महंगाई की मार, यूरोप में हाहाकारः अब जर्मनी की बारी, Gen-Z प्रदर्शन के बीच कई शहरों में जमकर आगजनी-लूटपाट
जर्मनी के कई राजधानी बर्लिन समेत कई शहरों में शनिवार (01 नवंबर) को लोग सड़कों पर उतर आए. Gen-Z के इस प्रदर्शन में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने काफी हिंसा फैलाई. 'जेन-जी रेगेल्ट' नामक युवा संगठन की ओर से इस प्रदर्शन का आयोजन किया गया था.
बढ़ती महंगाई, शिक्षा बजट में कटौती और कॉस्ट ऑफ लिविंग को लेकर इस वक्त यूरोप के कई देशों में भारी विरोध-प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. फ्रांस, इटली, स्पेन, पुर्तगाल और बेल्जियम के बाद अब जर्मनी भी महंगाई की आग से झुलस उठा. जर्मनी के कई राजधानी बर्लिन समेत कई शहरों में शनिवार (01 नवंबर) को लोग सड़कों पर उतर आए. Gen-Z के इस प्रदर्शन में नकाबपोश प्रदर्शनकारियों ने काफी हिंसा फैलाई. फ्रैंकफर्ट में सबसे ज्यादा हिंसक प्रदर्शन देखने को मिले. यहां उपद्रवियों ने सड़कों पर आगजनी करते हुए जमकर तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं को अंजाम दिया. उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए पुलिस को भी बल प्रयोग का इस्तेमाल करना पड़ा. फ्रैंकफर्ट पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की ओर से पेट्रोल बम फेंके जाने की जानकारी दी है.
फ्रैंकफर्ट-कोलोन में जमकर हिंसा
फ्रैंकफर्ट पुलिस ने एक्स पर लिखा कि हिंसक उपद्रव जारी हैं. शहर के केंद्र में कई दुकानों की खिड़कियां तोड़ दी गई. आपातकालीन सेवाओं पर पेट्रोल बम भी फेंके जा रहे हैं. पुलिस ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे शहर के केंद्र में जाने से बचें या प्रदर्शन वाले इलाके से चले जाएं. फ्रैंकफर्ट की तरह से कोलोन शहर में भी काफी हिंसक प्रदर्शन देखने को मिला. यहां करीब 200 प्रदर्शनकारियों ने कोलोन कैथेड्रल के पास जमकर हंगामा काटा.
हैम्बर्ग में पुलिस से भिड़े प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर खड़ी गाडियों में तोड़फोड़ और आगजनी करके इलाके की दुकानों में जमकर लूटपाट मचाया. पुलिस ने इस दौरान पांच लोगों को हिरासत में लिया. हैम्बर्ग में प्रदर्शनकारियों ने कुछ बैरिकेड्स में आग लगा दी गई. जर्मन अधिकारियों ने बताया कि ज्यादा प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि चरमपंथी समूह इन भीड़-भाड़ वाले मौकों का फायदा उठाने की कोशिश कर सकते हैं.
'जेन-जी रेगेल्ट' के नेतृत्व में उतरे प्रदर्शन
राजधानी बर्लिन के ऐतिहासिक ब्रांडेनबर्ग गेट के पास स्थित प्लाट्ज डेस 18 मर्ज पर शनिवार की दोपहर एक बड़ी भीड़ एकत्र हुई, जिसमें युवा छात्रों के साथ-साथ हर वर्ग के लोग शामिल दिखाई दिए. इस विशाल विरोध प्रदर्शन का आयोजन 'जेन-जी रेगेल्ट' नामक युवा संगठन ने किया था. प्रदर्शनकारियों की 6 प्रमुख मांगें हैं, जिनमें जीवन-यापन की बढ़ती लागत, शिक्षा बजट में कटौती और सैन्य भर्ती जैसे मुद्दे शामिल हैं.
शिक्षा बजट में कटौती से छात्र नाराज
प्रदर्शन में शामिल हुए छात्रों का कहना है कि उच्च शिक्षा और सामाजिक सेवाओं के लिए मिलने वाले बजट में कटौती की जा रही है, जबकि जीवन-यापन का खर्च लगातार बढ़ रहा है. प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं, संस्थान बंद हो रहे हैं और शिक्षकों की नौकरियां जा रही हैं. छात्रों ने इसे वर्तमान सरकार की राजनीतिक विफलता का परिणाम बताया है.
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