इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन करके एक खास न्योता दिया. यह न्योता इजरायल के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वहां की एक खास मशाल जलाने के कार्यक्रम का था, जिसमें एक भारतीय फाइटर पायलट को शामिल होने के लिए वीआईपी इनविटेशन दिया गया. नेतन्याहू का यह कदम भारत और इजरायल के बीच लगातार मजबूत होते रिश्तों को साफ तौर पर दिखाता है.
प्रधानमंत्री मोदी ने इस खास इनविटेशन को स्वीकार करते हुए इजरायल का शुक्रिया अदा किया. लेकिन बात सिर्फ धन्यवाद तक सीमित नहीं रही. पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान एक बेहद मजबूत और स्पष्ट संदेश दिया. उन्होंने पूरी दुनिया को यह जता दिया कि भारत अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी आवाज और अपने रुख को लेकर कितना सतर्क और मजबूत है.
मैंने अपने मित्र, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की और उन्हें इज़राइल के स्वतंत्रता दिवस पर वीर भारतीय पायलट के साथ मशाल प्रज्वलित करने के लिए आमंत्रित किया। मोदी ने निमंत्रण के लिए मुझे धन्यवाद दिया और कहा कि ज़मीन पर और हवा में, भारत और इज़राइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ मिलकर लड़ रहे हैं। उन्होंने हमारे बीच के मज़बूत और वर्षों पुराने संबंधों की भी सराहना की। 🇮🇱🇮🇳
— Benjamin Netanyahu - בנימין נתניהו (@netanyahu) October 22, 2026
Received a phone call from Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu. We reviewed the sustained momentum in our bilateral ties and reaffirmed our commitment to further strengthening our partnership. We also exchanged views on recent developments in West Asia and underscored the urgent need to restore peace and stability in the region. @netanyahu
— Narendra Modi (@narendramodi) October 22, 2026
पीएम मोदी ने अपने संदेश में साफ कर दिया कि चाहे जमीन हो या आसमान, भारत और इजरायल आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़े हैं. यह सिर्फ दो देशों की सामान्य दोस्ती नहीं है, बल्कि आतंकवाद के खात्मे के लिए बनी एक बेहद मजबूत और अटूट पार्टनरशिप है. दोनों देश सालों से एक-दूसरे के साथ सुरक्षा और रक्षा के क्षेत्र में कदम से कदम मिलाकर चल रहे हैं.
दशकों पुरानी यह दोस्ती अब सिर्फ पारंपरिक कूटनीति (डिप्लोमेसी) तक सीमित नहीं रह गई है. यह एंटी-टेरर गेम की सबसे ताकतवर पार्टनरशिप में बदल चुकी है. पीएम मोदी के इस रुख ने ग्लोबल मैप पर भारत का दबदबा और सम्मान और बढ़ा दिया है. दुनिया भर में यह संदेश गया है कि भारत आतंकवाद से लड़ाई में कभी पीछे नहीं हटेगा और अपने साथी देशों का मजबूती से साथ देगा.