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Trump on Saudi Arabia-Houthi rebel tensions: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान से जुड़े संघर्ष को लेकर वह एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गए हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तेहरान ने अपना व्यवहार नहीं बदला, तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. फॉक्स न्यूज नेटवर्क को दिए गए एक साक्षात्कार में अपनी रणनीति पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा, 'मेरा सवाल यह है कि यदि और जब ऐसा हुआ तो क्या मैं पूरे देश को उड़ा दूं? उन्हें बेहतर तरीके से पेश आना चाहिए.'
अपने उपलब्ध विकल्पों का जिक्र करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरान को नेस्तनाबूद कर सकते हैं. उसे आर्थिक रूप से बर्बाद होने दे सकते हैं या फिर कूटनीतिक समाधान तलाश सकते हैं. उन्होंने भविष्यवाणी की कि बहुत जल्द ही बहुत बड़ी चीजें होने वाली हैं.
सोमवार से शुरू होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के अधिवेशन से पहले उच्च-स्तरीय सप्ताह से पहले आगामी अंतरराष्ट्रीय बैठकों के बारे में बात करते हुए, ट्रम्प ने कूटनीतिक वार्ताओं के प्रति अपनी तत्परता दिखाई. उन्होंने उल्लेख किया कि
ट्रंप ने कहा कि वे जंगबंदी के लिए ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के साथ बातचीत करने को संभवतः तैयार हैं. सऊदी अरब पर हूतियों के हमले पर ट्रंप ने कहा कि इस मुद्दे पर अमेरिका यमन के हूती विद्रोहियों के संपर्क में है. उन्होंने दावा किया कि इस गुट ने अमेरिकी रक्षाकर्मियों पर हमला न करने पर सहमति जताई है.
हालांकि, संकेत मिल रहे हैं कि अशांत पश्चिम एशिया में एक नया मोर्चा खुल रहा है. शुरुआत में हिचकिचाहट के बाद अब ट्रंप प्रशासन ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ सैन्य कदमों पर विचार करना शुरू कर दिया है. बढ़ते क्षेत्रीय तनावों को देखते हुए ट्रंप कैंप डेविड में अपनी छुट्टियों को बीच में खत्म कर समय से पहले व्हाइट हाउस वापस लौट आए हैं.
सीएनएन के डिफेंस एक्सपर्ट एलेक्स प्लिटसास ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्स' पर पोस्ट करके इस बारे में अहम जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ट्रंप के छुट्टी रद्द कर राष्ट्रपति आवास लौटने का मकसद यमन के हूती विद्रोहियों के खिलाफ संभावित हमलों के विकल्पों पर विचार करना है. व्हाइट हाउस में हुई अहम बैठकों के बाद पश्चिम एशिया के देशों में स्थित अमेरिकी दूतावासों ने संभावित जवाबी हमलों के मद्देनजर अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा चेतावनियां जारी कीं. उन्हें तुरंत संघर्ष वाले क्षेत्रों को छोड़कर निकल जाने को कहा गया.
उधर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी हूती विद्रोहियों को चेतावनी जारी की. उन्होंने कहा कि अगर निर्दोष यमनी नागरिकों को लेकर चिंताएं न होतीं, तो सैन्य हस्तक्षेप इस संघर्ष को बहुत पहले समाप्त कर चुका होता. उन्होंने कहा कि सऊदी अरब दुश्मनों के आगे झुकेगा नहीं और उनके हमलों का जवाब देगा.
वहीं ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने अल-जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि तेहरान ने कतर की मध्यस्थता के जरिए अमेरिका को जंग खत्म करने से जुड़ी अपनी शर्तें बता दी हैं. इन शर्तों में सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने, फ्रीज किए हुए ईरान के धन को अनफ्रीज करने और नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करने की मांग शामिल है.
एक तरफ जहां ट्रंप प्रशासन सैन्य तैयारियों के साथ इन शर्तों पर विचार कर रहा है. वहीं दूसरी तरफ दुनिया भर के नेता संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क में इकट्ठे होने की तैयारी कर रहे हैं. इस बार यूएन की बैठकों में पश्चिम एशिया में चल रही जंग के चर्चाओं के केंद्र में रहने की उम्मीद है.
(एजेंसी एएनआई)