सऊदी अरब के एयरस्पेस पर बड़ा संकट: हूती विद्रोहियों ने मानवीय उड़ानों पर भी लगाई पाबंदी!
सऊदी अरब का एयरस्पेस खतरे में है. हुती विद्रोहियों ने साफ कहा है कि सऊदी अरब का एयरस्पेस हमारी मिसाइलों के टारगेट पर है. अटैक के बाद से दुनियाभर के तमाम देशों ने सऊदी अरब जाने वाली फ्लाइट्स को कैंसिल कर दिया है और अपने नागरिकों को भी वहां की यात्रा से बचने की सलाह दी है.
रियाद में स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हूती विद्रोहियों के अटैक के बाद अब सऊदी अरब का एयरस्पेस खतरे में है. हुती विद्रोहियों ने साफ कहा है कि सऊदी अरब का एयरस्पेस हमारी मिसाइलों के टारगेट पर है. उग्रवादियों ने पूरी दुनिया को सावधान करते हुए कहा कि रियाद आने-जाने वाली मानवीय उड़ानों को पहले से मंजूरी मिलने पर ही इजाजत दी जाएगी. रियाद पर हुए अटैक के बाद से एविएशन इंडस्ट्री नेटवर्क Opsgroup ने अपनी एयरलाइंस को सऊदी एयरस्पेस से पूरी तरह बचने की सलाह दी है.
कनाडा ने पहले ही अपनी एयरलाइंस को सऊदी एयरस्पेस में प्रवेश न करने की सलाह दी थी. अब फ्रांस ने भी सऊदी अरब के एयरस्पेस के ज्यादातर हिस्से से बचने की चेतावनी जारी की है. जर्मनी ने भी अपने पायलटों से यमन की सीमाओं के पास से उड़ान भरने के जोखिमों पर विचार करने का आग्रह किया है. 'फ्लाइटराडार 24' ने बताया कि गुरुवार को रियाद पर हुए हूती हमलों के बाद से उड़ानों में दिक्कतें आई हैं. शुक्रवार दोपहर को एयरपोर्ट फिर से बंद कर दिया गया और फ्लाइट रद्द होने का सिलसिला फिर से बढ़ गया. कई एयरलाइनों ने रियाद के लिए अपनी उड़ानें रोक दी हैं और सिंगापुर एयरलाइंस ने राजधानी के लिए अपनी उड़ानें शुरू करने का प्लान मार्च तक टाल दिया है.
हमले के बाद से तमाम देशों ने जारी की एडवाइजरी
बता दें कि हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को सऊदी अरब के दो हवाई अड्डों पर बैलेस्टिक मिसाइल से ताबड़तोड़ हमले में किए. इनमें एक पायलट समेत तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि लगभग 8 लोग घायल हुए. हूतियों का कहना है कि ये हमले यमन में सऊदी अरब की सैन्य कार्रवाइयों के जवाब में किए गए हैं. मध्य पूर्व, ईरान और यमन के मामलों पर नजर रखने वाले डेनिस सिट्रिनोविच ने मीडिया को बताया कि हूती विद्रोहियों ने काफी पहले ही सऊदी अरब के हवाई अड्डों पर हमला करने की धमकी दी थी. हूती विद्रोहियों ने उस वक्त कहा था कि अगर हमारे विमान नहीं उतर सकते, तो किसी नागरिक एयरलाइन के विमान को भी सऊदी अरब में नहीं उतरना चाहिए.
सऊदी अरब को दुनिया से काटने की कोशिश
इस धमकियों से सऊदी अरब के टूरिज्म क्षेत्र को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है. सऊदी अरब में अमेरिका के पूर्व राजदूत माइकल रैटनी के मुताबिक, हूथी विद्रोहियों के साथ युद्ध में सऊदी अरब के ऊर्जा संयंत्रों के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर तबाही मच सकती है. उनका कहना है कि हूती विद्रोही धीरे-धीरे सऊदी अरब पर तनाव बढ़ा रहे हैं. हूतियों की ओर से शुरुआत में सऊदी अरब के समुद्री मार्गों की नाकाबंदी की थी. अब हवाई अड्डों को निशाना बनाकर सऊदी अरब के हवाई यातायात में रुकावट डाल रहे हैं.