हूती की ललकार, अरामको पर भी खतरे की तलवार! अभा एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला, बैलिस्टिक मिसाइलों से एयरबेस तबाह
सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी असीर क्षेत्र में स्थित 'अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' और 'किंग खालिद एयर बेस' पर यमन के हूती विद्रोहियों ने ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमले किए.
सऊदी अरब की अगुआई वाले गठबंधन ने तीन ड्रोनों को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है. वहीं, यमन के हूती समूह ने दावा किया है कि उसने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में एक हवाई अड्डे और एक एयरबेस पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है.
गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उनके बलों ने मक्का क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को तबाह कर दिया, हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई और जानकारी नहीं दी.
न्यूज एजेंसी 'शिन्हुआ' के मुताबिक, बाद में उन्होंने बताया कि दो और ड्रोन को रोका और तबाह किया गया, इनमें से एक पूर्वी प्रांत में और दूसरा दक्षिणी क्षेत्र की ओर जा रहा था.
सऊदी अरब पर हूतियों का अटैक
इस बीच, एक्स पर हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया का वीडियो मैसेज जारी किया गया. जिसमें उन्होंने कहा कि उनके समूह ने सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी असीर क्षेत्र में दो हमले किए.
उन्होंने बताया कि एक ड्रोन से 'अभा इंटरनेशनल एयरपोर्ट' को और एक बैलिस्टिक मिसाइल से खमीस मुशैत स्थित 'किंग खालिद एयर बेस' को निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि ड्रोन हमले से हवाई अड्डे पर हवाई यातायात बाधित हुआ और मिसाइल सीधे एयर बेस से जा टकराई.
सरिया ने बताया कि यमन के भीतर, हूती बलों ने दक्षिणी प्रांत लाहज के रास अल-अराह और अल-मुदरबाह इलाकों में सरकारी बलों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए हैं.
बैलिस्टिक मिसाइलों से बनाया निशाना
एक अन्य हमले के बारे में सरिया ने बताया कि सऊदी अरब की सीमा से लगे उत्तरी प्रांत अल-जौफ के पूर्व में तैनात बलों को कई बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों में बड़ी संख्या में सैनिक मारे गए या घायल हुए और कई सैन्य वाहन तबाह हो गए.
इन हमलों में हुए नुकसान और हताहतों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है. इस बीच, सना स्थित हूती-नियंत्रित 'सबा' समाचार एजेंसी के हवाले से एक हूती सैन्य सूत्र ने सऊदी अरब की दिग्गज तेल कंपनी 'अरामको' के निवेशकों को संभावित वित्तीय और सुरक्षा जोखिमों को लेकर आगाह किया.
'अरामको भी जद में'
सूत्र ने चेतावनी दी कि अरामको, हूती बलों की 'पहुंच के दायरे' में हैं. ये ताजा घटनाक्रम यमन में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के फिर से तेज होने के बीच सामने आए हैं. देश के भीतर जमीनी लड़ाई और हवाई हमले तेज हो गए हैं, साथ ही हूती गुट सऊदी अरब के विभिन्न ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहा है.
यमन 2014 के आखिर से ही संघर्ष में उलझा हुआ है. उस समय हूती विद्रोहियों ने सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था, जिसके बाद 2015 में सऊदी अरब की अगुआई वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में दखल किया.