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जॉर्डन ने सोमवार (27 अक्टूबर) को सीरिया पर हवाई हमले किए. जॉर्डन ने यह एक्शन पिछले हफ्ते अपने देश के एक चर्च में हुए आतंकी हमले के जवाब में किया. जॉर्डन के हवाई हमले से सीरिया में कम से कम 7 लोगों की जान गई है. सीरियाई अधिकारियों ने जॉर्डन के इस हमले की निंदा की है. मृतकों में 3 बच्चे भी शामिल हैं. सीरिया ने इस हमले को धोखा बताया है.
दरअसल, शुक्रवार को जॉर्जन के करक प्रांत में एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में आतंकी हमला हुआ था. यहां पर चर्च में अंतिम संस्कार के दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी, जिसमें 9 लोगों की जान गई थी और एक दर्जन से अधिक लोग घायल थे. इस हमले पर जॉर्डन ने किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने दोषियों को सबसे कड़ी सजा देने की बात भी कही थी.
जॉर्डन की कुल आबादी 1.15 करोड़ की आबादी में करीब 3 लाख ईसाई हैं. इनमें से एक बड़ी आबादी करक प्रांत में रहती है. सीरिया पर एयरस्ट्राइक के बाद जॉर्डन की सेना का बयान सामने आया है. जॉर्डन की सेना ने कहा कि हवाई हमले के दौरान दक्षिण-पूर्वी हिस्से में आतंकी गुटों के ठिकानों को निशाना बनाया है.
हैरान करने वाली बात है कि जॉर्डन ने जॉर्डन ने सीरियाई सरकार के साथ तालमेल का दावा किया, लेकिन सीरिया की सरकार ने इस दावे को खारिज कर दिया और कहा कि बिना जानकारी के जॉर्डन ने ऑपरेशन को अंजाम दिया. सीरियाई सरकार ने यह भी कहा कि मामले की जांच की जा रही है. सीरिया के विदेश मंत्रालय का कहना है कि जॉर्डन ने धोखे से हमला किया.
जॉर्डन की ओर से किए गए हमले के बाद सीरिया ने एक्शन लिया और अपनी मुख्य 'नसीब क्रॉसिंग' को बंद कर दिया. यह दोनों देशों के बीच का मुख्य संपर्क मार्ग है, जिससे सीरिया और जॉर्डन के बीच व्यापार और यात्रियों की आसानी से आवाजाही होती है.
सीरिया के अधिकारियों का कहना है कि दारा और सुवेदा प्रांतों में चार जगहों पर हमले हुए हैं. दारा के अल-ताई गांव में इस हमले के कारण एक ही परिवार पांच लोगों की जान गई. मृतकों में एक पुरुष, एक महिला और 3 बच्चे शामिल हैं.
पिछले हफ्ते चर्च पर हुए चर्च पर हमले के बाद जॉर्डन का एक्शन अभी भी जारी है. जॉर्डन में सुरक्षा बलों ने चर्च पर आतंकी हमले के शक में अल-जदीदा गांव से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. करीब 3 घंटे तक चली भारी मुठभेड़ के बाद दो भाइयों और उनके जीजा को पकड़ा गया है. तीनों गंभीर रूप से घायल हैं.