)
पाकिस्तान में इस बार हिंदुओं की दिवाली फीकी हो गई है. पुलिस प्रशासन ने पटाखों की बिक्री पर रोक लगा दी है. पुलिस की इस कार्रवाई से हिंदुओं की बस्ती और कॉलोनियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है. खासकर कसूर इलाके में पटाखे बेचने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार करके पुलिस ने बड़ी तादाद में पटाखों की खेप जब्त की है.
हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि पटाखों पर बैन के ऐलान से उनकी दिवाली फीकी हो गई है. रोशनी के त्योहार में आतिशबाजी के बगैर सबकुछ फीका-फीका लग रहा है. हिंदू समुदाय के लोगों का कहना है कि तमाम जुल्मोसितम के बावजूद वो जैसे-तैसे खुद को बचा पाए हैं. अब उन्हें त्योहार मनाने से भी रोका जा रहा है. खुशियों के इजहार पर बैन लगने के बाद मन के मुताबिक दिवाली नहीं मना पाने के चलते हिंदू समुदाय ने भारी निराशा के साथ अपनी नाराजगी भी जताई है.
पाकिस्तान के पंजाब के कसूर में बसे हिंदू समुदाय का कहना है कि पुलिस द्वारा पटाखों के विक्रेताओं पर की गई कार्रवाई के कारण वो इस साल पारंपरिक उत्साह के साथ दिवाली नहीं मना पाए हैं. उनका ये भी कहना है कि झालर और लड़ियां लगाई हैं, लेकिन बिजली की कटौती के चलते वो ढंग से रोशनी भी नहीं कर पा रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि प्रशासन के आदेश के मुताबिक पटाखों के निर्माण, बिक्री और इस्तेमाल तीनों पर एहतियातन रोक लगाई गई है. हमने नियम तोड़ने पर सराय मुगल इलाके से दो पटाखा विक्रेताओं को गिरफ्तार करके पटाखों की भारी खेप जब्त की है.
दूसरी ओर, हिंदू समुदाय के सदस्यों का कहना है कि दिवाली उनका धार्मिक त्योहार है और पटाखों पर प्रतिबंध ने उनके उत्सव का मजा किरकिरा किया है. इसलिए कुछ इलाकों में स्थानीय अधिकारियों को पत्र लिखकर धार्मिक उद्देश्यों के लिए पटाखों की सीमित और सुरक्षित बिक्री की अनुमति देने की अपील की है, ताकि वे अपना त्योहार पारंपरिक तरीके से मना सकें.
पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी में बीते कुछ दशकों में भारी कमी देखने को मिली है. धर्मांतरण के जरिए यहां हिंदुओं की डेमोग्राफी बदल चुकी है. 1947 में आजादी के समय यहां बड़ी तादाद में हिंदू थे, लेकिन उन्हें निशाना बनाकर, प्रताड़ित करके उन्हें बेसहारा और बेदखल करके पहले उन्हें कमजोर किया गया और बाद में धर्मांतरण करके इस्लाम कबूल करने पर मजबूर किया गया. आज पाकिस्तान में मौजूद हिंदू दमघोटू माहौल में सांस ले रहे हैं.