मार्को रुबियो की लव स्टोरी: कभी चीयर लीडर थीं जीनट; न्यूयॉर्क की गगनचुंबी इमारत पर ले जाकर पूछा था, ‘Will You Marry Me?’
मार्को रुबियो अपनी पत्नी के साथ भारत के दौरे पर आए हैं. इस दौरान उनके साथ उनकी पत्नी जीनट डौसडेब्स रुबियो भी आई हैं. इस मौके पर हम आपको इन दोनों की बेहद दिलचस्प लव स्टोरी के बारे में बताने जा रहे हैं.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अपने दूसरे भारत दौरे पर मुंबई पहुंच गए हैं. यहां उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात कर कई अहम मुद्दों पर चर्चा भी की. यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को और बेहतर बनाने के मकसद से की जा रही है. इस सफर के दौरान मार्को रुबियो के साथ उनकी पत्नी जीनट डौसडेब्स रुबियो भी आई हैं. मार्को रुबियो और उनकी पत्नी की प्रेम कहानी भी अपने आप में बेहद दिलचस्प है. जीनट पहले एक चीयर लीडर थीं, दोनों की मुलाकात बहुत कम उम्र में हो गई थी.
कौन हैं जीनट डौसडेब्स रुबियो?
जीनट का जन्म वैसे तो 5 दिसंबर 1973 को अमेरिका में हुआ था, लेकिन उनके माता-पिता कोलंबियाई मूल के थे. जब वो सिर्फ 6 साल की थीं, तो उनके माता-पिता अलग हो गए थे. वह तीन बहनों में से एक हैं और उनका परिवार कैथोलिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है.
जीनट भले ही अब सबसे ताकतवर देशों में से एक अमेरिका के विदेश मंत्री की पत्नी हैं, लेकिन उनका शुरुआती जीवन बहुत आम और साधारण महिलाओं की तरह रहा है. कॉलेज की पढ़ाई मुकम्मल करने के बाद बैंक में टेलर यानी ग्राहकों के लेन-देन से जुड़ा काम किया. उन्होंने फैशन डिजाइन की पढ़ाई भी की है.
चीयर लीडर के तौर पर किया काम
हालांकि, उनकी कहानी का सबसे दिलचस्प चैप्टर 1997 में शुरु हुआ. उन्होंने अमेरिका की फुटबॉल टीम 'Miami Dolphins' की चीयरलीडर के तौर पर काम शुरू किया. इस टीम के साथ जुड़ने से पहले, उनकी एक बहन एड्रियाना पहले से ही चीयरलीडर के तौर पर काम कर रही थीं. अपनी बहन की मदद से ही उन्होंने भी ट्रायल दिया था.
हमने अक्सर देखा है कि चीयर लीडर मैदान पर हजारों दर्शकों के बीच डांस करती हैं. जबकि यह काम सिर्फ इतना ही नहीं होता. इस काम को करने के लिए लगातार प्रैक्टिक, बॉडी फिटनेस, टीम के साथ तालमेल करना भी बनाए रखना होता था. यह काम भले ही खुले स्वभाव का नजर आता हो, लेकिन जीनट का कहना है कि वो बहुत शर्मीली हैं.
1990 में मिले थे मार्को रुबियो और जीनट
मार्को रूबियो से जीनट की मुलाकात चीयर लीडर बनने से पहले 1990 में हुई थी. इस दौरान जीनट की उम्र सिर्फ 17 साल थी और मार्को रुबियो को उम्र 19 बरस थी. जीनट ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि उन्हें मार्को रुबियो बाकियों से बहुत अलग लगे थे, उनका स्वभाव बहुत गहरा और आकर्षित करने वाला था.
दोनों की प्रेम कहानी में एक फिल्मी मोड़ तब आया जब मार्को ने लॉ की पढ़ाई पूरी करने के बाद 'एम्पायर स्टेट बिल्डिंग' के टॉप पर जीनट से कहा, 'Will you Maryy Me' यानी उन्होंने शादी के लिए प्रपोज किया. मार्को ने इस पल को यादगार बनाने के लिए यह जगह चुनी थी, क्योंकि यह जगह रोमांटिक फिल्मों न्यूयॉर्क की पहचान से जुड़ी हुई है. मजेदार बात यह है कि मार्को ने उन्हें अंगूठी तो पहनाई लेकिन फिर वापस भी ले लिया, क्योंकि उन्हें डर था कि इनती ऊंचाई से अंगूठी कहीं नीचे ना गिर जाए. खैर 27 अक्तूबर 1998 को फ्लोरिडा के कोरल गेबल्स में कैथोलिक रीति-रिवाज से शादी कर ली.
शादी के बाद परिवार पर दिया ध्यान
शादी के बाद जीनट ने चकाचौंध वाली लाइफ छोड़कर परिवार को प्राथमिकता देना बेहतर समझा. मार्को रुबियो जब फ्लोरिडा की राजनीति में दाखिल हो रहा थे, तब उनकी पत्नी जीनट ने एक तरफ से परिवार को संभाले रखा. जीनट ने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब उनके पति राजनीतिक गतिविधियों में व्यस्त रहते हैं, तो वह बच्चों को स्थिर पारिवारिक माहौल देने की कोशिश करती हैं. अभी इन दोनों को चार बच्चे हैं.
मार्को रुबियो के बच्चों को नाम
- डेनिएला (Daniella)
- अमांडा (Amanda)
- एंथनी (Anthony)
- डोमिनिक (Dominick)
जीनट अब सामाजिक कार्यों के लिए भी पहचानी जाती हैं. वह JDR Consulting की संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में काम करती हैं. यह संस्था दक्षिण फ्लोरिडा में परोपकारी संगठनों से जुड़े कामों में सहयोग करती है. इसके अलावा वह बच्चों के शोषण और मानव तस्करी के खिलाफ काम करना है.