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'फटे कपड़े, बहता खून...', पूर्व मिस स्विट्जरलैंड ने सुनाया 1993 का भयावह दास्तां; ट्रंप पर लगाया रेप का आरोप

पूर्व मिस स्विट्जरलैंड द्वारा 1993 की एक भयावह घटना का खुलासा करते हुए डोनाल्ड ट्रंप पर लगाए गए गंभीर यौन उत्पीड़न और रेप के आरोपों की विस्तृत खबर पढ़ें. जानिए इस पूरे मामले पर क्या है नया अपडेट.

Written By Ravindra Pratap Singh
Published: Oct 27, 2026, 03:32 PM IST | Updated: Oct 27, 2026, 03:43 PM IST
Image Credit: 'कपड़े फटे, खून बह रहा था...': पूर्व मिस स्विट्जरलैंड का डोनाल्ड ट्रंप पर संगीन आरोप, नई रिपोर्ट से हड़कंप
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर विवादों के घेरे में हैं. डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा जारी एक रिपोर्ट में पूर्व मिस स्विट्जरलैंड और मॉडल बीट्रिस क्यूल ने डोनाल्ड ट्रंप पर बलात्कार का आरोप लगाया है. बीट्रिस क्यूल ने पहले नवंबर 1993 में ट्रंप पर छेड़छाड़ और जबरदस्ती करने का आरोप लगाया था, लेकिन अब उन्होंने दावा किया है कि उस घटना के दौरान ट्रंप ने उनके साथ बलात्कार भी किया था. यह रिपोर्ट हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेट्स सांसदों द्वारा तैयार की गई है, जिसमें ट्रंप और सजायाफ्ता यौन अपराधी जेफरी एप्स्टीन के बीच संबंधों की जांच के विवरण शामिल हैं.

इन आरोपों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है. व्हाइट हाउस ने रिपोर्ट में लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए इसे राजनीतिक से प्रेरित करार दिया. उन्होंने कहा कि 'यह पागल डेमोक्रेट्स द्वारा अमेरिकी जनता का ध्यान भटकाने का एक हताशापूर्ण प्रयास है, ताकि राष्ट्रपति ट्रंप की ऐतिहासिक उपलब्धियों से बने रिपब्लिकन रुझान को प्रभावित किया जा सके.'

53 पन्नों की रिपोर्ट और बीट्रिस क्यूल के दावे

हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी के डेमोक्रेट्स सदस्यों द्वारा जारी 53 पन्नों की इस रिपोर्ट में ट्रंप के खिलाफ यौन दुराचार के आरोपों को फिर से उठाया गया है. जेफरी एप्स्टीन, जो कभी ट्रंप के करीबी परिचितों में शामिल थे, की वर्ष 2019 में नाबालिगों के यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोपों के तहत जेल में सुनवाई का इंतजार करते समय मृत्यु हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया था.

'ट्रंप्स प्लाजा होटल' के एक कमरे में हुई थी मुलाकात

रिपोर्ट में बीट्रिस क्यूल के साक्षात्कारों के अंश शामिल किए गए हैं. क्यूल के अनुसार, 1993 में अटलांटिक सिटी स्थित 'ट्रंप्स प्लाजा होटल' के एक कमरे में उनके साथ यह कथित घटना घटी थी. घटना से ठीक पहले क्यूल, ट्रंप और एप्स्टीन एक साथ थे. बीट्रिस क्यूल ने बताया कि उनकी पहली मुलाकात 24 वर्ष की उम्र में न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल में एक ब्यूटी पेजेंट के दौरान हुई थी, जिसका स्वामित्व उस समय ट्रंप के पास था.

अमेरिकी वीजा दिलवाने का झांसा दिया

रिपोर्ट में 'द टेलीग्राफ' में प्रकाशित विवरणों के हवाले से बताया गया है कि ट्रंप ने क्यूल को अमेरिका का वीजा दिलवाने और न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी (NYU) में प्रवेश कराने का आश्वासन दिया था. क्यूल का कहना है कि बातचीत के दौरान ट्रंप ने उनसे कहा था, 'मैं तुम्हारा ख्याल रखूंगा.' क्यूल के अनुसार, जब ट्रंप बातचीत के बाद थोड़े समय के लिए अलग हुए, तब एप्स्टीन उनके पास आया और खुद को डॉन का सबसे अच्छा साथी बताते हुए उन्हें मार-ए-लागो में एक पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया.

ट्रंप ने क्यूल के कपड़े फाड़ कर की 'दरिंदगी'!

डेमोक्रेटिक सांसदों की रिपोर्ट के अनुसार, बाद में ट्रंप के एक प्रतिनिधि ने क्यूल को प्लाजा होटल में ऊपर के कमरे में मिलने के लिए आमंत्रित किया. रिपोर्ट के दावे के अनुसार, 'कमरे में प्रवेश करते ही ट्रंप ने क्यूल को पीछे से पकड़ लिया और उनके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया. इस दौरान उनके कपड़े फट गए और उनके शरीर के कई हिस्सों पर खरोंचें व चोटें आईं और उनके शरीर से खून तक बहने लगा था. रिपोर्ट में क्यूल के हवाले से इस घटना को अत्यंत 'क्रूर' बताया गया है. कथित हमले के बाद, ट्रंप ने उन्हें बिस्तर के किनारे बैठाया, वीजा और यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराने के अपने वादों को दोहराया और उनसे इस मामले पर चुप रहने का वादा लिया. रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने उनसे कहा, 'द शो मस्ट गो ऑन'.

