SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

अमेरिका में 'हैदराबादी बेटी' का डंका! 23 की उम्र में नबीला सैयद ने ढहा दिया ट्रंप की पार्टी का किला; बनीं सबसे युवा सीनेट

US Elections: भारतीय मूल की नबीला सैयद ने महज 23 साल की उम्र में अमेरिका के इलिनॉय चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ को ढहाकर इतिहास रच दिया. जानिए हैदराबाद से जुड़ी इस युवा मुस्लिम नेता के ऐतिहासिक राजनीतिक सफर के बारे में.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Nov 04, 2026, 10:10 PM IST | Updated: Nov 04, 2026, 10:18 PM IST
Image Credit: अमेरिका में टूटा मुस्लिम प्रतिनिधित्व का रिकॉर्ड, 82 उम्मीदवार जीते; 23 साल की नबीला बनीं स्टार
Join

अमेरिका के मिडटर्म इलेक्शन ने ग्लोबल पॉलिटिक्स में एक नया इतिहास रच दिया है. इस बार के चुनावी नतीजे न केवल अमेरिकी राजनीति की दिशा तय कर रहे हैं, बल्कि भारतीय समुदाय और मुस्लिम प्रतिनिधित्व के लिहाज से भी बेहद खास साबित हुए हैं. सबसे बड़ा और चौंकाने वाला परिणाम इलिनॉय राज्य से आया है, जहां महज 23 वर्ष की उम्र में इतिहास रचने वाली भारतीय मूल की नबीला सैयद ने रिपब्लिकन पार्टी के मजबूत गढ़ को ढहाकर अपनी जीत का परचम लहरा दिया.

इलिनॉय स्टेट असेंबली के चुनावों में यह सीट लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का पारंपरिक गढ़ मानी जाती रही थी. यहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पार्टी का दबदबा था. लेकिन नबीला सैयद ने इस कठिन चुनौती को स्वीकार किया और जमीनी स्तर पर मतदाताओं से सीधे संवाद की रणनीति अपनाई. उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, स्थानीय करों में राहत और नागरिक अधिकारों जैसे बुनियादी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया. मतदाताओं के साथ उनके जुड़ाव और जमीनी अभियान का ही परिणाम था कि रिपब्लिकन के मजबूत वोट बैंक में बड़ी सेंध लगी और नबीला ने एक ऐतिहसिक जीत दर्ज की.

इलिनॉय ने रचा इतिहास, सबसे कम उम्र की जनप्रतिनिधि

महज 23 वर्ष की उम्र में चुनाव जीतकर नबीला सैयद ने इलिनॉय स्टेट असेंबली के इतिहास में एक अनूठा रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज किया है. वे इस राज्य विधायिका में चुनी जाने वाली अब तक की सबसे कम उम्र की जनप्रतिनिधि बन गई हैं. उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि राजनीति में उम्र से अधिक दृष्टि, नीतियां और जनता से जुड़ाव मायने रखता है. एक युवा भारतीय-अमेरिकी महिला का इतनी कम उम्र में विधायी संस्था तक पहुंचना नए दौर की राजनीतिक सोच को दर्शाता है.

यह भी पढ़ेंः 'दोबारा हमला किया तो पलटवार बड़ा होगा': मिडटर्म चुनावों में हार के बाद ट्रंप को ईरान की खुली चेतावनी

कौन हैं नबीला सैयद, भारत से क्या है नाता?

नबीला सैयद का संबंध भारत के हैदराबाद शहर से है, जहां से उनके माता-पिता अमेरिका जाकर बस गए थे. अमेरिका में ही पली-बढ़ीं नबीला ने कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी, बर्कले से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की. उनकी इस सफलता पर न केवल इलिनॉय के निवासी, बल्कि भारत और दुनिया भर में मौजूद भारतीय समुदाय गर्व महसूस कर रहा है. उनकी जीत यह भी दिखाती है कि भारतीय मूल के लोग अब अमेरिका की राष्ट्रीय और स्थानीय राजनीति में नीति-निर्माता के रूप में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं.

मुस्लिम उम्मीदवारों की रिकॉर्डतोड़ सफलता

इस बार के यूएस मिडटर्म इलेक्शन की सबसे बड़ी हाइलाइट्स में से एक मुस्लिम समुदाय का राजनीतिक प्रतिनिधित्व भी रहा है. इन चुनावों में रिकॉर्ड तोड़ 82 मुस्लिम उम्मीदवार विभिन्न स्थानीय, राज्य और संघीय पदों पर निर्वाचित हुए हैं. यह आंकड़ा अमेरिकी इतिहास में मुस्लिम समुदाय के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है. इतनी बड़ी संख्या में विविध पृष्ठभूमि के मुस्लिम प्रतिनिधियों का चुना जाना अमेरिका के बदलते सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य और लोकतांत्रिक परिवेश का प्रमाण है.

बदलाव की नई बयार बना युवाओं के लिए प्रेरणा

नबीला सैयद की जीत और मुस्लिम उम्मीदवारों की यह सर्वकालिक रिकॉर्ड सफलता अमेरिकी राजनीति में विविधता, समावेशिता और युवा नेतृत्व की बढ़ती मांग को रेखांकित करती है.  23 वर्षीय नबीला ने यह दिखा दिया है कि यदि आपके पास स्पष्ट विजन और जनता की सेवा करने का इरादा हो, तो किसी भी बड़े राजनीतिक गढ़ को चुनौती दी जा सकती है. उनकी यह ऐतिहासिक यात्रा दुनिया भर के उन तमाम युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है, जो राजनीति के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहते हैं.

यह भी पढ़ेंः  जनता का बदला मिजाज, डेमोक्रेट्स का 'डबल' राज, व्यापार से लेकर वॉर तक ट्रंप के लिए कैसे बढ़ेंगी मुश्किलें?

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES