North Korea Missile Test: नॉर्थ कोरिया ने शनिवार ( 2 सितंबर 2026) को अपने पूर्वी तट से दूर समुद्र की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागी. 'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी जानकारी साउथ कोरिया और जापान की ओर से दी गई. यह मिसाइल लॉन्चिंग साउथ कोरिया के उन आरोपों को खारिज करने के बाद बुई है, जिसमें सियोल ने कहा था कि नॉर्थ कोरिया की माइंस से उसके कई सैनिक घायल हुए हैं.
'रॉयटर्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, साउथ कोरिया की सेना ने एक बयान में कहा कि मिसाइल को शनिवार ( 3 अक्टूबर 2026) को सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर वॉनसेन क्षेत्र से दागा गया. इसने 700 किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय की. बयान में आगे कहा गया कि सियोल और वाशिंगटन टेस्टिगं के डीटेल्स को एनालाइज कर रहे हैं.
रिपोर्ट के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया की मिसाइल लॉन्चिंग को लेकर जापान के कोस्ट गार्ड फोर्स ने ने रक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए एक बयान में कहा कि यह एक बैलिस्टिक मिसाइल हो सकती है और ऐसा लगता है कि जैसे वह नीचे गिर गई है. उन्होंने जहाजों को सावधानी बरतने की चेतावनी दी है. साउथ कोरियाई सेना ने भी किसी भी तरह के मिसाइल टेस्टिंग पर निगरानी बढ़ाने की बात कही है. वह कुछ भी खुफिया जानकारी मिलने पर इसे अमेरिका और जापान के साथ शेयर करेगा.
साउथ कोरियाई ऑफिस की नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने मिसाइल लॉन्च के बाद की स्थिति का आकलन करने के लिए शनिवार को एक इमरजेंसी मीटिंग बुलाई और उसमें जानकारी देते हुए बताया कि नॉर्थ कोरिया ने इस साल अबतक 10 से ज्यादा बार मिसाइल टेस्ट किए हैं. सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि प्योंगयांग ने कई बार कहा है कि वह नए तरह के वेपन सिस्टम का परीक्षण कर रहा है. इनमें से कुछ परीक्षण नॉर्थ कोरिया के सियोल और वाशिंगटन के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास के विरोध प्रदर्शन के बाद हुए हैं.
नॉर्थ कोरिया ने यह मिसाइल टेस्टिंग तानाशाह किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग की ओर से शुक्रवार ( 2 अक्टूबर 2026) को जारी एक बयान के बाद की, जिसमें उन्होंने सियोल की मांग को खारिज कर दिया था. सियोल ने नॉर्थ कोरियाई माइंस के चलते उसके सैनिकों की हुई मौत के लिए माफी मांगने की मांग की थी. सियोल का कहना था कि इन खदानों के चलते दोनों देशों के बीच डिमिलिट्राइज जोन पर साउथ कोरियाई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए. साउथ कोरिया ने इस हफ्ते कहा कि नॉर्थ कोरियाई खदानों के चलते हुए विस्फोट के में कोरियन पेनिन्सुला के कई सैनिक गंभीर रूप से घायल हुए. सियोल स्थित 'सेजोंग इंस्टीट्यूट' के रिसर्च सेंटर के वाइस प्रेसीडेंट चियोंग सियोंग-चांग ने कहा कि यह मिसाइल टेस्ट प्योंगयांग की ओर से किम की बहन के बयान पर साउथ कोरिया से प्रतिक्रिया प्राप्त करने की एक कोशिश हो सकती है. उन्होंने आगे कहा कि ये भी हो सकता है कि नॉर्थ कोरिया ने एक नए तरह की मिसाइल का भी परीक्षण किया हो सकता है.