भाषा चुनें
  • Hindi
  • English
  • Marathi
  • Bengali
  • Tamil
  • Malayalam
  • Gujarati
  • Telugu
  • Kannada
  • Odisha
  • Z Bharat
  • ZEE PHH
  • ZEE Business
  • WION
राज्य चुनें
  • उत्तर प्रदेश
  • उत्तराखण्ड
  • मध्य प्रदेश
  • छत्‍तीसगढ़
  • हरियाणा
  • दिल्ली
  • बिहार
  • झारखण्ड
  • राजस्‍थान
  • हिमाचल प्रदेश
  • हिन्दीEnglishमराठीবাংলাதமிழ்മലയാളംગુજરાતીతెలుగుಕನ್ನಡଓଡ଼ିଶାZ BharatPHHBusinessWION
  • facebookyoutubetwitterlinkedinwhatsapp
Zee News Hindi
App
Zee News Hindi
  • News
  • वीडियो
  • फोटोज़
  • रील्स
  • लाइव ब्लॉग
  • राज्य चुनें

Add Zee Business As A Preferred Source
App
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • LIVE टीवी
  • लेटेस्ट न्यूज़
  • देश
  • खेल
  • दुनिया
  • मनोरंजन
  • बिजनेस
  • ओरिजनल
  • टेक
  • धर्म
  • ऑटो
  • एजुकेशन
  • एस्ट्रोलॉजी
  • राशिफल
  • ज़ी न्यूज़ हिंदी
  • /दुनिया
  • /BRICS बदल सकता है दुनिया का पावर बैलेंस? चीन की नजर में क्या है इसका भविष्य, किस विजन से भारत आए शी जिनपिंग

BRICS बदल सकता है दुनिया का पावर बैलेंस? चीन की नजर में क्या है इसका भविष्य, किस विजन से भारत आए शी जिनपिंग

China Vision In BRICS: एक तरफ जहां दुनिया इस समय उथल-पुथल, अशांति और जंग के दौरे से गुजर रही है. उस समय BRICS का महत्व और बढ़ गया है. BRICS को आगे बढ़ाने और इसके भविष्य के लिए चीन की क्या योजना है?

Written ByShruti Kaul
Published: Sep 12, 2026, 09:07 AM IST|Updated: Sep 12, 2026, 11:45 AM IST
joinshare
BRICS बदल सकता है दुनिया का पावर बैलेंस? चीन की नजर में क्या है इसका भविष्य, किस विजन से भारत आए शी जिनपिंग

About the Author

Shruti Kaul

Shruti Kaul

ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
Read More

ट्रेंडिंग

  • न्यूज़
  • फोटो
  • वीडियो
'ब्लैक डे' से 'जश्न के उत्सव' तक... BJP ने कैसे विलय की वर्षगांठ को 'नए कश्मीर' के जश्न में बदला?

'ब्लैक डे' से 'जश्न के उत्सव' तक... BJP ने कैसे विलय की वर्षगांठ को 'नए कश्मीर' के जश्न में बदला?

2

कल से बदल जाएगा रेलवे का नियम, लाइन में लगकर ट्रेप टिकट लेने वालों को मिलेगी यह खुशखबरी

3

कोटा में 16 साल के JEE स्टूडेंट ने किया सुसाइड, 6 महीने पहले करने आया था तैयारी

4

अनंत सिंह की भविष्यवाणी पर JDU का करारा पलटवार, श्याम रजक बोले, पहले अपना भविष्य तो देख लेते

5

राजस्थान मौसम अपडेट: फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, 29-30 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

logo
  • contact us
  • privacy policy
  • legal
  • investor info
  • advertise with us
© 1998-2026 Indiadotcom Digital Private Limited, All Rights Reserved.

BRICS Summit In 2026: नई दिल्ली में आज ( शनिवार, 12 सितंबर 2026) से 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई है. इस समिट में आज एशिया की 2 महाशक्तियों भारत और चीन के बीच मुलाकात होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 7 साल बाद भारत में मुलाकात करने वाले हैं. जिनपिंग का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इससे भारत-चीन के रिश्ते में बड़े सुधार की उम्मीद जताई जा रही है.  

शी जिनपिंग BRICS समिट में वर्तमान अंतरराष्ट्रीय स्थिति, BRICS मकैनिज्म के विकास और सहयोग को गहरा करने समेत कई बड़े मुद्दों पर अन्य देशों के नेताओं के साथ चर्चा करेंगे. इसके अलावा चीनी राष्ट्रपति BRICS सहयोग के हाई क्वालिटी डेवलपमेंट के लिए चीन की महत्वपूर्ण पहलों और प्रस्तावों को भी पेश करेंगे. अब सवाल ये है कि 2026 के इस BRICS शिखर सम्मेलन में चीन का विजन क्या है और उसकी नजर में इस संगठन का क्या भविष्य है?

BRICS में आईं दिक्कतें 


BRICS देश दुनिया के कई कोनों में फैले हुए हैं. उनका इतिहास, संस्कृति और विकास के रास्ते अलग-अलग हैं, लेकिन फिर वे भी बेहतर ग्लोबल गवर्नेंस, आत्मनिर्भरता,  विकास और अपनी पहचान स्थापित करने की समान इच्छा के लिए एकजुट हुए हैं. पिछले 20 सालों में 'BRICS FOUR' से लेकर 'ग्रेटर BRICS' तक सहयोग तंत्र ने इसे बांटने और इसमें बाधा डालने जैसी बाहरी कोशिशों का सामना किया है. हालांकि, यह ग्लोबल साउथ में आगे से एक बड़ी शक्ति के रूप में उभरा है.  BRICS आज के समय में नेचुरल रिसोर्स, बड़ी फैक्ट्री और विशाल बाजारों का केंद्र है. यह उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच एकजुटता और सहयोग के लिए एक प्रमुख मंच बन गया है. इसके अलावा BRICS मल्टीपोलर वर्ल्ड और इंटरनेशनल रिलेशन में डेमोक्रेसी को बढ़ावा देने वाली प्रमुख शक्ति भी है. BRICS को यह उपलब्धि आसानी से नहीं मिली है.    

