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रूस पर 'ब्लैक डेथ प्लेग' का खतरा मंडरा रहा है. रूस के साइबेरिया में इरकुत्स्क एंटी प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट की 28 साल की रिसर्चर डार्या शिपिलोवा की गंभीर निमोनिया से मौत के बाद चिंता फैल गई है. उन्होंने टेस्ट ट्यूब टूटने की बात कही थी. फिलहाल, सैकड़ों लोग निगरानी में हैं. पूरे यूरोप में ब्लैक डेथ प्लेग' के फैलने की शुरुआत के साथ ही कई अस्पताल बंद कर दिए गए हैं और उन्हें क्वारंटीन किया जा रहा है. साइबेरिया में प्लेग फैलने की आशंका के चलते अब तक कुल 5 अस्पतालों को क्वारंटीन के लिए बंद किया गया है.
खबरों के मुताबिक, रूस में डार्या शिपिलोवा की 'प्लेग के एक अज्ञात प्रकार' से मौत होने के बाद मेडिकल सेंटरों को कम से कम तीन हफ्ते के क्वारंटीन के लिए बंद कर दिया गया है. इंडिपेंडेंट मीडिया आउटलेट 'बैकाल पीपल' की रिपोर्ट के अनुसार, रूस के इरकुत्स्क इलाके में अस्पतालों को तीन हफ्ते के क्वारंटीन के लिए बंद कर दिया गया है. लैब टेक्नीशियन डार्या शिपिलोवा की मौत के बाद यह कदम उठाया गया है. बताया जाता है कि उनकी मौत 'येर्सिनिया पेस्टिस' बैक्टीरिया वाली टेस्ट ट्यूब टूटने से हुई थी. यह बैक्टीरिया प्लेग का कारण बनता है, जो खास तौर से छोटे स्तनधारी जीवों और उनके पिस्सुओं में पाया जाने वाला एक गंभीर संक्रामक रोग है.
यह घटना 25 सितंबर को इरकुत्स्क एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट में हुई, जब वह सैंपल संभाल रही थीं. अब ऐसा लगता है कि बीमारी फैल रही है क्योंकि यह एक अस्पताल से बढ़कर पांच अस्पतालों तक पहुंच गई है. इरकुत्स्क के बड़े एल्युमीनियम प्लांट में अब मास्क पहनना जरूरी कर दिया गया है, ठीक वैसे ही जैसे कोविड के समय यूके में किया गया था.
अमेरिका के कुछ नेता अब मांग कर रहे हैं कि जब तक स्थिति साफ न हो जाए, तब तक रूस से आने-जाने वाली कमर्शियल हवाई यात्राओं को रोक दिया जाए. न्यूमोनिक प्लेग के शुरुआती लक्षण आमतौर पर संक्रमण के संपर्क में आने के 4 से 7 दिन बाद दिखाई देते हैं, और अभी माना जा रहा है कि लगभग 200 लोग निगरानी में हैं.
प्रभावित अस्पतालों में सिटी क्लिनिकल हॉस्पिटल नंबर 1, 3 और 10 के साथ-साथ इवानो-माट्रेनिनस्काया सिटी चिल्ड्रन्स क्लिनिकल हॉस्पिटल भी शामिल बताए जा रहे हैं. हेल्थकेयर सेक्टर के एक सूत्र का हवाला देते हुए, बैकाल पीपल ने रिपोर्ट दी है कि इरकुत्स्क में डॉक्टर पहले से ही खुलेआम प्लेग के बारे में बात कर रहे हैं.'
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि लगभग 200 लोग मेडिकल निगरानी में हैं और बताए गए किसी भी अस्पताल से किसी को भी बाहर जाने या रिश्तेदारों से मिलने की इजाजत नहीं है.