सागर और आसपास के समुद्री इलाकों में व्यापारिक जहाजों को लगातार निशाना बनाया गया है.

रोजाना 140 अरब डॉलर से ज्यादा का व्यापार

जयशंकर ने समुद्री मार्गों की अहमियत बताते हुए कहा कि दुनिया में हर दिन 140 अरब डॉलर से ज्यादा का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है. इसका 80 फीसदी से अधिक हिस्सा समुद्र के रास्ते होता है. दुनिया के व्यापारिक बेड़े में करीब 20 लाख नाविक काम करते हैं. इन नाविकों को जहाजों पर लंबे समय तक फंसे रहने, क्रू बदलने में देरी, घर लौटने में परेशानी और परिवार से लंबे समय तक दूर रहने जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक समुद्र में रहने से होने वाला मानसिक दबाव भी एक गंभीर समस्या है. मौजूदा अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय व्यवस्थाओं को मजबूत सहयोग की जरूरत है.

भारत और लाइबेरिया ने बनाया नया समूह

भारत और लाइबेरिया ने शिपिंग और समुद्री कर्मी (Shipping and Seafarers) की सुरक्षा को लेकर 'शिपिंग और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा और संरक्षा पर मित्रों का समूह' (Group of Friends on Safety and Security of Shipping and Seafarers) की शुरुआत की है. इस समूह में बड़े जहाज मालिक देशों के साथ ऐसे देश भी शामिल हैं जिनके पास बड़े शिपिंग रजिस्टर हैं या जो दुनिया के लिए बड़ी संख्या में नाविक उपलब्ध कराते हैं. जयशंकर ने कहा कि जहाज का झंडा, उसके मालिक का देश और उसमें काम करने वाले नाविकों की राष्ट्रीयता अलग-अलग हो सकती है. ऐसे में समुद्री हमलों से निपटने के लिए देशों के बीच तालमेल जरूरी है. भारत दुनिया में बड़ी संख्या में नाविक उपलब्ध कराने वाले देशों में शामिल है, जबकि लाइबेरिया के पास दुनिया का सबसे बड़ा शिपिंग रजिस्टर है.

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Ravindra Pratap Singh

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रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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