SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

जंग के बीच ट्रंप का जुबानी प्रहार, 'मोहम्मद' नाम पर टिप्पणी से घमासान; ईरानी राष्ट्रपति पद का भी उड़ाया मजाक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति पद और मोहम्मद नाम की लोकप्रियता को लेकर मजाक उड़ाया. ट्रंप ने कहा कि अगर किसी के नाम को लेकर शक हो तो उसे मोहम्मद कह दो. मैंने कई बार ऐसा किया है और कभी गलत नहीं हुआ.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 17, 2026, 08:05 AM IST | Updated: Oct 17, 2026, 08:51 AM IST
Image Credit: ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति पद का मजाक उड़ाया है.
Join

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के राष्ट्रपति पद पर तंज कसते हुए मुसलमानों के बीच 'मोहम्मद' नाम की लोकप्रियता पर मजाक किया.

शुक्रवार को जॉर्जिया के डाल्टन में मौजूद भीड़ से ट्रंप ने कहा, 'अगर आपको मिडिल ईस्ट के किसी शख्स के नाम को लेकर कोई शक हो, तो बस 'मोहम्मद' कह दें. इसमें आपके सही होने के चांस लगभग 65% हैं. 'हैलो, मोहम्मद.' मैं सालों से ऐसा कर रहा हूं और कभी गलत नहीं हुआ.'

ट्रंप ने यह बात डाल्टन म्युनिसिपल एयरपोर्ट पर आयोजित एक रैली में ईरान के बारे में चर्चा करते हुए कही. ट्रंप 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म इलेक्शन के लिए रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए प्रचार में शामिल हुए थे.

बता दें कि मुस्लिम पुरुषों के सबसे आम नामों में से एक 'मोहम्मद' है. कई लोग अपने बेटों का नाम इस्लाम के संस्थापक पैगंबर मोहम्मद के नाम पर रखते हैं.

ट्रंप ने उड़ाया ईरान के राष्ट्रपति पद का मजाक

ट्रंप ने ईरानी नेतृत्व पर भी निशाना साधा और दावा किया कि कोई भी उस देश का राष्ट्रपति नहीं बनना चाहता. उन्होंने कहा, 'ईरान इकलौता ऐसा देश है, जहां कोई राष्ट्रपति नहीं बनना चाहता.' इसके बाद उन्होंने मजाक में 'मोहम्मद' नाम के कई लोगों से पूछा कि क्या वे यह काम करना चाहेंगे. मसूद पेजेशकियान 2024 से ईरान के राष्ट्रपति हैं.

हालांकि, ट्रंप के इस मजाक पर भीड़ की प्रतिक्रिया बहुत ठंडी रही. अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपना यह वादा भी दोहराया कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा. उनके ये बयान ऐसे मौके पर आए हैं, जब ईरान के खिलाफ शुरू हुए युद्ध को 7 महीने हो चुके हैं. इस अटैक का मकसद ईरान के एटमी कार्यक्रम को पूरी तरह से ठप करना था.

ट्रंप के बयानों की आलोचना

ट्रंप की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और मुस्लिम संगठनों की ओर से लगातार आलोचना हो रही है. उनका कहना है कि ट्रंप की बयानबाजी मुसलमानों, प्रवासियों और जातीय अल्पसंख्यकों का मजाक उड़ाती या उन्हें निशाना बनाती है.

मौजूदा मिडटर्म चुनाव प्रचार के दौरान, ट्रंप ने मुस्लिम और सोमाली मूल के अमेरिकियों पर अपने हमले तेज कर दिए हैं. इनमें डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से अमेरिकी सीनेट के उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद और मिनेसोटा की कांग्रेसवुमन इल्हान उमर शामिल हैं, जो एक सोमाली शरणार्थी के रूप में अमेरिका आई थीं.

'काउंसिल ऑन अमेरिकन-इस्लामिक रिलेशंस' की इस साल की शुरुआत में जारी एक वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका में बढ़ते 'इस्लामोफोबिया' (इस्लाम के प्रति डर या नफरत) के लिए, आंशिक रूप से ट्रंप प्रशासन की इमिग्रेशन विरोधी नीतियां और उनके कार्यकाल के दौरान फिलिस्तीन-समर्थक प्रदर्शनों पर की गई सख्त कार्रवाई जिम्मेदार है.
 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES