SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

PAK की टेररिज्म पॉलिसी: 'अमेरिका की लापरवाही US-भारत रिश्ते में बड़ी अड़चन...,' आतंकवाद पर न्यूयॉर्क में गरजे एस जयशंकर

S Jaishankar On Pakistan Terrorism: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान की ओर से आतंकवाद को समर्थन दिए जाने पर बात की. उन्होंने बिना उसका नाम लिए कहा कि ये देश आतंकवाद को अपनी पॉलिसी के तौर पर इस्तेमाल करता है.

Written By Shruti Kaul
Published: Sep 29, 2026, 01:10 PM IST | Updated: Sep 29, 2026, 01:24 PM IST
Join

S Jaishankar In New York: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने न्यूयॉर्क में एशिया सोसाइटी के एक इवेंट में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि आतंकवाद को लेकर भारत की च‍िंताओं के प्रत‍ि अमेर‍िका का असंवेदनशील होना दोनों देशों के संबंधों के लिए एक समस्या है.  

जयशंकर ने सीधे तौर पर बिना पाकिस्तान का नाम लिए एक पड़ोसी देश का जिक्र किया, जो आतंकवाद को अपनी पॉलिसी के तौर पर इस्तेमाल करता है. यह इशारा इस्लामाबाद की ओर साफ था. उनकी यह टिप्पणी पाकिस्तान के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बढ़ती नजदीकियों की आलोचना के तौर पर भी देखी गई है, जिसने पाकिस्तान की आतंकवाद से जुड़ी भूमिका को नजरअंदाज किया है.

आतंकवाद अपनाई गई पॉलिसी का हिस्सा: जयशंकर  


जयशंकर ने कहा,' शायद बेहद कम ऐसे देश होंगे, जिन्होंने उस तरह के आतंकवाद का सामना किया हो, जैसा हमने एक पड़ोसी देश से किया है. यह कई दशकों से जानबूझकर अपनाई गई पॉलिसी का हिस्सा रहा है.' उन्होंने कहा कि इसी वजह से आतंकवाद का मुद्दा भारत के लिए खास तौर पर अहम है. जयशंकर ने कहा क‍ि अगर कोई मुद्दा हमारे लिए इतना ज्यादा मायने रखता है और उसे लेकर पर्याप्त समझ, संवेदनशीलता या सहानुभूति नहीं है, तो मुझे लगता है कि इससे समस्या पैदा होती है. उन्होंने कहा,' अगर मेरी सबसे बड़ी चिंताओं में से किसी एक को मेरा साझेदार पूरी तरह नहीं समझता है, तो जाहिर तौर पर इसका असर रिश्तों पर पड़ता है.'

भारत और अमेरिका के रिश्ते में क्या है रुकावट? 


जयशंकर से न्यूयॉर्क में पूछा गया कि भारत और अमेरिका के रिश्तों को और बेहतर बनाने में कौन से मुद्दे रुकावट बन रहे हैं. इसपर उन्होंने जवाब देते हुए कहा कि व्यापार के अलावा आतंकवाद को लेकर भारत की चिंताओं के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता न होना भी एक अहम मुद्दा है. पाकिस्तान के मामले में ट्रंप ने आतंकवाद के मुद्दे से दूरी बना ली है, जो पिछली अमेरिकी सरकारों की नीति से अलग है.

आतंकवाद पर अमेरिका का रुख


एस जयशंकर ने कहा कि इससे पहले अमेरिका ने वैश्विक आतंकवाद को समर्थन देने में इस्लामाबाद की भूमिका को माना था. यह मुद्दा खास तौर पर 2001 में अल-कायदा के न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और वॉशिंगटन के पास स्थित पेंटागन पर हमलों के बाद चर्चा में आया था. इन हमलों में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल तब और बढ़े, जब अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन पाकिस्तान में रह रहा था और वहीं उसका पता चला. 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES