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China AI: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तेज रफ्तार से हमारी डेली लाइफस्टाइल का हिस्सा बन रहा है. इसको लेकर दुनियाभर में चिंता भी जताई जा रही है. वहीं, चीन ने अमेरिका की ओर से AI इंडस्ट्री पर रोक लगाने की मांगों को खौफनाक बताकर खारिज कर दिया है. हालांकि, खुद उसके टॉप ऑफिसर्स ने चेतावनी दी है कि तेजी से विकसित हो रहा AI कम्युनिस्ट पार्टी की राजनीतिक और वैचारिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है.
'द गार्जियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के राज्य सुरक्षा मंत्रालय के प्रमुख चेन यिक्सिन ने दुश्मनी ताकतों और गुप्त इरादों वाले व्यक्तियों पर AI का इस्तेमाल करके चीन के खिलाफ प्रोपोडेंगा वॉर और कॉग्निटिव वॉर छेड़ने का आरोप लगाया है.
'द गार्जियन' के मुताबिक, चीन ने खासतौर से एंथ्रोपिक के क्लाउड और OpenAI के GPT-5.5-साइबर समेत अमेरिकी AI मॉडल का हवाला देते हुए दावा किया कि उनका गलत इस्तेमाल किया गया था और वे बढ़ते साइबर सिक्योरिटी खतरों का प्रतिनिधित्व करते हैं. बीजिंग की ओर से यह चेतावनी तब सामने आई, जब एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई ने AI डेवलपमेंट में वैश्विक मंदी का आह्वान करते हुए वाशिंगटन से चीन को तकनीकी बढ़त हासिल करने से रोकने की अपील की थी.
अमोदेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि AI के सेक्टर में चीन की बढ़त अमेरिका और दुनियाभर के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है. उन्होंने तर्क दिया कि एडवांस AI संभावित रूप से चीनी कम्युनिस्ट पार्टी को लोकतांत्रिक देशों पर सैन्य बढ़त हासिल करने में सक्षम बना सकती है. अमोदेई की ओर से यह भी भविष्यवाणी की गई कि अगर रिसर्चर डेवलपमेंट की स्पीड को धीमा करने पर सहमत नहीं होते हैं, तो 6-12 महीनों के अंदर AI एजेंटों के झुंड इंटरनेट पर कब्जा कर सकते हैं.
चीनी विदेश मंत्रालय ने AI में टकराव के नजरिये को भी खारिज किया और कई देशों से AI गवर्नेंस में सहयोग की मांग की. सोमवार ( 14 सितंबर 2026) को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा,' डर फैलाना, टकराव और दुर्भावनापूर्ण प्रतिस्पर्धा ग्लोबल AI शासन की प्रक्रिया को ही ब्लॉक करेगी, जिससे किसी का भी हित नहीं होगा.' अमोदेई ने कहा कि AI की स्पीड को कंट्रोल करने के वैश्विक प्रयासों के लिए चीन के साथ सहयोग की जरूरत होगी, लेकिन उन्होंने तर्क दिया कि लोकतांत्रिक देशों को सत्तावादी सरकारों पर जहां तक हो सकते हैं बड़ी तकनीकी बढ़त बनाए रखनी चाहिए.