BRICS में चीन का सहयोग 


'ग्लोबल टाइम्स' ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि चीन हमेशा से BRICS को ज्यादा ठोस, ज्यादा महत्वपूर्ण और अधिक प्रभावशाली बनाने वाली एक प्रमुख शक्ति रहा है. साल 2013 से शी जिनपिंग ने BRICS में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव और पहलें पेश की हैं. इसमें BRICS प्लस को-ऑपरेशन मॉडल भी शामिल है, जिससे BRICS को-ऑपरेशन का तेजी से विकास हुआ है और यह बेहतर परिणाम देने में भी सक्षम हुआ है. इसने BRICS के लिए हर मोड़ पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.        

चीन ने BRICS की खुलेपन, समावेशिता और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग की भावना का समर्थन करने से लेकर BRICS प्लस को-ऑपरेशन मॉडल के कॉन्सेप्ट के सामने लाने, शंघाई में नए डेवलपमेंट बैंक की स्थापना करने, BRICS को ऐतिहासिक रूप से बढ़ावा देने, शांति, इनोवेशन, ग्रीन डेवपलपमेंट और जस्टिस के लिए BRICS के निर्माण का प्रस्ताव रखने तक चीन ने BRICS सहयोग को मजबूत और विस्तारित करने के लिए एक्टिवली काम किया है. उसने बदलते समय के साथ इसमें सुधार करते हुए वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव लगातार बढ़ाया है, जिससे उसे सभी पक्षों से अच्छी-खासी मान्यता मिली.  

शी के इन सुझावों ने दी सफलता 


पिछले 20 सालों में BRICS में भी काफी बदलाव आया. वहीं, इसका अस्तित्व मिटने की भविष्यवाणी करने या इसे विभाजित करने की कोशिश करने वाली आवाजों की भी कमी नहीं हुई, लेकिन इसके बावजूद यह आगे कैसे बढ़ रहा है?  सितंबर 2025 में वर्चुअल BRICS शिखर सम्मेलन में शी जिनपिंग ने 3 प्रस्ताव रखे थे, जिसमें अंतरराष्ट्रीय निष्पक्षता और न्याय की रक्षा के लिए बहुपक्षवाद को बढ़ावा देना, अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापारिक व्यवस्था की रक्षा के लिए खुलेपन और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग को बढ़ावा देना और साझा विकास के लिए तालमेल को बढ़ावा देने हेतु एकजुटता और सहयोग को बढ़ावा देने का सुझाव दिया था. इन प्रस्तावों ने BRICS की शक्तियों को नई गति दी. इससे BRICS की क्वालिटी में सुधार आया और BRICS सहयोग की अपार संभावनाओं और BRICS देशों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास बढ़ता गया.

ग्लोबल साउथ के करीब आ रहे देश 


एक तरफ दुनिया में जहां वर्चस्ववाद, एकतरफावाद और संरक्षणवाद को बल मिल रहा है, तो वहीं इस अशांति के बीच BRICS का महत्व उतना ही ज्यादा बढ़ रहा है. ग्लोबल साउथ के देश एक्टिवली BRICS के करीब आ रहे हैं. उदाहरण के तौर पर मलेशिया लंबे समय से BRICS का पूर्ण सदस्य बनने की इच्छा जता रहा है. इराक, मेडागास्कर और अन्य देशों ने भी BRICS में शामिल होने की इच्छा जताई है. BRICS के प्रति बढ़ता उत्साह ग्लोबल साउथ के देशों के समान विकास के अधिकार और ज्यादा निष्पक्ष और ग्लोबल ऑर्डर की इच्छा को दर्शता है.  

BRICS के लिए चीन का विजन


चीन 2027 में BRICS का रोटेटिंग प्रेजिडेंट बनेगा. ऐसे में यह भविष्य में बहुपक्षवाद के जरिए एकता की नींव को मजबूत करना जारी रखेगा, हाई क्वालिटी वाले बेल्ड एंड रोड जैसे सहयोग मंचों के जरिए डेवपलपमेंट स्ट्रैटजी को अधिक बढ़ावा देगा और वैश्विक विकास पहल, वैश्विक सुरक्षा पहल, वैश्विक सभ्यता पहल और वैश्विक शासन पहल के तहत साझा विकास की गति को बढ़ाएगा. इसके अलावा चीन डिजिटल इकोनॉमी, ग्रीन डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, गरीबी कम करना और एग्रीकल्चर डेवलपमेंट समेत कई सेक्टरों में अधिक महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल करने की कोशिश करेगा. चीन अपने मॉडर्नाइजेशन को आगे बढ़ाकर BRICS सहयोगी देशों को बड़ा मार्केट भी प्रदान करेगा.    

BRICS का भविष्य 


दुनिया में बढ़ती अशांति के बीच BRICS के लिए शांति, विकास और सहयोग को बढ़ाना ज्यादा जरूरी हो गया है. ऐसे में BRICS इन जिम्मेदारियों को अपने कंधे पर ले रहा है. अधिक एकजुट, कुशल, व्यावहारिक और अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध ग्रेटर BRICS निश्चित रूप से ग्लोबल साउथ के साझा विकास के लिए नए अवसर खोलेगा और उथल-पुथल और परिवर्तन से जूझ रही दुनिया में स्टेबिलिटी और पॉजिटिव एनर्जी का संचार करेगा. 

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:
BRICS Summit 2026
China