जेफरी एप्स्टीन से संबंध और 'एप्स्टीन फाइल्स'

डोनाल्ड ट्रंप लगातार यह दावा करते आए हैं कि किसी भी आपराधिक गतिविधि की आशंका या जांच शुरू होने से बहुत पहले ही उन्होंने एप्स्टीन से अपने सभी संबंध समाप्त कर लिए थे. न्याय विभाग (DOJ) द्वारा तथाकथित 'एप्स्टीन फाइल्स' को सार्वजनिक किए जाने से रोकने के लिए कानूनी लड़ाई भी लड़ी गई थी, लेकिन बाद में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित कानून पर हस्ताक्षर किए गए, जिसके तहत इन दस्तावेजों का प्रकाशन अनिवार्य हो गया. इन सार्वजनिक दस्तावेजों में ट्रंप का नाम कई बार सामने आया है, लेकिन ट्रंप ने किसी भी गलत काम से साफ इनकार किया है और इस मामले में उन पर कोई आपराधिक आरोप तय नहीं किए गए हैं.

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डेमोक्रेट्स के आरोप और स्वतंत्र जांच की मांग

डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं का कहना है कि बीट्रिस क्यूल का विवरण अन्य महिलाओं द्वारा पूर्व में लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से मेल खाता है. उनका तर्क है कि यह एक व्यवहारिक पैटर्न को दर्शाता है जो ट्रंप ने एप्स्टीन के साथ अपनी निकटता के दौरान अपनाया था. हाउस ज्यूडिशियरी कमेटी में वरिष्ठ डेमोक्रेट प्रतिनिधि जेमी रस्किन ने न्याय विभाग पर आरोप लगाया कि वह राष्ट्रपति के बचाव के लिए मामलों को दबाने का प्रयास कर रहा है. रस्किन ने कहा, 'पांच महिलाओं ने सीधे तौर पर एप्स्टीन की मौजूदगी या संगति में ट्रंप पर बलात्कार या यौन हमले के आरोप लगाए हैं.'

ट्रंप और एप्सटीन के संबंधों की हो निष्पक्ष जांच

इसी आधार पर समिति के डेमोक्रेटिक सदस्यों ने अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लैंच से मांग की है कि ट्रंप और एप्स्टीन के संबंधों की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्पेशल काउंसिल की नियुक्ति की जाए. सांसदों का कहना है, 'राष्ट्रपति को बचाने के बजाय न्याय सुनिश्चित करने के लिए न्याय विभाग और एफबीआई के प्रयासों के तहत कम से कम एक स्वतंत्र विशेष वकील की नियुक्ति आवश्यक है. यह विशेष वकील न केवल राष्ट्रपति की भूमिका, बल्कि एप्स्टीन के सभी संभावित सहयोगियों और सह-षड्यंत्रकारियों की भी गहन जांच करे.'

हालांकि, डेमोक्रेटिक सांसदों ने यह भी स्वीकार किया कि वर्तमान में टॉड ब्लैंच के नेतृत्व वाला न्याय विभाग ऐसा कदम उठाने की संभावना कम ही रखता है, क्योंकि टॉड ब्लैंच पूर्व में ट्रंप के व्यक्तिगत वकील रह चुके हैं. डेमोक्रेट्स ने आरोप लगाया कि न्याय विभाग अब एप्स्टीन से जुड़े यौन तस्करी नेटवर्क के मामले में लीपापोती का नेतृत्व कर रहा है.

चुनावी माहौल और सियासी प्रभाव

आगामी 3 नवंबर को होने वाले चुनावों से ठीक पहले, जो अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण का फैसला करेंगे, यह मुद्दा अत्यधिक गरमा गया है. रिपोर्ट के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी ने एप्स्टीन और ट्रंप के संबंधों से जुड़े विज्ञापनों एवं अभियानों पर 35 मिलियन डॉलर से अधिक का खर्च किया है, जिससे यह मामला अमेरिकी राजनीति का मुख्य केंद्र बिंदु बन गया है.

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About the Author

रवींद्र प्रताप सिंह ने साल 2015 में जागरण.कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा मौजूदा समय वो ज़ी न्यूज डिजिटल में चीफ सब एडिटर हैं. अगस्त 2025 में उन्होंने ज़ी न्यूज ज्वाइन किया है. रवींद्र देश और दुनिया की खबरों के अलावा खेलों में क्रिकेट जगत और क्राइम की खबरों पर बेहतरीन पकड़ रखते हैं. इसके पहले रवींद्र रिपब्लिक भारत में इवनिंग शिफ्ट के इंचार्ज रहे और शाम की शिफ्ट संभालते हुए होम पेज की जिम्मेदारी रवींद्र के ऊपर थी. उससे पहले रवींद्र ने जनसत्ता और न्यूज नेशन में भी शाम की शिफ्ट और होम पेज की जिम्मेदारी बखूबी निभाई. इसके पहले रवींद्र ने 5 सालों तक पी7 और लाइव इंडिया जैसे न्यूज चैनलों में काम किया था. रवींद्र आकाशवाणी में काम करने का अनुभव रखते. अवध यूनिवर्सिटी से मॉस कम्युनिकेशन से पोस्ट ग्रेजुएट रवींद्र पिछले डेढ़ दशक से सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं. आप रवींद्र से जुड़ने के लिए Ravindra.Singh@India.com पर मेल कर सकते हैं या फिर फेसबुक पर संपर्क करने के लिए https://www.facebook.com/pintu.singh.397 और एक्स पर https://x.com/rs66533 रवींद्र से संपर्क किया जा सकता है. 
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