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हमले में टूटी थी खोपड़ी की हड्डी: करनी पड़ी सर्जरी, अब कैसी है बहादुर पायलट स्मित मच्छार की तबीयत; डॉक्टरों ने बताया

फ्लाईदुबई फ्लाइट के बहादुर पायलट स्मित मच्छार को-पायलट के हमले में घायल हो गए थे. उनकी खोपड़ी की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है, जिसकी सर्जरी की गई. डॉक्टरों का कहना है कि वह ठीक हैं और बेहतर रेस्पॉन्स दे रहे हैं.

Written By Rachit Kumar
Published: Oct 06, 2026, 02:32 PM IST | Updated: Oct 06, 2026, 02:46 PM IST
Image Credit: कैप्टन स्मित की बहादुरी की हर कोई तारीफ कर रहा है.
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फ्लाईदुबई की फ्लाइट में 170 से ज्यादा लोगों की जान बचाने और को-पायलट की बड़ी साजिश को नाकाम करने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार की खोपड़ी की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है, जिसके बाद उनकी इमरजेंसी सर्जरी करनी पड़ी. ओमानी को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखी कुल्हाड़ी से उन पर वार किया था.

38 साल के कैप्टन ने दर्द और तेजी से बहते खून के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे बाकी यात्री अंदर आए और उन्होंने हमलावर को-पायलट को काबू में किया. बाद में, फ्लाइट की सऊदी अरब के तबुक में  विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई.

खोपड़ी के अंदर धंसा टुकड़ा

एनडीटीवी के मुताबिक, सूत्रों ने बताया कि हमले के दौरान मच्छार को 'डिप्रेस्ड फ्रैक्चर' (खोपड़ी का एक टुकड़ा अंदर धंस जाना) हुआ और सऊदी अरब में उनका इमरजेंसी इलाज हुआ, जहां डॉक्टरों ने उनकी खोपड़ी को ठीक किया, जिसके बाद उन्हें UAE ले जाया गया.

'डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर' तब होता है, जब खोपड़ी टूटती है और हड्डी का एक टुकड़ा अंदर की ओर, यानी दिमाग की ओर धंस जाता है. 'फ्रैगमेंट' (टुकड़ा) खोपड़ी का वह टूटा हुआ हिस्सा होता है, जो आसपास की सामान्य हड्डी के स्तर से नीचे चला जाता है.

सूत्रों ने बताया कि यह एक गंभीर चोट है क्योंकि हड्डी दिमाग पर दबाव डाल सकती है या उसे नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए अक्सर इसके लिए मेडिकल देखभाल या सर्जरी की जरूरत होती है.

ठीक हो रहे भारत के बहादुर पायलट

सूत्रों ने पहले NDTV को बताया था कि पायलट को कई अन्य चोटें भी आईं, जिनमें उनके अंगों, छाती और पेट के ऊपरी हिस्से पर घाव शामिल हैं, लेकिन वे 'अच्छी तरह ठीक हो रहे हैं'

बेहतर इलाज के लिए पिछले हफ्ते कैप्टन मच्छार को सऊदी अरब से अबू धाबी एयरलिफ्ट किया गया. उन्हें मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की एक टीम उन पर लगातार नजर रख रही है. सूत्रों ने बताया कि पायलट इलाज का 'अच्छा रिस्पॉन्स' दे रहे हैं.

सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने कैप्टन स्मित के परिवार को अस्पताल में उनसे मिलने की इजाजत भी दे दी है और उन्हें उनकी सेहत के बारे में नियमित जानकारी दी जा रही है.

'तब सोचा आखिरी कोशिश करनी चाहिए'

पिछले हफ्ते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर कैप्टन स्मित ने बताया कि जब उन पर हमला हो रहा था और वे जमीन पर गिरे हुए थे, तब उन्हें एहसास हुआ कि 170 से ज्यादा यात्रियों वाला विमान नीचे जा रहा है और उन्हें कुछ करना होगा. उन्होंने PM मोदी से कहा, 'मैं जमीन पर घायल पड़ा था, लेकिन मैंने खुद से कहा कि अंदर से दरवाजा खोलने के लिए एक आखिरी कोशिश करनी चाहिए.'

उन्होंने आगे कहा, 'दूसरे लोग भी अंदर आए और (हालात को काबू करने में) मदद की. बेशक, मैं अपनी जान बचाने के लिए लड़ रहा था, लेकिन साथ ही मुझे यह भी पता था कि मैं दूसरों को मरने नहीं दूंगा.'

18000 फीट नीचे गिर गया था विमान

बुधवार को फ्लाईदुबई का विमान FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रहा था. इस हमले में विमान से कंट्रोल हट गया और विमान 18,000 फीट नीचे गिर गया. इसने पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स को एक इमरजेंसी सिग्नल भेजा और फिर 'कोड स्क्वॉक 7500' पर स्विच किया, जो हाईजैकिंग का सिग्नल है.

बाद में इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ओमान के को-पायलट हमाम-अल-हम्मामी ने प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करने से पहले मच्छार पर हमला किया था.

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रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
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