हबीबी! फूटी आंख नहीं देखते थे वेंस, अब दिलाएंगे शपथ... अब्दुल ने ट्रंप को भी कर दिया रोस्ट!
अब्दुल अल-सैयद ने मिशिगन से सीनेट की रेस जीतकर इतिहास रचा है. वो पेशे से डॉक्टर और पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट हैं. उन्हें जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने के लिए पहचाना जाता है.
अमेरिका के मिडटर्म चुनावों में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. रिपब्लिकन पार्टी ने संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अपना बहुमत गंवा दिया है. इस चुनाव में मिशिगन प्रांत से डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार अब्दुल अल-सैयद ने जीत दर्ज की. ये वही अब्दुल अल-सैयद हैं, जिन्हें चुनावी रैलियों में ट्रंप ने खुले मंच से 'जिहादी' करार दिया था. अब सैयद चुनाव जीतकर अमेरिकी सीनेट में पहुंचने वाले देश के पहले मुस्लिम सीनेटर बन गए हैं.
ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद अब्दुल अल-सैयद ने जब मिशिगन में अपने समर्थकों को संबोधित किया, तो उन्होंने सबसे पहला शब्द कहा 'हबीबी' (अरबी में इसका मतलब 'मेरे प्यारे दोस्त' होता है). फिर उन्होंने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की क्लास लगाई. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, 'जेडी, हबीबी! विडंबना देखिए कि जनवरी में संविधान के मुताबिक आपको ही मुझे सीनेटर पद की शपथ दिलानी होगी.'
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ट्रंप पर क्यों कसा तंज?
दरअसल, अमेरिकी संविधान के तहत सीनेट के पदेन सभापति उपराष्ट्रपति ही होते हैं और जनवरी में नए चुने गए सीनेटरों को शपथ दिलाने की संवैधानिक जिम्मेदारी जेडी वेंस के कंधों पर ही होगी. उन्होंने वेंस पर इसलिए तंज कसा, क्योंकि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप और उपराष्ट्रपति वेंस दोनों ने ही अब्दुल अल-सैयद की मुस्लिम पहचान, उनके नाम और उनकी विचारधारा को अपने सियासी हमलों का केंद्र बनाया था. ट्रंप ने उनके नाम का मजाक उड़ाते हुए उन्हें 'रेडिकल जिहादी' तक कहा था, जबकि जेडी वेंस ने उन पर नस्लीय नफरत फैलाने के आरोप लगाए थे.
'ट्रंप को नाम बोलने में दिक्कत है, तो सीनेटर कह लें'
वेंस पर तंज कसने के बाद अब्दुल अल-सैयद ने डोनाल्ड ट्रंप को रोस्ट किया. उन्होंने अपने नाम का मजाक उड़ाने पर पलटवार करते हुए कहा, 'मुझे पता है कि आपको मेरा नाम लेने में दिक्कत होती है, इसलिए जेडी के शपथ दिलाने के बाद, आप मुझे सिर्फ 'सीनेटर' कहकर बुला सकते हैं.'
अब्दुल अल-सईद ने किसे हराया?
अब्दुल अल-सैयद मिशिगन से पहले मुस्लिम सीनेटर बने हैं. डेमोक्रेट्स सीनेटर अब्दुल अल-सैयद ने रिपब्लिकन उम्मीदवार और पूर्व सांसद माइक रोजर्स को हराया है.
कौन हैं अब्दुल अल-सईद?
पूरा नाम अब्दुलरहमान मोहम्मद अल-सईद है. उनका जन्म 31 अक्टूबर 1984 को अमेरिका के मिशिगन राज्य के रोचेस्टर हिल्स में हुआ था. उनके माता-पिता मिस्र से आकर अमेरिका में बसे थे. यानी उनका जन्म और पालन-पोषण अमेरिका में ही हुआ है.
पढ़ाई-लिखाई कहां से की?
अब्दुल अल-सईद की पढ़ाई-लिखाई दुनिया की सबसे प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटीज से हुई है. उन्होंने सबसे पहले मिशिगन यूनिवर्सिटी से बायोलॉजी और पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन की डिग्री ली. फिर उनका सिलेक्शन दुनिया की सबसे नामी 'रोड्स स्कॉलरशिप' के लिए हुआ, जिसके तहत उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक हेल्थ में डॉक्टरेट (PhD) पूरी की. इतना ही नहीं, उन्होंने आगे चलकर कोलंबिया यूनिवर्सिटी से डॉक्टरी की पढ़ाई कर अपनी मेडिकल डिग्री (MD) भी हासिल की.
क्या-क्या काम किया?
- अब्दुल अल-सईद का करियर सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने और राजनीति के इर्द-गिर्द रहा है. उन्होंने प्रशासन से लेकर चुनावी मैदान तक कई अहम जिम्मेदारियां संभाली हैं.
- साल 2015 में वे मिशिगन के सबसे बड़े शहर डेट्रॉइट के स्वास्थ्य निदेशक (हेल्थ डायरेक्टर) बने. उस वक्त शहर गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहा था. ऐसे मुश्किल दौर में उन्होंने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को नए सिरे से खड़ा किया और आम लोगों तक बुनियादी इलाज पहुंचाने का काम संभाला.
- गवर्नर पद की रेस में उतरे (2018): 2017 में हेल्थ डायरेक्टर का पद छोड़ने के बाद उन्होंने 2018 में मिशिगन के गवर्नर पद के लिए अपनी किस्मत आजमाई, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी के प्राइमरी चुनाव में उन्हें ग्रेचेन व्हिटमर से हार का सामना करना पड़ा.
- चुनावी हार के बाद भी वे जनसेवा से जुड़े रहे. उन्होंने 2023 से 2025 तक 'वेन काउंटी डिपार्टमेंट ऑफ हेल्थ, ह्यूमन एंड वेटरन्स सर्विसेज' के निदेशक के रूप में काम किया और पूर्व सैनिकों व आम नागरिकों के स्वास्थ्य और कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों की कमान संभाली.
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