हूती विद्रोहियों के हमलों से फिर दहला सऊदी अरब, रियाद एयरपोर्ट पर अटैक, खाली कराया गया परिसर; एयर ट्रैफिक डायवर्ट
Houthi Rebels Attack Riyadh Airport: हूती विद्रोहियों के हमलों से सऊदी अरब फिर दहल गया है. रियाद एयरपोर्ट पर अटैक होने के बाद परिसर को खाली करा लिया गया है. साथ ही, एयर ट्रैफिक को दूसरे शहरों की ओर डायवर्ट किया गया है.
Houthi Rebels Attack Riyadh Airport Updates: पश्चिम एशिया में तुर्किये और पाकिस्तान के साथ मक्का डिफेंस पैक्ट करने के बावजूद सऊदी अरब की हालत पस्त है. यमन के हूती विद्रोही जब चाहे, उसके ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमला कर रहे हैं. न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब की राजधानी रियाद के एयरपोर्ट पर फिर से हमला हुआ है. अटैक के बाद हवाई यातायात रोककर एयरपोर्ट को खाली करा लिया गया है.
अटैक के बाद सऊदी ने जारी किया अलर्ट
हूतियों के हमले के बाद प्रशासन ने यात्रियों के लिए एक शॉर्ट अलर्ट जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले एयरलाइंस से संपर्क करके अपनी फ़्लाइट के बारे में पक्का कर लें. इसके साथ ही लोगों को बाहर निकलने से बचने और घरों में सतर्क रहने को भी कहा गया है.
इस हफ्ते कई बार हो चुके हैं हूतियों के हमले
बताते चलें कि हूतियों ने इस हफ्ते रियाद के किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को कई बार निशाना बनाया है. इससे पहले गुरुवार को भी हवाई अड्डे पर मिसाइल मारी गई थी, जिसमें एक पायलट समेत सऊदी के तीन नागरिकों की मौत हो गई थी. हमले के बाद हूती विद्रोहियों ने अटैक की जिम्मेदारी थी. हालांकि, शनिवार को हुए अटैक पर हूतियों की ओर से अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है.
पश्चिमी एशिया में खुल चुका है नया मोर्चा
रियाद पर हमले ऐसे वक्त में तेज हुए हैं, जब यमन में हूथी विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकारी फ़ोर्स के बीच लड़ाई तेज़ हो गई है. सऊदी के नेतृत्व वाला गठबंधन सरकारी फोर्स को हवाई मदद दे रहा है, जिससे रेड सी के पास हूती विद्रोहियों की ओर से कब्जाए गए इलाकों को वापस लिया जा सके. वहीं इस पलटवार करते हुए हूती विद्रोही सऊदी अरब की तेल कंपनियों और हवाई अड्डों को निशाना बना रहे हैं.
मक्का पैक्ट भी सऊदी को हमले से नहीं बचा पा रहा
खास बात ये है कि सऊदी पर ये हमले ऐसे वक्त में हो रहे हैं. जब उसने इसी साल अगस्त में तुर्किये और पाकिस्तान के साथ मक्का डिफेंस पैक्ट साइन किया था. इस पैक्ट में प्रावधान है कि एक मुल्क पर हमला तीनों पर हमला माना जाएगा. लेकिन इस पैक्ट के बावजूद तुर्किये और पाकिस्तान अभी तक सऊदी के फेवर में खुलकर जंग में नहीं आए हैं. वे मौखिक समर्थन तो दे रहे हैं लेकिन अपने सैनिकों को सऊदी की जमीन पर उतारने से हिचक रहे हैं. ऐसे में कई लोग इस पैक्ट की व्यावहारिकता पर सवाल भी उठा रहे हैं.