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आसिम मुनीर को सता रहा भारत-इजरायल की दोस्ती का डर, हिंदू-यहूदी गठजोड़ को बताया मुस्लिम देशों के लिए खतरा

पाकिस्तान को अब भारत-इजरायल की दोस्ती से भी दिक्कत है. आसिम मुनीर ने हाल ही में यह चिंता ईरान, तुर्किये और सऊदी अरब के साथ मीटिंग में जाहिर की है.

Written By Tahir Kamran
Published: Nov 03, 2026, 09:02 PM IST | Updated: Nov 03, 2026, 09:29 PM IST
Image Credit: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर
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पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भारत से इतना डरते हैं कि हर जगह अपना खौफ जाहिर करते हैं. हाल ही में पाकिस्तान, ईरान, तुर्किये और सऊदी अरब की हुई एक मीटिंग में मुनीर ने एक बार फिर भारत के खौफ का जिक्र किया है. इस बैठक में उन्होंने भारत-इजरायल की बढ़ती नजदीकियों को मुस्लिम विरोधी बताया. इस बात की जानकारी खुद मीटिंग में शामिल होने वाले रक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने दी है.

लाहौर के समाचार आउटलेट '24 न्यूज एचडी' ने ईरानी सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई के ईरानी सरकारी प्रसारक IRIB को दिए एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए बताया कि मुनीर ने मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ निर्देशित हिंदुओं और यहूदियों के बीच बढ़ते संबंधों पर चिंता जाहिर की.

रेजाई का बयान 26 अक्तूबर को हुई ईरान, पाकिस्तान सऊदी अरब और तुर्किये की मीटिंग पर आधारित है. इस मीटिंग में पाकिस्तान की तरफ से आसिम मुनीर, तुर्किये की तरफ से कालिन, सऊदी अरब रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और ईरान की तरफ रक्षा प्रमुख रेजाई शामिल हुए थे.

पाकिस्तान के सीनियर पत्रकार भी यही कह रहे हैं

रेजाई के अलावा पाकिस्तान के कई दिग्गज पत्रकार भी ऐसा ही कुछ कह रहे हैं. सीनियर जर्नलिस्ट नजम सेठी ने भी हिंदू-यहूदी वाली टिप्पणियों के पीछे आसिम मुनीर को ही जिम्मेदार बताया है. सेठी ने अपने यूट्यूब चैनल पर इस बारे में चर्चा करते हुए कहा,'हिंदू और यहूदियों का गठबंधन मुसलमानों और पाकिस्तान के खिलाफ एक बड़ा खतरा है.'

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इससे पहल भी भारत को लेकर अनाप-शनाप बोल चुके हैं मुनीर

यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान की टॉप लीडरशिप की तरफ से इस तरह की बयानबाजी पहले भी की जाती रही हैं. इससे पहले 2025 में पहलगाम हमले के दौरान भी उन्होंने कहा था कि हिंदू और मुसलमान अपने धर्म, रीति-रिवाजों, परंपराओं, विचारों में अलग-अलग हैं. उन्होंने दो-राष्ट्र सिद्धांत का भी जिक्र किया था. मुनीर की इस तरह की बयानबाजी के चलते रेजाई की टिप्पणियां और अहम हो जाती हैं.

इजरायल के साथ रिश्तों को क्यों बनाया निशाना?

हालांकि, इससे पहले तक मुनीर इसमें सिर्फ भारत को निशाना बनाते थे, लेकिन इस बार चार देशों की इस मीटिंग में उन्होंने भारत के साथ इजरायल के रिश्तों को भी घसीट लिया. इसकी एक बड़ी वजह यह भी हो सकती है, क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इजरायल एकमात्र ऐसा देश था, जिसने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार का खुले तौर पर समर्थन किया था. भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कहा था कि आतंकवादियों के पास छिपने की कोई जगह नहीं है.

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Zee News में नेशनल डेस्क पर देश–विदेश और राजनीति से जुड़ी खबरें लिखते हैं. करियर का आगाज 2015 से 'पंजाब केसरी' ग्रुप के उर्दू अखबार ‘हिंद समाचार’ से किया, जहां वे कंटेट राइटर से पेज डिजाइनर तक पहुंचे. इसके बाद उर्दू, हिंदी और पंजाबी - तीनों भाषाओं में काम करने का मौका मिला. 2018 में डिजिटल की तरफ कूच करते हुए पंजाब केसरी ग्रुप की उर्दू वेबसाइट की लॉन्चिंग टीम का नेतृत्व किया. इसके बाद 2020 में 'Zee Salaam' ज्वाइन किया, यहां भी वेबसाइट को लॉन्च करने के साथ-साथ तीन साल टीम का नेतृत्व भी किया. इसी दौरान ZEE Delhi NCR वेबसाइट भी लॉन्च हुई, जिसमें उनका अहम योगदान रहा. 2023 में India Daily Live की लॉन्चिंग टीम के साथ काम किया और शुरुआती दिनों में हिंदी के अलावा पंजाबी, तमिल, तेलुगु और गुजराती वेबसाइट टीमों को मैनेज किया. अक्टूबर 2024 में फिर से Zee Media में में वापसी करते हुए नेशनल टीम का हिस्सा बने. तकनीक में दिलचस्पी की वजह से उन्होंने React.js और वेब डिजाइनिंग सीखी. यही कारण है कि उनकी खबरों में HTML-CSS के छोटे-छोटे ग्राफिक्स दिख जाते हैं, जो मुश्किल बातों को भी आसान बना देते हैं. करियर की शुरुआत में कुछ दिनों तक फोटो स्टूडियो में भी काम किया, जहां कैमरा, Adobe Photoshop और ग्राफिक डिजाइनिंग सीखी, जो आज भी उनके डिजिटल काम में मदद करता है. उर्दू शायरी से प्यार अलग ही है. ग़ज़लें, नज़्में, गीत भी लिखते हैं और कई अखबारों में उनकी शायरी छप भी चुकी हैं. राहत इंदौरी, मुनव्वर राणा, अनवर जलालपुरी खुशबीर सिंह शाद और नवाज देवबंदी, माजिद देवबंदी  जैसे शायरों के इंटरव्यू व बातचीत का अनुभव भी उनके पास है. आप tahir.kamran@india.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facbook से जुड़ सकते हैं. 
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