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US से 40 हजार बम खरीदेगा गाजा को राख बनाने वाला इजरायल, ट्रंप ने तैयार किया हथियार पैकेज; कितने में हुई डील?

America To Send Weapon Package To Israel: गाजा-लेबनान में बमों की बौछार करने और सैकड़ों नागरिकों की हत्या करने वाले इजरायल को अमेरिका से बड़ी मदद मिलने वाली है. बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन इजरायल भेजने के लिए हथियार पैकेज बना रहा है. इसमें कौन-कौन से हथियार शामिल होंगे?

Written By Shruti Kaul
Published: Sep 16, 2026, 08:18 AM IST | Updated: Sep 16, 2026, 08:25 AM IST
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US-Israel Weapon Deal: पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन जैसे देश लंबे समय से युद्ध-संघर्ष झेल रहे हैं. वहीं, इस बीच अमेरिका जंग को बढ़ावा देने की पूरी कोशिश में जुटा है. वह दुनियाभर के कई देशों में हथियारों की बिक्री करने के मामले में सबसे आगे है. इसको लेकर मानवाधिकार विशेषज्ञों की चिंता बढ़ गई है.

'द वॉशिंगटन पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन इजरायल के लिए 2.8 अरब डॉलर ( लगभग 26,878 करोड़ रुपये) का हथियार पैकेज तैयार कर रहा है. इस पैकेज में 40,000 बम शामिल होंगे, जिनमें से हर एक का वजन 2,000 पाउंड (907 किलोग्राम) होगा.

इजरायल को भेजेगा हथियारों का पैकेज 


अमेरिका की ओर से इस प्रस्तावित पैकेज में 20,000 MK-84 बम, 20,000 BLU-117 बम और 20,000 I-2000 पेनेट्रेटर वॉरहेड शामिल हैं. ये हथियार अमेरिकी टैक्सपेयर्स के पैसे से खरीदे जाएंगे. MK-84 पश्चिमी देशों के सैन्य हथियारों के भंडार में सबसे ज्यादा तबाही मचाने वाले पारंपरिक हथियारों में से एक है. इसके धमाके से धातु के टुकड़े हजारों फीट दूर तक जा सकते हैं, यह मोटी कंक्रीट और धातु को भेद सकता है और जमीन पर बड़े गड्ढे बना सकता है.

गाजा में इजरायली बमों की बौछार 


बता दें कि इजरायल ने गाजा और लेबनान में बड़े पैमाने पर 2,000 पाउंड वाले बमों का इस्तेमाल किया है, जिससे बड़ी संख्या में आम नागरिकों की मौत हुई है. इजरायल ने गाजा में नागरिकों के लिए जिन इलाकों को सुरक्षित घोषित किया था, वहां भी उसने MK-84 बमों का इस्तेमाल किया. इसको लेकर इजरायल की खूब आलोचना भी हुई थी.  

रिकॉर्ड बनाएगा ट्रंप प्रशासन? 


अमेरिका की ओर से यह प्रस्तावित पैकेज, बाइडेन और ट्रंप दोनों ही प्रशासनों के दौरान इजरायल को भेजे गए 2,000 पाउंड वाले बमों की पिछली खेप से कहीं बड़ा होगा. यह 2025 में मंजूर की गई 2.04 अरब डॉलर की उस विवादित हथियार बिक्री से भी बड़ा होगा, जिसमें कांग्रेस की सामान्य समीक्षा प्रक्रिया को दरकिनार कर दिया गया था.  

अमेरिका का वेपन गेम


बता दें कि अमेरिका हर साल तकरीबन 318-319 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 27 लाख करोड़ रुपये) से ज्यादा की डिफेंस डील और हथियारों की बिक्री करता है. ये देश दुनिया का सबसे बड़ा वेपन्स एक्सपोर्टर है और ग्लोबल वेपन ट्रेड का तकरीबन 42 प्रतिशत से 43 प्रतिशत हिस्सा भी अमेरिका के पास ही है. साल 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, अमरीकी रक्षा कंपनियों ने सीधे तौर पर तकरीबन 00.8 बिलियन डॉलर और सरकार के जरिए तकरीबन 11.79 बिलियन डॉलर के हथियार बेचे.   

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ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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