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Kyiv Drone Attack: रूस और यूक्रेन के आसमान में हफ्तेभर से घातक ड्रोन हमलों की बारिश हो रही है. मास्को के ताजा और ताबड़तोड़ हमलों के चलते कीव में मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ा है. अपने हमलों की तीव्रता बढ़ाते हुए रूस ने कीव पर लेटेस्ट जेट-पावर्ड ड्रोन गेरेन-5 से हमला किया. इसमें एक ड्रोन का टारगेट कीव की नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस की 100 साल पुरानी ऐतिहासिक इमारत बनी, जिसे भारी नुकसान पहुंचा. बिल्डिंग की ऊपर की दो मंजिलों में भयानक आग लग गई. जिससे वहां मौजूद स्टाफ जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आया. इन हमलों में एक मेडिकल सेंटर समेत कई अन्य इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है.
इस हमले का डरावना वीडियो सामने आया है. जिसमें देखा जा सकता है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि अंदर मौजूद वैज्ञानिक और कर्मचारी आग की लपटों और धुएं से बचने के लिए खिड़कियों से बाहर लटक रहे थे और किसी तरह बाहर कूदकर अपनी जान बचा रहे थे.
11 सेकेंड के एक वीडियो में हमले की भयावहता देखी जा सकती है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक नेशनल एकेडमी ऑफ साइंस पर हुए हमले में जिन दो लोगों की मौत हुई है, उसमें यूक्रेन के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख वलोडिमिर होर्बुलिन समेत कई अन्य लोग घायल हुए हैं. घातक हमले में उनके असिस्टेंट की मौत हो गई है.
यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के मुताबिक 24 घंटों में हुए हमलों में 9 लोगों की मौत हुई और 90 घायल हैं. इसी दौरान रूस ने कीव के अलावा ओडेसा की ओर जा रहे मालवाहक जहाजों और बंदरगाह को निशाना बनाने का दावा किया.
कीव से डरावनी तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं, जब रूस ने जेट-पावर्ड ड्रोन का इस्तेमाल करके यूक्रेन की नेशनल एकेडमी ऑफ़ साइंसेज़ को उड़ा दिया. pic.twitter.com/gV8MzXEmfS
— Shwetank Ratnamber (@swwetanksr) September 29, 2026
यूक्रेनी सेना के मुताबिक रूसी गेरेन-5 ड्रोन की रेंज करीब 960 किलोमीटर है. एंटी जैमर नेविगेशन सिस्टम से लैस गेरेन करीब 20,000 मीटर तक की ऊंचाई पर उड़ सकता है. इसकी रफ्तार भी पुराने ड्रोन से कहीं ज्यादा है. यह पलक झपकते ही 450 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकता है.
इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग प्रूफ इस ड्रोन को धोखा देकर सही दिशा से नहीं भटकाया जा सकता. तेज रफ्तार, ज्यादा ऊंचाई और लंबी दूरी की वजह से गेरेन-5 यूक्रेन की एयर डिफेंस के लिए नई चुनौती बन गया है.
उधर यूक्रेन ने मोर्चे पर तीन बस्तियों को वापस लेने की जानकारी दी है. पोलैंड ने भी रूसी ड्रोन-मिसाइल खतरे से निपटने के नियमों में बदलाव शुरू किया है.