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Situation in PoK Latest Updates: PoK में विरोध की आग एक बार फिर भड़क गई है. जिसे दबाने के लिए मुनीर एंड कंपनी ने सीधी फायरिंग कर दी है. अपने अधिकारों की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे लोग चीख-चिल्ला रहे हैं. वे पाकिस्तानी फौज से गोलियां ना मारने की गुहार लगा रहे हैं. लेकिन मुनीर का शूट-एंड-साइट वाला ऑर्डर है. जिस वजह से पाकिस्तान की सेना किसी की नहीं सुन रही है. PoJK के रावलकोट में लोगों के संहार की नई तस्वीर सामने आई है.
आरोप है कि पिछले 3 महीने से रावलकोट में धरने पर बैठे लोग मुजफ्फराबाद की तरफ बढ़ने की तैयारी कर रहे थे. जिन्हें रोकने के लिए उन पर सीधी फायरिंग कर दी गई. इस घटना में 6 लोगों के मारे जाने की खबर है.
दरअसल, पाकिस्तान के फील्ड मार्शल का कश्मीरियों पर गुस्सा इसलिए भड़का है क्योंकि विदेशों में रह रहे कश्मीरियों ने पाकिस्तानी फौज के खिलाफ विदेशों में धरने-प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं. न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय के बार कश्मीरियों के सांकेतिक शव रखकर पाकिस्तानी फौज का क्रूर चेहरा दिखाने की कोशिश की गई. जिससे मुनीर बुरी तरह चिढ़ गया और रावलकोट में निहत्थे कश्मीरियों पर ना केवल फायरिंग करवा दी बल्कि 20 से ज्यादा युवकों को गायब भी करवा दिया.
पाकिस्तान फौज की मुश्किल केवल यही नहीं है. पड़ोसी अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान भी पाकिस्तान की पोल दुनिया में खोलने में लगा है. असल में अब तक पाकिस्तान के आतंकी भारत में पकड़े जाते थे. लेकिन पहली बार मुल्ला मुनीर की साजिश अफगानिस्तान में बेनकाब हुई है. अफगान-तालिबान ने ना केवल मुनीर के ट्रेंड आतंकियों को पकड़ा बल्कि उनकी दुनिया के सामने परेड भी करा दी.
बतौर सबूत, तालिबान ने उसका वीडियो भी जारी किया. जिसमें शहर के बीचोंबीच पाकिस्तानी आतंकियों का जुलूस निकाला जा रहा है. कोशिश है कि पाकिस्तानी फील्ड मार्शल की ये करतूत पूरी दुनिया में वायरल की जाए. दावा है कि पाकिस्तान के इन आतंकियों को अफगानिस्तान में दहशत फैलाने के लिए भेजा गया था. लेकिन नूरिस्तान में घुसते ही अलर्ट तालिबानी जवानों ने इनपर हमला कर दिया. हमले में पाकिस्तान के 28 आतंकियों को मार गिराया गया, जबकि 32 को कैद कर लिया गया.
जानकारी के मुताबिक इन आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में गोला-बारूद और हथियार भी बरामद किए हैं. इन हथियारों में ऐसी-ऐसी राइफल मौजूद हैं, जिनका इस्तेमाल पाकिस्तान की सेना भी करती है. शुरुआती जांच में पता चला है कि मारे गए आतंकियों का संबंध इस्लामिक स्टेट यानी ISIS के साथ है.
बता दें कि ISIS के लड़ाकों का इस्तेमाल पाकिस्तानी सेना अपने मिशिलिया के तौर पर करती है. जिसकी वजह से तालिबान-अफगान नाराज हैं. ऊपर से पाकिस्तान, अफगानिस्तान पर लगातार एयर स्ट्राइक कर रहा है. जिससे तालिबान में गहरी नाराजगी है. अपनी कमजोर सेना के बावजूद वह उसका जोरदार जवाब दे रहा है. साथ ही, उसकी करतूतों को दुनिया के सामने एक्सपोज करने में भी लगा है.