पाकिस्तान में फिर हंगामा: खैबर पख्तूनख्वा में गवर्नर शासन को लेकर घमासान, इमरान खान की पार्टी ने सरकार को दी चुनौती
PTI Demands Governer Rule In KP: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में केंद्र गवर्नर शासन लागू करने की मांग के बीच इमरान खान की पार्टी PTI ने सरकार से इस मांग को पूरा करने की चुनौती है. नेता का कहना है कि इससे स्थिति और बिगड़ सकती है.
Pakistan News: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KP) में केंद्र लगातार गवर्नर शासन लागू करने की मांग कर रही है. अब इस दबाव के चलते पाकिस्तान-तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने संघीय सरकार को इस कदम को आगे बढ़ाने की चुनौती दी है और चेतावनी भी दी कि इससे प्रांत में हालात और बिगड़ जाएंगे.
पार्टी नेता और पेशे से वकील नईम हैदर पंजुथा ने पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' से बात करते हुए कहा कि सरकार को गवर्नर शासन लागू करने की कोशिश करनी चाहिए. उन्होंने कहा ,' आप पहले ही लोगों का जनादेश चुरा चुके हैं, उनसे उनका दो-तिहाई बहुमत और आरक्षित सीटें छीन चुके हैं, हजारों राजनीतिक रूप से प्रेरित मामले दर्ज कर चुके हैं, इमरान खान समेत हजारों लोगों को जेल में डाल चुके हैं, घरों पर छापे मार चुके हैं, चादर और चारदीवारी की पवित्रता का उल्लंघन कर चुके हैं और बुशरा बीबी तथा इमरान खान की बहनों समेत महिलाओं को जेल में डाल चुके हैं.' उन्होंने चेतावनी देते हुए आगे कहा कि आपको अंदाजा नहीं है कि KP के लोग क्या कर सकते हैं. वे उठ खड़े होंगे और आपके गवर्नर शासन को उखाड़ फेंकेंगे.
'राजनीतिक कैदियों की रिहाई तक जारी रहेगा आंदोलन...'
पंजुथा ने कहा कि उनकी पार्टी PTI हकीकी आजादी यानी सच्ची आजादी के लिए अपने संघर्ष से कभी पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने कहा,' हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक संवैधानिक सर्वोच्चता और कानून का शासन बहाल नहीं हो जाता, इमरान खान समेत सभी राजनीतिक कैदियों को रिहा नहीं कर दिया जाता और लोगों के जनादेश का सम्मान नहीं किया जाता.' उन्होंने कहा कि हमारा संघर्ष तब तक खत्म नहीं होगा जब तक पाकिस्तान 'रियासत-ए-मदीना' के विजन में शामिल न्याय, समानता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर नहीं चलता.
संसद पर उठाए सवाल
पंजुथा ने दावा किया कि कोई भी धमकी, इमरजेंसी, गवर्नर शासन या राजनीतिक दमन PTI के संकल्प को नहीं तोड़ सकता और न ही उनकी आजादी की लड़ाई को दबाया जा सकता है. PTI के सांसद शाहिद खट्टक ने भी ऐसी संसद में बने रहने के मकसद पर सवाल उठाया है, जो उनके अनुसार, अपने ही सांसदों की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा भी नहीं कर सकती. उन्होंने कहा,' ऐसी संसद में बैठने का क्या फायदा जो अपने ही सांसदों की गरिमा और सुरक्षा की रक्षा भी नहीं कर सकती?'
PTI नेता का प्रस्ताव
PTI नेता ने कहा,' मेरा प्रस्ताव है कि हम विधानसभाओं से इस्तीफा दें और अपने संघर्ष को सड़कों पर ले जाएं. हम गिरफ्तारी से नहीं डरते. हम गोलियों, बंदूकों या किसी भी तरह के दबाव से नहीं डरते. हम इमरान खान के सिपाही हैं. हर हाल में जनसभा होगी और हम तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक इमरान खान रिहा नहीं हो जाते, राजनीतिक कैदी आजाद नहीं हो जाते, यह नाकाम सिस्टम बदल नहीं दिया जाता और संविधान की सर्वोच्चता और कानून का शासन बहाल नहीं हो जाता.' KP के गवर्नर फैसल करीम कुंडी ने 25 सितंबर 2026 को पेशावर में मीडिया से बात करते हुए बताया था कि PTI के विरोध मार्च से पहले प्रांत में गवर्नर शासन की संभावना पर बातचीत हुई थी. यह मार्च 27 सितंबर 2026 को होना था, लेकिन बाद में इसे 4 अक्टूबर 2206 तक के लिए टाल दिया गया.