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D-कंपनी पर UN को खरी-खरीः भारत ने खोली पाक की पोल, कहा- जहां लादेन मिला, दाऊद भी वहीं छिपा

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने डी-कंपनी को भारत-आधारित बताए जाने को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि इस आपराधिक संगठन और इसके सरगना दाऊद इब्राहिम को भारत ने 1993 में ही कई आतंकी हमलों के लिए मोस्ट वांटेड क्रिमिनल घोषित कर रखा है.

Written By K. Raj Mishra
Published: Oct 22, 2026, 11:48 AM IST | Updated: Oct 22, 2026, 12:02 PM IST
Image Credit: संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी (Photo- ANI)
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भारत में कई आतंकी हमलों की साजिश रचने वाले मोस्ट वांटेड क्रिमिनल दाऊद इब्राहिम को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र को जमकर लताड़ लगाई. दरअसल, संयुक्त राष्ट्र के स्पेशल रैपोर्टियर ने दाऊद की 'डी-कंपनी' को भारत आधारित आपराधिक समूह बताया था. भारत ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई. संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव रघु पुरी ने ना सिर्फ संयुक्त राष्ट्र के दावे को खारिज किया, बल्कि उसे भ्रामक जानकारी नहीं फैलाने की सलाह दी. रघु पुरी ने UN से साफ कहा कि यह स्वीकार नहीं होगा. उन्होंने कहा कि इस तरह की गलत रिपोर्ट से संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्था की छवि को भी नुकसान पहुंचता है.

दाऊद पर पाकिस्तान की पोल खोली

पुरी ने पाकिस्तान की पोल खोलते हुए कहा कि भारत में दहशत फैलाने वाले मोस्ट वांटेड अपराधी दाऊद इब्राहिम को पड़ोसी देश ने पनाह दे रखी है. उन्होंने कहा कि दाऊद ने डी-कंपनी नाम से एक संगठित आपराधिक संगठन बनाकर भारत में काफी दहशत मचाई है. भारत ने दाऊद को भगोड़ा घोषित कर रखा है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बार उसके प्रत्यर्पण की मांग कर चुका है. इसके बावजूद पकिस्तान के कराची शहर में वह पूरी सुरक्षा के बीच रह रहा है. 

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट पर कड़ी आपत्ति

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में बैठकर वह (दाऊद) भारत में आतंक फैलाने की साजिश रचता है और इस पर वैश्विक संस्थाएं चुप्पी साधे बैठी हैं, जोकि बिल्कुल भी सही नहीं है. पुरी ने संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी कहा कि आतंकवाद और चरमपंथ को बढ़ावा देने वालों को बचाने की कोशिश करना सही नहीं है. यह मानवाधिकार के नियमों का उल्लंघन होगा और इससे संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्था पर ही सवाल उठेंगे.

जहां लादेन मिला, वहीं दाऊद भी छिपा 

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट का खंडन करते हुए रघु पुरी ने कहा कि दाऊद भी वहीं छिपा हुआ है, जहां कभी लादेन मिला था और मारा गया था. उन्होंने कहा कि SR (विशेष प्रतिवेदक) की तथ्यात्मक गलतियों वाली रिपोर्ट को भारत स्वीकार नहीं कर सकता है और 'डी-कंपनी' जैसे आपराधिक संगठन के लिए उनके देश को जवाबदेह नहीं ठहराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि डी-कंपनी का सरगना दाऊद इब्राहिम, 1993 से ही भारत में हुए कई आतंकी हमलों के मामलों में वांछित है और भारत के आग्रह पर ही उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है.

UN ने गलत तथ्य पेश किए- भारत

उन्होंने कहा कि रिपोर्ट में यह भी नहीं बताया गया कि दाऊद इब्राहिम भारत के बाहर रहता है और भारत उसे लंबे समय से आतंकवादी के रूप में तलाश रहा है. इस तथ्य का जिक्र न करना दुर्भाग्यपूर्ण है. पुरी ने सॉल की उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें साल 2003 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी डी-कंपनी के सरगना दाऊद इब्राहिम को अलकायदा आतंकियों की लिस्ट में शामिल किया था. सुरक्षा परिषद की 1267 प्रतिबंध व्यवस्था के तहत जारी आधिकारिक विवरण में यह बात साफ तौर पर दर्ज है, लेकिन सॉल ने इसे अपनी रिपोर्ट में शामिल नहीं किया.

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About the Author

कर्मराज मिश्रा ज़ी न्यूज (डिजिटल) टीम में बतौर चीफ सब एडिटर कार्यरत हैं. वे यहां देश-विदेश की राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लिखते हैं. कानपुर यूनीवर्सिटी से पत्रकारिता में मास्टर की डिग्री हासिल करके IBN-7 न्यूज चैनल से इंटर्नशिप की. इसके बाद खबर फास्ट, नेशन लाइव और साधना न्यूज न्यूज चैनलों में काम करने के बाद डिजिटल का रुख किया और 2017 से 2020 तक हिंदुस्थान समाचार न्यूज एजेंसी में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. इसके बाद News Nation, India Ahead के बाद वर्तमान में Z Media का हिस्सा हैं. मीडिया में 10 साल के कार्यकाल के दौरान यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़ और दिल्ली विधानसभा चुनावों के अलावा 2019 और 2024 का लोकसभा चुनाव कवर किया है.
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