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को-पायलट का प्रहार: 150 यहूदियों से भरे प्लेन को इजरायल उड़ाने को था तैयार; हमले के बाद क्या-क्या हुआ?

फ्लाईदुबई विमान में जैसे ही को-पायलट के हमले की खबर मिली, वैसे ही इजरायल एक्टिव हो गया. उसने अपने फाइटर जेट्स के जरिए विमान को उड़ाने की तैयारी भी कर ली थी. इस विमान में 150 से ज्यादा इजरायली नागरिक मौजूद थे.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 06, 2026, 06:45 AM IST | Updated: Oct 06, 2026, 07:07 AM IST
Image Credit: इजरायल ने विमान को उड़ाने की तैयारी भी कर ली थी.
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फ्लाईदुबई विमान में जैसे ही को-पायलट के पायलट पर अटैक की खबर मिलने के बाद इजरायल एक्शन में आ गया था. इजरायल ने उस विमान को मार गिराने की तैयारी भी कर ली थी, जिसमें 150 से ज्यादा इजरायली नागरिक सवार थे. इस मामले की जानकारी रखने वाले दो इजरायली सूत्रों ने सीबीएस न्यूज को यह जानकारी दी.

पिछले हफ्ते दुबई से उड़कर तेल अवीव आने वाली फ्लाइट में ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था. वह इजरायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर उसे क्रैश कराना चाहता था. लेकिन स्मित मच्छार ने बहादुरी से डटकर उसका सामना किया और उसका प्लान फेल कर दिया.

इजरायल में तय है प्रोटोकॉल

सूत्रों के मुताबिक, इजरायल में 9/11 जैसी संभावित घटना से निपटने के लिए पहले से ही एक तरीका तय है. प्लेन के 14,000 फीट नीचे गिरने के बाद, इजरायली वायु सेना ने कॉकपिट से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला. तुरंत एक पहले से बनी कमेटी को एक्टिव किया गया और एक कमांड सेंटर बनाया गया.

फाइटर जेट्स को भेजा गया और इजरायल का एयरस्पेस बंद कर दिया गया. लेकिन जब इजरायल को पता चला कि प्लेन उसके मुल्क से लगभग 400 मील दूर सऊदी अरब की ओर मुड़ गया है और सऊदी अरब ने भी अपने जेट्स भेज दिए हैं, तो इजरायल ने अपने जेट्स वापस बुला लिए.

..तो हवा में ही उड़ा दिया जाता विमान 

सूत्रों ने बताया कि अगर यह तय हो जाता कि प्लेन हाईजैक कर लिया गया है और हाईजैक करने वालों ने रेडियो पर कोई संपर्क नहीं किया और कोई मांग भी नहीं रखी, तो कमिटी रक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री को कॉल पर लेती.

प्रोटोकॉल के मुताबिक, इजरायल की ओर आ रही किसी संदिग्ध या अनियंत्रित उड़ान को हवा में ही मार गिराया जाना चाहिए, लेकिन यह फैसला सिर्फ प्रधानमंत्री ही ले सकते थे. सूत्रों ने CBS News को बताया कि अगर कोई संदिग्ध प्लेन इजरायल की मशहूर अजरीली बिल्डिंग्स, एयरपोर्ट या किसी अन्य अहम टारगेट से टकराता और सैकड़ों लोग मारे जाते, तो उसके मुकाबले पैसेंजर जेट को मार गिराना बेहतर समझा जाता.

हमलावर ने पहले ही बना ली थी योजना

एक इजरायली अधिकारी ने CBS News को बताया कि कैप्टन पर हमला करने वाले को-पायलट ने संयुक्त अरब अमीरात में पूछताछ के दौरान कहा कि उसने FlyDubai में नौकरी शुरू करने से पहले ही हमले की योजना बना ली थी. अधिकारी ने बताया कि जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, इस को-पायलट का इरादा बेन गुरियन एयरपोर्ट पर प्लेन को क्रैश करने का था. उन्होंने यह भी कहा कि वह पहले भी इजरायल की उड़ान भर चुका था.

मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार, इजरायल की शुरुआती जांच से पता चलता है कि हाईजैक की यह कोशिश शायद एक लोन-वुल्फ अटैक (अकेले शख्स का हमला) था. सूत्रों ने CBS News को बताया कि जांच जारी है और सभी पहलुओं पर गौर किया जा रहा है.

पायलट ने बहुत देर तक किया मुकाबला

प्लेन के कैप्टन ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने के लिए को-पायलट का काफी देर तक मुकाबला किया. इसके बाद इजरायली यात्रियों और फ्लाईदुबई के कर्मचारियों के एक समूह ने को-पायलट पर काबू पा लिया. प्लेन में मौजूद ड्यूटी पर न होने वाले दो पायलटों ने प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लिया और सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई.

सूत्रों ने CBS न्यूज को बताया कि अगर फ्लाइट 1073 एक निश्चित दूरी के भीतर आ जाती, तो इजरायल जांच के लिए जॉर्डन के एयरस्पेस में जेट्स भेजता. सूत्रों ने कहा कि इजरायली फाइटर पायलट कॉकपिट की जांच करने और स्थिति का पता लगाने के लिए पायलट से विज़ुअल संपर्क बनाने की कोशिश करने के लिए जितना हो सके उतना करीब जाते. फिर वे यात्रियों की स्थिति का पता लगाने के लिए केबिन के साथ भी ऐसा ही करते. अगर उन्हें घबराहट या अफरा-तफरी दिखती, तो वे अपनी जानकारी वायु सेना और पहले से बनी कमेटी को देते.
 

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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