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Former Bangladesh PM Sheikh Hasina Statement: बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने हाल में एक ही एक बड़ा ऐलान किया. हसीना ने कहा कि वह किसी भी स्थिति में अपने देश लौटेंगी. हालांकि, उन्होंने यह डर भी जताया कि ढाका वापस लौटते ही उन्हें गिरफ्तार और प्रताड़ित किया जा सकता है. उन्होंने यहां तक कह दिया कि बांग्लादेश लौटते ही मेरी जान भी जा सकती है, बावजूद इसके वह लौटेंगी.
दरअसल, शेख हसीना का मानना है कि बांग्लादेश में उनके समर्थक और आम नागरिक काफी परेशान हैं और ऐसी स्थिति में वह उनसे दूर नहीं रह सकती है. शेख हसीना ने ये बातें वाशिंगटन में आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहीं. उन्होंने दावा किया किया ढाका में उसकी वापसी खतरे भरी है, लेकिन वह इसकी परवाह नहीं करती हैं. पिछले दिनों हसीना ने इसी साल के अंत में ढाका जाने की बात कही थी.
अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए छात्र आंदोलन के दौरान शेख हसीना को ढाका छोड़ना पड़ा था. उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया, इसके बाद से वह भारत में रह रही हैं. शेख हसीना ने भारत सरकार और भारत के लोगों का विशेष धन्यवाद भी किया. हसीना की ओर से कहा गया कि राजनीतिक उथल-पुथल के समय भारत ने उन्हें शरण दी.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा कि राजनीतिक जिम्मेदारी निभाते हुए उन्हें अपने समर्थकों के साथ खड़ा होना होगा. उन्होंने पुराने दिनों को भी याद किया और कहा कि यह पहली बार नहीं है. साल 1981 में लंबा समय विदेश में बिताने के बाद वह अपने देश लौटी थीं. उन्होंने कहा कि साल 2002 में जब बांग्लादेश में राजनीतिक संकट था, तभी वह लौटीं. उस वक्त भी उन पर कई आपराधिक आरोप लगे थे.
बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने ढाका के मौजूदा नेताओं पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.उन्होंने दावा किया कि अवामी लीग और विपक्ष को कुचलने की कोशिश हो रही है. इसके लिए आपराधिक मुकदमों का इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों का निपटारा एक निष्पक्ष अदालत में होना चाहिए.
हालांकि, बांग्लादेश की पूर्व पीएम ने यह नहीं बताया कि वह कब वापस लौटेंगी. उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय की ओर से भी वापसी की कोई तारीख की जानकारी नहीं दी गई है. बताया गया कि सही समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी.
शेख हसीना ने बातों ही बातों अमेरिका को भी सुनाया दिया. हसीना ने कहा कि उन्होंने अमेरिका को किसी एक नेता का नहीं, बल्कि लोकतंत्र का साथ देना चाहिए. हसीना की ओर से कहा गया कि मैं अमेरिका से यह नहीं कहती कि वह हसीना या रोमानी को चुनें, मेरी अपील कि अमेरिका लोकतंत्र को चुने. बांग्लादेश खुद अपनी सरकार चुने और चुनाव पूरी तरीके से स्वतंत्र और सभी को शामिल करने वाले हों.
हसीना ने अपने संबोधन में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश का भविष्य सुलह पर बनना चाहिए, बदले की भावना नहीं होनी चाहिए. लोग लोग उनका विरोध करते हैं, उनका भी सम्मान किया जाना चाहिए.
गौरतलब है कि अपने संबोधन के दौरान शेख हसीना ने साल 2024 में बांग्लादेश में हुए छात्र प्रदर्शनों को भी याद किया. उन्होंने यह माना कि उनकी सरकार को लेकर कई कठिन सवाल खड़े हुए थे. उनपर या किसी पर भी लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर अपनी बात रखते हुए शेख हसीना ने कहा कि बांग्लादेश को अपने पड़ोसियों से अच्छे संबंध रखने चाहिए. (इनपुट-आईएएनएस)