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Bangladesh Workers Protest: गारमेंट सेक्टर के लिए मशहूर बांग्लादेश में इन दिनों अशांति फैली हुई है. यहां इस सेक्टर में काम करने वाले मजदूरों सैलरी में बढ़ोत्तरी की मांग करते हुए लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन कर रहे हैं. इसस दौरान क्षेत्र में अशांति फैली रही है. गुस्साए वर्कर्स सड़कों में आगजनी और तोड़फोड़ कर रहे हैं. हमलों के डर से कई फैक्ट्री में ताले भी लगे रहे.
'ANI' की रिपोर्ट के मुताबिक, ढाका के पास गाजीपुर के कोनाबारी और चंद्रा इलाकों में आज हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए. इस जगह पर बड़ी संख्या में गारमेंट फैक्ट्री स्थित हैं. हमलों के डर से कई फैक्ट्री मालिकों ने कामकाज रोक दिया है. इन विरोध प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा बलों ने शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के समर्थकों पर अशांति भड़काने का आरोप लगाया है. सरकार का दावा है कि यह विरोध प्रदर्शन देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश है.
सोमवार को फिर से खुली गार्मेंट फैक्ट्रियों के मालिकों ने चिंता जताई कि मजदूरों की ओर से अधिक वेतन की मांगों को लेकर आगे और अशांति हो सकती है.

बांग्लादेश के गार्मेंट एक्सपोर्ट से होने वाली कुल कमाई में रेडीमेड गारमेंट सेक्टर का हिस्सा 80 प्रतिशत से ज्यादा है. इस सेक्टर में लगभग 40 लाख मजदूर काम करते हैं और बांग्लादेश की GDP में भी इसका 10 प्रतिशत योगदान है.
#WATCH | Dhaka, Bangladesh: Garment workers have been protesting for a third day demanding higher wages, with demonstrations also taking place in Gazipur’s Konabari and Chandra areas near Dhaka, where many factories are located. https://t.co/2koZSLx5MX
— ANI (@ANI) November 2, 2026
अशांति को लेकर रविवार ( 1 नवंबर 2026) को बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने कई मंत्रियों के साथ बैठक की. इस दौरान उन्होंने कहा कि दिसंबर से पहले देश को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं. इतना ही नहीं बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि यह विरोध-प्रदर्शन सीमा पार से भड़काया जा रहा है.
बांग्लादेश में फैली अशांति के चलते मैन्युफैक्चरिंग हब में कामकाज में रुकावट डाल दी है, जिसके चलते एक्सपोर्ट शिपमेंट और खरीदारों को लेकर चिंता बढ़ा दी है. बांग्लादेश चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपड़ा एक्सपोर्टर है. यहां मजदूरों ने लगभग 10,000 रुपये बढ़ाकर 20,000 रुपये तक कम से कम मजदूरी देने की मांग की है. यह मांग देश में बढ़ती महंगाई और इसके दबाव को दिखाती है.

सरकार ने मांग का रिव्यू करने के लिए रविवार को मिनिमम वेज बोर्ड बनाया, लेकिन यह भी अशांति रोकने में असफल रहा. रविवार को मजदूरों ने कई इंडस्ट्रियल इलाकों में रोड ब्लॉक किए, ढाका में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए आंसू गैस और पानी की बौछार का इस्तेमाल किया.
बांग्लादेश में रेडीमेड गारमेंट (RMG) इंडस्ट्री 970 के दशक के आखिर और 1980 के दशक की शुरुआत में शुरू हुआ था. यह अब देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य सोर्स बना है. बांग्लादेश आज दुनिया के सबसे बड़े गारमेंट एक्सपोर्टर में से एक है. देश की कुल एक्सपोर्ट अर्निंग में इस सेक्टर का योगदान 80 प्रतिशत से भी ज्यादा है. वहीं, इस सेक्टर में 40 लाख लोग काम करते हैं, जिनमें 60-70 प्रतिशत महिलाएं हैं.

गार्मेंट सेक्टर में काम करने वाले मजदूर लगातार बेहतर वेतन की मांग कर रहे हैं, जबकि फैक्ट्री मालिकों का कहना है कि उनके सामने बिजनेस से जुड़ी कई मुश्किलें आ रही हैं. ढाका में आज विरोध-प्रदर्शन का आज तीसरा दिन है. ऐसे में तनाव के चलते कई फैक्ट्रियां बंद हैं.