गाजा का बदला, वो 'मकसद' नहीं भूला: हमलावर को-पायलट का इकबालिया बयान, बोला- शहीद की तरह मरना था
फ्लाईदुबई की फ्लाइट के को-पायलट ने बताया कि उसने गाजा का बदला लेने के लिए यह सब किया. उसने न सिर्फ विमान के पायलट पर हमला किया बल्कि उसे क्रैश कराने की कोशिश भी की. इस दौरान फ्लाइट में 174 लोग मौजूद थे.
दुबई से तेल अवीव जा रही 'फ्लाईदुबई' फ्लाइट के कैप्टन पर हमला और प्लेन को क्रैश करने की कोशिश करने वाले को-पायलट के 'मकसद' का पता चल गया है. इजरायली ऑनलाइन न्यूज पोर्टल 'माको' के मुताबिक, ओमानी को-पायलट ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसने यह हमला गाजा का बदला लेने के लिए किया था.
हमाम अल-हम्मामी ने पूछताछ के दौरान अमीराती जांचकर्ताओं से कहा, 'मैंने यह गाजा का बदला लेने के लिए किया. मैं शहीद होकर मरना चाहता था.'
यह कबूलनामा ऐसी खबरों के बीच आया है कि अल-हम्मामी को पिछले साल उसकी चरमपंथी सोच के कारण ओमान की नेशनल एयरलाइन से हटा दिया गया था. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में उसके नाम वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इजरायल प्लेन्स के कॉकपिट वीडियो और अल-कायदा के लोगों के वीडियो पोस्ट किए गए थे. इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले कहा था कि माना जाता है कि को-पायलट को 'इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा' की ट्रेनिंग दी गई थी.
को-पायलट का कबूलनामा
30 सितंबर को 'फ्लाईदुबई' की फ्लाइट 1073 में 170 से ज्यादा यात्री सवार थे, जिनमें से ज्यादातर इजरायली थे. विमान के लैंड करने से एक घंटे से भी कम समय पहले अल-हम्मामी ने कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया. फ्लाइट-ट्रैकिंग डेटा से पता चला कि प्लेन कुछ ही सेकंड में 17,000 फीट से ज्यादा नीचे गिर गया.
कैप्टन मच्छार ने हम्मामी का मुकाबला किया और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे यात्री देख पाए कि क्या हो रहा है. इसके बाद यात्रियों ने तुरंत दखल दिया और अल-हम्मामी को काबू करने में मदद की, जबकि प्लेन में मौजूद ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने फ्लाइट का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया और इस तरह एक भयानक क्रैश टल गया.
इस मामले की जांच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) कर रहा है. उसने कहा कि को-पायलट ने कॉकपिट में रखी क्रैश कुल्हाड़ी से कैप्टन पर हमला किया और एक 'आतंकी हमले' के तहत प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की.
इतालवी अखबार 'कोरिएरे डेला सेरा' ने रिपोर्ट में कहा कि अल-हम्मामी ने कैप्टन मच्छार को चुपके से मारने, प्लेन के इंजन बंद करने और प्लेन को तेल अवीव की एक इमारत से टकराकर क्रैश करने की योजना बनाई थी.
जुलाई में करना चाहता था हमला
इजरायली मीडिया ने रिपोर्ट में कहा कि अल-हम्मामी ने जुलाई में हमला करने के बारे में सोचा था, लेकिन आखिरी पल में उसने यह योजना छोड़ दी क्योंकि क्रू का एक सदस्य उसका दोस्त था.
माको रिपोर्ट के मुताबिक, UAE के अधिकारियों ने फ्लाइट के केबिन क्रू से पूछताछ की है. अमीराती जांचकर्ताओं ने साजिश में उनकी किसी भी तरह की भूमिका से इनकार किया है. उनका कहना है कि फ्लाइट अटेंडेंट अचानक हुए हमले से घबरा गए थे, लेकिन उन्होंने विमान को हाईजैक करने की को-पायलट की कोशिश में कोई मदद नहीं की.
अल-हम्मामी ने संकेत दिया है कि उसने अकेले ही यह सब किया, हालांकि इजरायल अधिकारी इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसे किसी और पक्ष ने निर्देश दिया था या भर्ती किया था. रिपोर्टों के मुताबिक, जांचकर्ताओं को अब तक उसके और ईरान के बीच किसी ठोस संबंध का कोई सबूत नहीं मिला है.
फोन की भी हो रही जांच
जांचकर्ता अब अल-हम्मामी के बैकग्राउंड और इरादों के बारे में जानकारी के लिए उसके फोन की जांच कर रहे हैं. इस डिवाइस से यह भी पता चल सकता है कि क्या इस आतंकी साजिश में कोई और भी शामिल था.
इजरायल की काउंटर-इंटेलिजेंस एजेंसी, शिन बेट, अल-हम्मामी की जांच और पूछताछ में शामिल है, क्योंकि अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या उसने अकेले ही यह काम किया था.
रविवार को इजरायल कैबिनेट की बैठक में, मोसाद के एक प्रतिनिधि ने मंत्रियों को जांच के बारे में जानकारी दी. बैठक में शामिल दो सूत्रों के अनुसार, प्रतिनिधि ने बताया कि जांचकर्ताओं को पता चला है कि अल-हम्मामी ने हाल के वर्षों में इजरायल के विरोधी कई देशों की यात्रा की थी.