फ्रीजर फेल, लाखों का खाना बर्बाद: फ्रांस के बाद यूरोप के 9 देशों पर बड़ा साइबर हमला; इटली ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
हाल ही में यूरोप के 9 देशों पर एक बड़े और खतरनाक साइबर हमले ने तबाही मचा दी है. इस हमले की वजह से कई जगहों पर फ्रीजर सिस्टम फेल हो गए, जिससे लाखों का खाना बर्बाद हो गया है. इटली ने इमरजेंसी बैठक बुलाई है.
यूरोप के कई देशों में सुपरमार्केट्स के फ्रीजर सिस्टम पर हुए हालिया साइबर हमलों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. इन हमलों के बाद इटली सरकार ने मंगलवार को खुफिया प्रमुखों के साथ एक आपातकालीन बैठक बुलाई. यूरोपीय संघ (EU) ने इसे हमारी फूड सप्लाई चेन (खाद्य आपूर्ति श्रृंखला) को बाधित करने की एक सोची-समझी साजिश करार दिया है. आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले में अब तक क्या-क्या सामने आया है.
हाल के दिनों में बेल्जियम, एस्टोनिया, फिनलैंड, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, पुर्तगाल और स्वीडन के सुपरमार्केट्स में रेफ्रिजरेशन (शीतलन) से जुड़ी गंभीर समस्याएं दर्ज की गईं. तापमान बढ़ने के कारण कई खुदरा विक्रेताओं (रिटेलर्स) को मजबूरी में अपना काफी सारा खाद्य सामान फेंकना पड़ा. यह घटना ठीक उस घटना के तीन हफ्ते बाद हुई है, जब एक अन्य साइबर हमले की वजह से फ्रांस के ग्रॉसरी स्टोर्स को भारी व्यवधान का सामना करना पड़ा था और सैकड़ों दुकानों को अपना खराब हुआ स्टॉक फेंकना पड़ गया था.
9 देशों पर हुआ साइबर अटैक
बेल्जियम, एस्टोनिया, फिनलैंड, आयरलैंड, इटली, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, पुर्तगाल और स्वीडन सहित कुल 9 देशों पर साइबर हमले हुए हैं. यूरोपीय संघ के खाद्य और कृषि आयुक्त, क्रिस्टोफ हैनसेन ने सोमवार को कहा कि पूरा संघ इन घटनाओं को बेहद गंभीरता से ले रहा है. उन्होंने कहा, 'यह हमारी फूड सप्लाई चेन को बाधित करने और उपभोक्ताओं के विश्वास को डगमगाने का एक जानबूझकर किया गया प्रयास है. यह एक ऐसी चेतावनी है जिसे हमें बहुत गंभीरता से लेना चाहिए.'
इटली और अन्य देशों में नुकसान का असर
इटली में, कैबिनेट अंडरसेक्रेटरी अल्फ्रेडो मंटोवानो (Alfredo Mantovano) ने खुफिया प्रमुखों और नेशनल साइबर्टेक्नोलॉजी एजेंसी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई. एजेंसी ने रिटेलर्स के लिए उनके सिस्टम को सुरक्षित रखने के वास्ते तकनीकी सलाह भी जारी की है.
इटली के बड़े रिटेलर्स संगठन 'फेडरडिस्ट्रिबुजियो' के प्रतिनिधि जियोवानी एरिना ने बताया कि उन्हें सिसिली में लगभग 20 दुकानों के प्रभावित होने की जानकारी मिली है. सिसिली में कूप सुपरमार्केट्स का प्रबंधन देखने वाले समूह के निदेशक ग्यूसेप स्पादारो ने बताया कि उनकी 300 दुकानों में से 4 दुकानें इस हमले की चपेट में आईं. उन्होंने कहा, 'हमें हजारों यूरो का नुकसान हुआ है. हमें सारा सामान फेंकना पड़ा क्योंकि शेल्फ खाली हो गए थे. सच कहें तो, हमने कभी नहीं सोचा था कि एक सुपरमार्केट के रूप में हम कभी साइबर हमले का निशाना बनेंगे. इससे यह साफ होता है कि इंटरनेट से जुड़ा कोई भी उपकरण निशाना बन सकता है.'
स्वीडन में, कूप चेन के प्रवक्ता कार्लोस कैंसिनोस ने बताया कि प्रभावित दुकानों ने अब सामान्य रूप से काम करना शुरू कर दिया है. उन्होंने खुलासा किया कि जिन रेफ्रिजरेशन उपकरणों और फ्रीजर में रातभर में तापमान की समस्या आई, वे "पुराने 4G नेटवर्क" से जुड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने स्टोर नेटवर्क को आधुनिक बनाने के लिए एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत जुड़े हुए रेफ्रिजरेटरों को 5G नेटवर्क पर लाया जा रहा है ताकि इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके.
बेल्जियम और फिनलैंड में स्थिति
इस संकट से सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में बेल्जियम भी शामिल है, जहां कई ग्रॉसरी चेन्स की दर्जनों दुकानों में कूलिंग फेल होने की खबरें आईं. इसके चलते संघीय अभियोजकों (Federal Prosecutors) ने इस मामले में जांच भी शुरू कर दी है.
कार्रफूर बेल्जियम के प्रवक्ता मिच वर्गाउवेन ने कहा, 'यह एक साइबर हमला है, इसके पीछे और कोई वजह नहीं हो सकती.' बेल्जियम में फर्नीचर चेन 'आइकिया' (Ikea) का मॉन्स आउटलेट भी इस हमले की चपेट में आया, जिससे वहां फ्रीजर का तापमान बढ़ गया. इसके अलावा डेलहाइज, कोल्रुइट और इंटरमार्शे जैसी बड़ी कंपनियों के स्टोर्स में भी ऐसी ही दिक्कतें देखी गईं. लक्जमबर्ग में भी डेलहाइज के चार आउटलेट प्रभावित हुए.
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फिनलैंड में, 'केस्को' ग्रुप के कुछ छोटे ग्रॉसरी स्टोर्स में भी तापमान के उतार-चढ़ाव का पता चला. फिनलैंड की ट्रांसपोर्ट एंड कम्युनिकेशंस एजेंसी ट्रैफिकॉम के नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर के एक सूचना सुरक्षा विशेषज्ञ रोनी कोक्कोला ने बताया कि फ्रांस की घटनाओं के बाद से यूरोप के अन्य हिस्सों में इस तरह के साइबर हमलों की आशंका पहले से ही जताई जा रही थी. उन्होंने कहा, 'आज के समय में यह बहुत आम बात हो गई है कि हर तरह की तकनीकी कमजोरियों (Vulnerabilities) का बहुत तेजी से और आक्रामक तरीके से फायदा उठाया जा रहा है.'
आगे की राह और सुरक्षा
इस पूरी घटना ने दुनिया भर के खुदरा कारोबारियों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उनके डिजिटल और कनेक्टेड सिस्टम कितने सुरक्षित हैं. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि जैसे-जैसे दुकानें और उनके उपकरण स्मार्ट तकनीक से जुड़ रहे हैं, साइबर सुरक्षा को मजबूत करना केवल एक विकल्प नहीं बल्कि कारोबार की उत्तरजीविता के लिए सबसे अहम जरूरत बन गया है. सरकारें और एजेंसियां इस मामले की तह तक जाने में जुटी हैं ताकि भविष्य में इस तरह की खाद्य आपूर्ति बाधाओं को रोका जा सके.
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