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अमेरिका के पोर्टलैंड में बिजली सप्लाई और पर्यावरण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है. वहां की बिजली कंपनी (पोर्टलैंड जनरल इलेक्ट्रिक) लगभग 46 करोड़ रुपये (5.5 मिलियन डॉलर) का एक बड़ा बिजली प्रोजेक्ट लगा रही है. इसके लिए 'फॉरेस्ट पार्क' के करीब 5 एकड़ इलाके से लगभग 400 पुराने पेड़ काटे जा सकते हैं. इस मामले में पर्यावरणविदों का आरोप है कि बंद कमरों में डील कर कुदरत को नुकसान पहुंचाया जा रहा है.
पेड़ों की कटाई और पर्यावरण के नुकसान की भरपाई के लिए बिजली कंपनी (PGE) ने 5.5 मिलियन डॉलर (करीब 45 करोड़ रुपये) देने की पेशकश की है. इस पैसे का इस्तेमाल फॉरेस्ट पार्क और आसपास के इलाकों को ठीक करने में किया जाएगा. इस पैसे के जरिए नमी वाले प्राकृतिक इलाकों (वेटलैंड्स) को दोबारा ठीक किया जाएगा. जंगलों में आग लगने के खतरे को कम करने की कोशिश होगी. इसके अलावा जंगली जानवरों की सुरक्षा भी इसमें शामिल है.
इस पूरे काम की निष्पक्ष जांच (समीक्षा) के लिए लगभग 2 करोड़ रुपये (2.5 लाख डॉलर) का अलग बजट रखा गया है. हालांकि, यह पैसा कहां और कैसे खर्च होगा, इसका आखिरी फैसला वहां के नगर निगम (सिटी हॉल) को ही लेना है.
यह प्रोजेक्ट क्यों जरूरी है?
बिजली कंपनी (PGE) का कहना है कि भीषण गर्मी या कड़ाके की ठंड में बिजली की मांग बहुत बढ़ जाती है, जिससे ग्रिड पर भारी दबाव पड़ता है. ऐसी स्थिति में बिजली गुल होने या खराबी से बचने के लिए 1,400 फीट लंबी एक नई हाई-वोल्टेज लाइन बिछाना जरूरी है. कंपनी की दलील है कि अगर यह काम नहीं हुआ, तो 2028 तक पोर्टलैंड के कई इलाकों में बड़े स्तर पर बिजली ठप (ब्लैकआउट) होने का खतरा पैदा हो जाएगा.
Ecoticias.com की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 55 हजार से ज्यादा घरों और दुकानों को बिना रुकावट बिजली देने के लिए यह प्रोजेक्ट बहुत जरूरी है.
पर्यावरण संगठन विरोध क्यों कर रहे हैं?
'फॉरेस्ट पार्क कंजरवेंसी' और 'बर्ड अलायंस ऑफ ओरेगन' जैसे कई बड़े पर्यावरण संगठनों ने इस समझौते को मानने से साफ इनकार कर दिया है. उनका आरोप है कि उन्हें बातचीत से बाहर रखकर बंद कमरों में गुपचुप तरीके से यह फैसला लिया गया, जिससे जनता के सामने पूरी सच्चाई नहीं आ पाई.
पर्यावरणविदों ने रखी ये 3 मांगें
आगे क्या होगा?
फिलहाल पार्क के पेड़ कटने से बचे हुए हैं, क्योंकि इस प्रोजेक्ट को नगर निगम (सिटी हॉल) से आखिरी हरी झंडी मिलना बाकी है. प्रशासन पहले कंपनी की नई अर्जी और तकनीकी रिपोर्ट की जांच करेगा. इसके बाद जनता की राय सुनने के लिए खुली बैठक (पब्लिक हियरिंग) होगी और स्वतंत्र जानकारों की सलाह ली जाएगी. बिजली की जरूरत और कुदरत को बचाने की इस खींचतान में आखिरी फैसला जनता की सुनवाई के बाद ही होगा.