घर से निकाला, जिगर का टुकड़ा छीना: अदालत के चक्कर काट रही 13 साल की अनामिका, एक फैसले से तबाह हो गया बचपन
पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में एक 13 साल की बच्ची अपने बेटे के वापस पाने के लिए अदालत के चक्कर काट रही है. 11 साल की उम्र में उसकी शादी 22 साल के शख्स से करा दी गई और दो साल बाद बेटा पैदा हुआ. इसके बाद पति और ससुराल वालों ने उसे घर से निकाल दिया.
जिस उम्र में हाथों में खिलौने या फिर किताबें होनी चाहिए थीं, उस उम्र में 13 साल की अनामिका अख्तर जुई अपने बच्चे को वापस पाने की जद्दोजहद कर रही है. 11 साल की उम्र में उसकी शादी 22 साल के शख्स से करा दी गई. 13 साल की उम्र में वह मां बनी. लेकिन ससुराल वालों ने बच्चा छीनकर उसे घर से बेघर कर दिया. यह दर्दनाक कहानी भारत की नहीं बल्कि पड़ोसी देश बांग्लादेश की है. सोशल मीडिया पर अनामिका की कहानी तेजी से वायरल हो रही है. हालांकि जी न्यूज इसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता.
किसी मासूम की जिंदगी कितनी बुरी तरह से खराब की जा सकती है यह उसका जीता-जागता उदाहरण है. जिस उम्र में अनामिका को जीने, खुश होने और सपने देखने का हक था, अब वह अपने मां-बाप के साथ अदालत के चक्कर काट रही है ताकि अपना बच्चा उसे वापस मिल सके.
शादी के बाद नरक बनी जिंदगी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक पर अनामिका की मुलाकात 22 साल के शाकिल मिया से हुई. उम्र बेहद कम थी और प्यार के चंगुल में फंसने के बाद 11 साल की उम्र में ही उसे शाकिल मिया से ब्याह दिया गया. जब 13 की हुई तो उसने बेटे को जन्म दिया. मगर उसकी जिंदगी में असली तूफान आना बाकी था. बच्चा होने के कुछ ही वक्त बाद शौहर और ससुराल वालों ने उसको धक्के मारकर घर से निकाल दिया और उससे उसका बच्चा भी छीन लिया. अब वह अपने कलेजे के टुकड़े को वापस पाने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा रही है.
इंटरनेट पर वीडियो वायरल
इंटरनेट पर अनामिका का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें दावा किया जा रहा है कि वह अपने बच्चे के साथ नजर आ रही है. बड़ी मासूमियत से वह कैमरे की ओर देखती है. एक शख्स उसके पास बैठा नजर आता है, जो उसे कुछ समझा रहा होता है.
क्या यही है मॉडर्न दुनिया का असली सच?
अब जरा एक सेकंड रुककर सोचिए कि अगर यह सच है तो क्या गुजर रही होगी उस 13 साल की मासूम अनामिका पर. इसे महज बांग्लादेश के किसी शहर की घटना की तरह मत देखिए बल्कि यह उस समाज के मुंह पर तमाचा है, जिसने एक बच्ची से उसका बचपन छीन लिया.
जेन जी और इंटरनेट-एआई के दौर में भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा हमारे बीच जारी है. एक 22 साल का शख्स 11 साल की बच्ची से शादी रचाता है, यह शर्मनाक है. तमाम कानून होने के बावजूद भी मासूम बच्चियों का बचपन बर्बाद हो रहा है. आखिर किसने समाज को यह हक दिया कि वह एक मासूम बच्ची का बचपन बर्बाद कर दे.
हैरानी की बात ये है कि 13 साल की उम्र में तो बच्ची का खुद का ही मानसिक और शारीरिक विकास ठीक से नहीं हो पाता. ऐसे में उस पर मां बनने का बोझ डालना उसके बचपन के साथ खिलवाड़ है. वायरल वीडियो में अनामिका की बेबसी और लाचारी साफ नजर आ रही है. वो आंखें पूछ रही हैं कि आखिर क्या गुनाह किया है, जो उसके बचपन को इस कदर उससे छीन लिया गया. और कितनी अनामिका के बचपन को इसी तरह समाज अपने स्वार्थ के लिए बलि चढ़ाता रहेगा.