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आग का तांडव: श्रीनगर में आधी रात राख हुईं 80 झुग्गियां, जिंदा जले 2 लोग

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में भीषण आग लगी, जिसके चलते 2 कूड़ा बीनने वाले लोगों की झुलसकर मौत हो गई. इस घटना में 80 झुग्गियां भी बुरी तरह जल गईं. घटना के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है.

Written By Khalid Hussain
Published: Nov 04, 2026, 10:42 AM IST | Updated: Nov 04, 2026, 11:00 AM IST
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Jammu-Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर से भीषण आग का मामला सामने आया है. यहां बेमिना इलाके के दुर्बल में 3 और 4 नवंबर 2026 की दरमियानी रात एक भीषण आग लग गई. इस हादसे में कबाड़ बीनने वाले 2 लोगों की मौत हो गई और लगभग 80 अस्थायी झुग्गियां जलकर राख हो गईं.

आग रात करीब 12 बजकर 23 मिनट पर लगी. यह लकड़ी और तिरपाल से बनी घनी झुग्गियों में तेजी से फैल गई.

मलबे में दबे 2 जले हुए शव 


इससे पहले कि अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री होने के कारण आपातकालीन सेवाओं को सूचना मिल पाती, आग ने पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया. पास ही स्थित एक खाली पोल्ट्री फार्म और वहां खड़ा एक टिपर भी आग और भीषण गर्मी की वजह से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए. JVC और रावलपोरा फायर स्टेशनों की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बाद में बटामालू स्थित फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज मुख्यालय से और भी मदद भेजी गई.

 श्रीनगर के डिप्टी डायरेक्टर कमांड और मोबिलाइजिंग ऑफिसर एजाज अहमद शाह, DFO सिटी और DFO मुख्यालय के समन्वय में, दमकलकर्मियों ने आग पर काबू पाने के लिए कई स्टेशनों की मदद से एक बड़ा अभियान चलाया. आग बुझने के बाद, खोज और बचाव दल को मलबे के नीचे दो जले हुए शव मिले.

किस कारण लगी आग? 


मृतकों की पहचान 27 साल के मोहम्मद नूर आलम (पिता: अब्दल वहाब, मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले, दुर्बल में रह रहे थे) और 16 साल के अल अमीन (पिता: मोहम्मद रफी, मूल रूप से दिल्ली के रहने वाले, फिलहाल कुपवाड़ा में रह रहे थे) के रूप में हुई है. दोनों स्थानीय स्तर पर कबाड़ बीनने का काम करते थे. फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की प्रक्रियाओं और घटनास्थल के निरीक्षण के बाद, कानूनी औपचारिकताओं के लिए शवों को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया गया. अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है, क्योंकि आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता लगाया जा रहा है.

कबाड़ वाले बिजनेस पर खड़ा संकट 


श्रीनगर में हुए इस हादसे के चलते कबाड़ वाले कारोबार से जुड़े कई लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं. इसके चलते बड़ी मात्रा में लोगों के पास रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. कई लोगों के पास तो अब रहने के लिए भी कुछ नहीं बचा है. फिलहाल पुलिस आग लगने की घटना का कारण पता लगाने की कोशिश कर रही है. इसके अलावा आग लगने से हुए भारी नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है.  
 

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About the Author

सैयद खालिद हुसैन जम्मू-कश्मीर के एक पुरस्कार विजेता पत्रकार हैं, जिन्हें 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है. साल 2014 से 'ज़ी न्यूज़' में चीफ  स्पेशल कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम कर रहे हैं.जी मीडिया से पहले हुसैन ने न्यूज़ 18 में नौ साल तक सीनियर कोरेस्पोंडेंट के रूप में काम किया. हुसैन ने अपने करियर की शुरुआत डीडी न्यूज से की थी. हुसैन ने अपनी तालीम श्रीनगर के पब्लिक स्कूल और डीएवी हाई स्कूल से हासिल की. फिर ग्रेजुएशन तक का सफ़र एस.पी हायर सेकेंडरी स्कूल और अमर सिंह कॉलेज से पूरा किया. उसके बाद मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के लिए दिल्ली के सर अरबिंदो इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से पूरी की. इसके अलावा हुसैन लेखक फ़िल्म/ वीडियो कैमरा का स्पेशल कोर्स एफटीआई पुणे से कर चुके हैं.  मुंबई और दिल्ली में कई साल काम करने के बाद 2004 में उन्होंने जम्मू-कश्मीर में काम करना शुरू किया. डीडी न्यूज़, डीडी कश्मीर, BAG फ़िल्म्स में फ्रीलांस काम किया. हुसैन पिछले दो दशक से भी ज्यादा समय से जम्मू-कश्मीर से जुड़े कई मुद्दों को बेहतरीन तरीके से कवर कर रहे हैं. लद्दाख से लेकर मुंबई तक हुसैन भारत के कई शहरों से रिपोर्टिंग कर चुके हैं.
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