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घर में नहीं दाने, चले बड़ी-बड़ी डींगें मारने...शेखी बघार रहा था पाकिस्तान, IMF के पूर्व डायरेक्टर ने ही खोल दी पोल

पाकिस्तान आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन के तौर पर नियुक्ति के ऐलान के बाद से बड़ी-बड़ी डींगें हांक रहा है. इसे ऐतिहासिक मील का पत्थर बता रहा है. लेकिन एक पूर्व आईएमएफ डायरेक्टर ने ही उसकी पोल खोल दी है.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 19, 2026, 06:57 AM IST | Updated: Oct 19, 2026, 07:29 AM IST
Image Credit: पाकिस्तान की आर्थिक हालत किसी से छिपी नहीं है.
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आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन के तौर पर जब से पाकिस्तान का अपॉइंटमेंट हुआ है, वह बड़ी-बड़ी डींगें हांक रहा है. वह इसे ऐतिहासिक मील का पत्थर बता रहा है. लेकिन भारत के पूर्व IMF एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने पाकिस्तान को आईना दिखाया है. उन्होंने कहा कि 2027 में IMF और वर्ल्ड बैंक बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के चेयरमैन के तौर पर पाकिस्तान का अपॉइंटमेंट प्रोटोकॉल है, पावर नहीं.

उन्होंने कहा कि चेयर हर साल रोटेट होती है और यह पूरी तरह से औपचारिक है. उन्होंने X पर लिखा, 'पाकिस्तान 2027 में IMF-वर्ल्ड बैंक एनुअल प्लेनरी का चेयरपर्सन होगा. यह चेयर पूरी तरह से औपचारिक है और हर साल रोटेट होती है. इस साल पैराग्वे, 2025 में काबो वर्डे. यह प्रोटोकॉल है, पावर नहीं.' पाकिस्तान ने आखिरी बार 1953 में यह भूमिका निभाई थी.

पाक बोला- ये ऐतिहासिक मील का पत्थर

पाकिस्तान के इकोनॉमिक अफेयर्स मिनिस्टर अहद खान चीमा को बैंकॉक में हुई एनुअल मीटिंग्स में होने वाला अध्यक्ष बताया गया. मंत्रालय ने इस अपॉइंटमेंट को 'ऐतिहासिक मील का पत्थर' बताया, और कहा कि इससे देश को ग्लोबल इकोनॉमिक चर्चाओं में योगदान देने और सदस्यों के बीच बातचीत को आसान बनाने में मदद मिलेगी.

इस रोल में फाइनेंस मिनिस्टर और सेंट्रल बैंक गवर्नर की मौजूदगी वाली कार्रवाई की अगुआई करना शामिल है. इससे पाकिस्तान को लोन देने के फैसलों पर कोई कंट्रोल नहीं मिलता. सुब्रमण्यम ने नवंबर 2022 और मई 2025 के बीच भारत के लिए IMF एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर काम किया. उन्होंने भारत की G20 और BRICS प्रेसिडेंसी के साथ तुलना को भी खारिज कर दिया.

उन्होंने कहा कि भारत की G20 प्रेसीडेंसी ने ग्लोबल इकोनॉमिक को-ऑपरेशन के एक बड़े फोरम के लिए एजेंडा सेट करने में मदद की, जबकि इसकी BRICS प्रेसिडेंसी ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं के प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाया.

पाकिस्तान को चाहिए लोन

उन्होंने तर्क दिया, 'पाकिस्तान की भूमिका एक सालाना मीटिंग की अगुआई करना है.' इस बीच, पाकिस्तान दो लोन प्रोग्राम के रिव्यू पर स्टाफ-लेवल एग्रीमेंट के बाद लगभग 1,13,98,72,20,000 रुपये के लिए IMF एग्जीक्यूटिव बोर्ड की मंजूरी का इंतजार कर रहा है.

यह बाहरी पेमेंट की जरूरतों को पूरा करने और इकोनॉमिक सुधारों को सपोर्ट करने के लिए 6,64,92,54,50,000 रुपये की एक्सटेंडेड फंड फैसिलिटी के तहत उधार ले रहा है. एक अलग 1,13,98,72,20,000 रुपये की रेजिलिएंस और सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी क्लाइमेट से जुड़े रिस्क से निपटने के लिए लंबे समय की फाइनेंसिंग देती है. पाकिस्तान को इस प्लेटफॉर्म की अध्यक्षता एक डिप्लोमैटिक प्लेटफॉर्म देती है क्योंकि वह IMF से फाइनेंशियल मदद मांग रहा है.

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About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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