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ताइवान से दोस्ती, चीन से दुश्मनी: इन 2 देशों के मंत्रियों पर बीजिंग का एक्शन, लगाया बैन

China Bans Foreign Ministers: चीन ने ताइवान के साथ संबंध रखने वाले बेलीज और पराग्वे के विदेश मंत्रियों पर प्रतिबंध लगाया है. यह दूसरे देशों पर तनाव डालने की उसकी स्ट्रैटजी है. दोनों देशों के नेताओं ने हाल ही में ताइवानी नेताओं के साथ मुलाकात की थी.

Written By Shruti Kaul
Published: Oct 12, 2026, 12:37 PM IST | Updated: Oct 12, 2026, 12:39 PM IST
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China News: चीन हमेशा से ताइवान को अपना हिस्सा मानता रहा है. इससे जुड़ा हर मुद्दा उसके लिए संवेदनशील रहता है. वहीं, ताइवान खुद को एक अलग देश मानता है. ऐसे में उसके साथ किसी भी मुल्क की दोस्ती चीन के लिए चिंताजनक होती है और वह इस पर एक्शन लेने से बिल्कुल भी नहीं चूकता. चीन ने अब इस कड़ी में बेलीज और पराग्वे को लेकर सख्त फैसले लिए हैं.

चीन ने सोमवार ( 12 अक्टूबर 2026) को बेलीज के विदेश मंत्री और पराग्वे के संचार मंत्री पर बैन लगा दिया. ताइवान के साथ उनके संबंध को देखते हुए चीन ने यह कदम उठाया. बता दें कि बेलीज और पराग्वे उन 12 देशों में शामिल हैं, जिनके ताइवान के साथ ऑफिशियल डिप्लोमैटिक रिलेशन हैं. दोनों देशों ने फिलहाल चीन के इस फैसले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है. चीन ने भले ही ये बैन लगा दिए हों, लेकिन इससे अधिक असर पड़ने की उम्मीद नहीं है, क्योंकि ताइवान को सहयोग देने वाले देशों के मंत्री सामान्य तौर पर बीजिंग की यात्रा नहीं करते हैं.

पराग्वे और बेलीज के मंत्रियों को किया बैन


मामले को लेकर ताइवान के विदेश मंत्री की ओर से भी फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की गई है. वहीं, चीनी विदेश मंत्रालय ने इस फैसले को सिक्योरिटी और राष्ट्रीय संप्रभुता से संबंधित बताया. मंत्रालय ने कहा कि पराग्वे और बेलीज के कुछ लीडर्स के साथ डिप्लोमैटिक रिलेशन बनाए रखने की वकालत करके चीन के खिलाफ अपना रुख अपना रहे हैं. पराग्वे और बेलीज के मंत्री यह बैन लगने के बाद मकाऊ में भी एंट्री नहीं ले पाएंगे. इसके साथ ही इनपर चीनी संगठनों, लोगों और संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करने, किसी गतिविधियों में शामिल होने और किसी भी तरह के लेनदेन करने में भी बैन लगाया गया है.  

ताइवानी मंत्री से मिले थे दोनों नेता


बेलीज के विदेश मंत्री फ्रांसिस फोंसेका ने बीते महीने सितंबर 2026 में अपने ताइवानी समकक्ष लिन चिया-लुंग से बेलीज में मुलाकात की थी. वहीं, जून 2026 में पराग्वे के सूचना-संचार प्रौद्योगिकी मंत्री गुस्तावो विलाते ने भी अपने ही देश नें ताइवानीज उप विदेश मंत्री चेन मिंग-ची के साथ मुलाकात की थी. इसको लेकर ताइवान में बेलीज की एंबेसी ने अपने फेसबुक हैंडल पर एक पोस्ट भी शेयर किया था, जिसमें 11 अक्टूबर 2026 को दोनों देशों के बीच डिप्लोमैटिक रिलेशन स्थापित होने की 37 वीं वर्षगांठ मनाई गई थी.    

ताइवान के खिलाफ चीन का षड्यंत्र


चीन ने इससे पहले भी ताइवान का समर्थन करने वाले कई कई पश्चिमी देशों के नेताओं पर बैन लगाया है. वह उन देशों पर दबाव डालने की रणनीति के तहत ऐसा काम करता है. चीन ने हाल के दिनों में ताइवान के बचे हुए राजनयिक सहयोगी देशों पर भी तनाव डालना शुरू कर दिया है. वह उन्हें ताइवान के साथ संबंध तोड़ने के लिए मजबूर कर रहा है. साल 2024 में प्रशांत महासागर में स्थित छोटे से देश नाउरू ने ताइवान के साथ संबंध तोड़े थे और इससे पहले भी साल 2023 में होंडुरास ने भी ताइवान के साथ अपने सालों पुराने डिप्लोमैटिक रिलेशन तोड़ दिए थे.     

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ज़ी न्यूज में सब एडिटर. वनस्थली विद्यापीठ यूनिवर्सिटी, राजस्थान से जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन. ये राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मुद्दो से जुड़े विषयों पर लिखती हैं. लिखने के अलावा श्रुति को नई जगहों पर घूमना, संगीत सुनना, फिल्में देखना और फूड एक्सप्लोर करने का बेहद शौक है. 
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