'हिंदू देश का अटूट हिस्सा...' दिवाली पर बदला पाकिस्तान का रुख? शहबाज और जरदारी का अल्पसंख्यकों को खास पैगाम
दिवाली के मौके पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी द्वारा देश के हिंदू अल्पसंख्यकों को दिए गए शुभकामना संदेश और उनके बदले हुए रुख पर आधारित विशेष रिपोर्ट.
दिवाली के शुभ अवसर पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़र्दारी ने पाकिस्तान सहित दुनिया भर के हिंदू समुदाय को बधाई दी है. दोनों नेताओं ने अपने-अपने संदेशों में अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा, धार्मिक भाईचारे और देश में विविधता के महत्व को रेखांकित किया.
दिवाली रोशनी, खुशी और नई आशा का त्योहार है. इसे भगवान श्री राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या लौटने की खुशी में मनाया जाता है. पांच दिनों तक चलने वाले इस त्योहार में लोग अपने घरों की सफाई करते हैं, दीये जलाते हैं और सुख-समृद्धि के लिए धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करते हैं.
पीएम शहबाज शरीफ का शांति और सौहार्द का संदेश
प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने बधाई संदेश में कहा कि दिवाली का त्योहार हमें एक साथ मिलकर शांति से रहने का संदेश देता है. यह त्योहार एक उज्ज्वल, समृद्ध और उम्मीदों से भरे भविष्य का प्रतीक है.
- राष्ट्रीय ताने-बाने का अहम हिस्सा: प्रधानमंत्री ने हिंदू समुदाय को पाकिस्तान का एक अनमोल और अटूट हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि देश की अलग-अलग सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराएं हमारी समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं, और पाकिस्तान को इस विविधता पर गर्व है.
- संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकार: उन्होंने देश के संविधान का हवाला देते हुए दोहराया कि सरकार हर नागरिक के धार्मिक और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. चाहे किसी का धर्म, रंग या जाति कुछ भी हो, सभी को बराबर का अधिकार और सम्मान मिलेगा.
- समान अवसर और एकजुटता: शहबाज शरीफ ने कहा कि एक प्रगतिशील समाज वही है जो सभी संस्कृतियों का सम्मान करता है और अपने हर नागरिक को शिक्षा और रोजगार के बराबर मौके देता है. उन्होंने देशवासियों से आपसी भाईचारा, सहिष्णुता और समझ बढ़ाने की अपील की.
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राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का समानता पर जोर
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी दिवाली की बधाई देते हुए कहा कि रोशनी का यह पर्व बुराई पर अच्छाई, अंधेरे पर उजाले और निराशा पर आशा की जीत का प्रतीक है. यह त्योहार हमें सिखाता है कि हम अपनी दयालुता, समझदारी और देखभाल से दूसरों के जीवन में खुशियों की रोशनी ला सकते हैं.
- देश के विकास में हिंदू समुदाय का योगदान: राष्ट्रपति ने कहा कि पाकिस्तान का हिंदू समाज देश का अभिन्न अंग है. शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, जनसेवा, समाज कल्याण और कला के क्षेत्रों में हिंदू समुदाय का योगदान बेहद सराहनीय है.
- सभी के लिए बराबर का अधिकार: जरदारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पाकिस्तान अपने सभी नागरिकों का है. उन्होंने राष्ट्रपिता कायदे-आजम मोहम्मद अली जिन्ना के विजन को याद करते हुए कहा कि जिन्ना एक ऐसा देश चाहते थे जहां किसी के धर्म या जाति के आधार पर उसके अधिकारों से भेदभाव न हो.
- जिन्ना के सपनों का पाकिस्तान: उन्होंने कहा, 'कायदे-आजम का सभी को समान नागरिकता देने का वादा हमारे लिए एक पवित्र राष्ट्रीय संकल्प है. किसी भी पाकिस्तानी को अपने धर्म के कारण अपनी देशभक्ति साबित करने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए. यह देश उनका अपना घर है और इसका भविष्य संवारने में उनकी बराबर की भागीदारी है.'
- विवधता ही हमारी ताकत: राष्ट्रपति जरदारी ने लोगों से अपील की कि वे हर तरह के भेदभाव को मिटाकर एक-दूसरे के त्योहारों की खुशियों में शामिल हों. उन्होंने कहा कि देश की सांस्कृतिक विविधता हमारी कमजोरी नहीं, बल्कि हमारी सबसे बड़ी ताकत है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करना हम सभी की साझी जिम्मेदारी है.
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