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इमरान खान के मार्च से पाकिस्तान में मचेगा आर्थिक तूफान? रोज 120,000,000,000 का नुकसान, दिहाड़ी मजदूर से कारोबार तक असर

पाकिस्तान में 27 सितंबर को पीटीआई के इस्लामाबाद मार्च से पहले इमरान खान की बहन अलीमा खान को गिरफ्तार कर लिया गया है. वित्त मंत्री ने चेतावनी दी है कि प्रदर्शनों से रोज 120 अरब रुपये का आर्थिक नुकसान हो सकता है.

 इमरान खान के मार्च से पाकिस्तान में मचेगा आर्थिक तूफान? रोज 120,000,000,000 का नुकसान, दिहाड़ी मजदूर से कारोबार तक असर

पाकिस्तान में 27 सितंबर को होने वाले पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के विरोध प्रदर्शन से पहले राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है. इसी माहौल के बीच लाहौर में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

पीटीआई ये प्रदर्शन इमरान खान की रिहाई और देश में बड़े संवैधानिक सुधारों की मांग को लेकर आयोजित कर रही है. लाहौर में हुई इस गिरफ्तारी के बाद पीटीआई समर्थकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है.

अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान की आशंका

पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने टीवी पर प्रसारित अपने एक बयान में देश को होने वाले बड़े आर्थिक नुकसान की चेतावनी दी है.

उन्होंने योजना आयोग के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इन विरोध प्रदर्शनों और धरनों के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को रोजाना लगभग 120 अरब रुपये का नुकसान झेलना पड़ सकता है.

इस नुकसान का सबसे बड़ा असर देश के सर्विस सेक्टर पर पड़ेगा, जहां हर दिन करीब 86 अरब रुपये के कारोबार का नुकसान हो सकता है.

उद्योग और कृषि क्षेत्र पर भी पड़ेगा असर

वित्त मंत्री के अनुसार, इस राजनीतिक अस्थिरता से देश के औद्योगिक क्षेत्र को करीब 25 अरब रुपये और कृषि क्षेत्र को लगभग 9 अरब रुपये का दैनिक नुकसान उठाना पड़ेगा.

इसके अलावा, सरकार को मिलने वाले राजस्व में भी प्रतिदिन 17 अरब रुपये की गिरावट आने की संभावना जताई गई है.

औरंगजेब ने इस स्थिति को खुद को पहुंचाई जाने वाली चोट करार दिया और कहा कि इसका सबसे ज्यादा खामियाजा आम नागरिकों, छोटे व्यापारियों और रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों को भुगतना पड़ेगा.

पीटीआई और सरकार के बीच तनातनी

पीटीआई ने 27 सितंबर को पूरे देश से कार्यकर्ताओं को इस्लामाबाद की तरफ कूच करने का आह्वान किया है. पार्टी का कहना है कि वे संविधान की सर्वोच्चता और अपने नेता की रिहाई के लिए आंदोलन जारी रखेंगे.

दूसरी ओर, सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी प्रदर्शनकारी को राजधानी इस्लामाबाद में प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी.

इस्लामाबाद हाईकोर्ट के आदेशों का हवाला देते हुए गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने कहा कि किसी को भी राजमार्गों को बंद करने या आम जनता की आवाजाही रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है.

राजधानी में कड़ी सुरक्षा और तैयारियां

विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए प्रशासन ने इस्लामाबाद और रावलपिंडी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करना शुरू कर दिया है. सड़कों और मुख्य रास्तों को ब्लॉक करने के लिए बड़े-बड़े कंटेनर मंगवाए जा रहे हैं.

इसके साथ ही अतिरिक्त पुलिस बल और आंसू गैस के साथ दंगा रोधी उपकरणों का भारी बंदोबस्त किया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि शहर में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है.

जमात-ए-इस्लामी का भी अलग प्रदर्शन

पाकिस्तान में केवल पीटीआई ही नहीं, बल्कि जमात-ए-इस्लामी भी सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरी हुई है. जमात-ए-इस्लामी ने सरकार द्वारा लगाए गए भारी पेट्रोलियम लेवी के खिलाफ इस्लामाबाद की ओर अपना अलग मार्च शुरू कर दिया है.

पार्टी प्रमुख हाफिज नईमुर रहमान ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने पेट्रोल पर लग रहे 114 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लग रहे 100 रुपये प्रति लीटर के टैक्स को वापस नहीं लिया, तो उनका आंदोलन और तेज कर दिया जाएगा.

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About the Author

Harsh Singh

Harsh Singh

हर्ष सिंह जी न्यूज डिजिटल में एक अनुभवी और धारदार शैली के पत्रकार हैं. उन्होंने मार्च 2024 में जी न्यूज जॉइन किया था. वर्तमान में हर्ष धर्म और ज्योतिष से जुड़ी खबरों की खास कवरेज कर रहे हैं. वे देश-दुनिया के धार्मिक आयोजनों, अध्यात्म और ज्योतिषीय गणनाओं से जुड़े जरूरी अपडेट्स दर्शकों तक पूरी सटीकता के साथ पहुंचाते हैं. हर्ष को उनकी फैक्ट-आधारित और भरोसेमंद लेखन शैली के लिए जाना जाता है.बनारस के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट-ग्रेजुएशन करने वाले हर्ष अपनी पूरी ऊर्जा और समझ के साथ धर्म-कर्म और ऐस्ट्रो की दुनिया के खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं.अगर आप हर्ष सिंह से संपर्क करना चाहते हैं या उनसे जुड़ा कोई सुझाव साझा करना चाहते हैं, तो उन्हें इस ईमेल आईडी पर लिख सकते हैं: Harsh.singh@India.com
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