US: सजा-ए-मौत का लाइव टेलीकास्ट, 90 साल में पहली बार तालिबानी स्टाइल में दी जाएगी अमेरिका में मौत
Execution Of US Fort Hood Shooter: अमेरिका में दशकों बाद एक पूर्व ऑर्मी ऑफिसर को लाइव मौत की सजा दी जाएगी. इस सजा का लाइव स्ट्रीम भी किया जाएगा. निदाल हसन ने 13 सैनिकों को मौत के घाट उतारा था.
US Fort Hood Shooter Execution: डोनाल्ड ट्रंप के देश अमेरिका में ऐसा कुछ होने जा रहा है, जिसकी हिम्मत केवल आतंकी ही कर पाते थे. यहां साल 2009 में फोर्ट हुड में हुई फायरिंग में 13 सौनिकों को मौत के घाट उतारने वाले दोषी ऑर्मी ऑफिसर निदाल हसन को लाइव मौत की सजा दी जाएगी. इसे टीवी पर टेलीकास्ट किया जाएगा. अमेरिका में इस तरह की सजा को तकरीबन एक सदी पहले ही बंद कर दी गई थी. अब केवल नॉर्थ कोरिया, ईरान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ही यह सजा अपनाती है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने मौत की सजा को लेकर एक बयान जारी करते हुए कहा कि 3 दिसंबर 2026 को फायरिंग स्क्वॉड निदाल हसन को गोली मारेगी. उन्होंने यह भी कहा कि इस मिलिट्री एग्जीक्यूशन को लाइवस्ट्रीम भी किया जाएगा. आमतौर पर ISIS जैसे आतंकी समूह मौत की सजा को टेलीकास्ट करते हैं.
13 सैनिकों की हत्या में दोषी निदाल हसन
मेजर निदाल मलिक हसन ने टेक्सास के फोर्ट हुड में अपनी पर्सनल हैंडगन से 13 लोगों की हत्या कर दी थी और 32 अन्य को घायल किया था. मरने वालों में से 12 सैनिक थे. यह US मिलिट्री बेस पर हुआ अबतक का सबसे घातक हमला था. इस घटना ने US मिलिट्री को हिलाकर रख दिया था. 'अलजजीरा' की रिपोर्ट के मुताबिक, हेगसेथ ने कहा कि उन्हें यह फैसला मंजूर है. उन्होंने इसे बिना सोचे-समझे लिया जा सकने वाला फैसला बताया.' रक्षा मंत्री ने कहा,' हम यह पक्का करेंगे कि लोग इसे देख सकें और यह सबके लिए हो, क्योंकि लोगों को यह समझना होगा कि ऐसी चीजों के गंभीर नतीजे होते हैं.' हेगसेथ ने बताया कि फांसी की सजा 3 दिसंबर को फोर्ट हुड में दी जाएगी. ठीक उसी समय जब साल 2009 में गोलीबारी की घटना हुई थी.
सैनिकों पर चलाई थी गोलियां
अमेरिकी सेना के पूर्व मेजर निदाल हसन को अगस्त 2013 में एक मिलिट्री जूरी ने सोची-समझी हत्या और हत्या की कोशिश के 45 मामलों में दोषी पाया था, जिसके बाद उसे मौत की सजा सुनाई गई. हसन टेक्सास बेस पर बने सेना के प्रोसेसिंग सेंटर में गए. वहां उन्होंने अल्लाहु अकबर का नारा लगाया और मेडिकल हेल्प का इंतजार कर रहे अपने साथी सैनिकों पर गोलियां चला दीं. हसन को मौत की सजा देने के लिए हेगसेथ और ट्रंप ने फायरिंग स्क्वाड के इस्तेमाल की मंजूरी दी.
लाइव स्ट्रीम होगी सजा
'अल जजीरा' की रिपोर्ट के मुताबिक, डिफेंस डिपार्टमेंट के एक अधिकारी ने बताया कि हसन को मौत की सजा को लाइव स्ट्रीम किया जाएगा. हालांकि, यह बात साफ नहीं है कि सजा के समय वहां पर सैनिक, दर्शक या अमेरिकी सेना के अधिकारी मौजूद रहेंगे या नहीं. अमेरिकी सेना के नियमों के मुताबिक, गवाह के तौर पर कम से कम 2 मीडिया संस्थानों को वहां होना चाहिए.
कैसे सजा देती है फायरिंग स्क्वॉड?
फायरिंग स्क्वॉड की ओर से मौत की सजा देने के लिए सबसे पहले कैदी को कुर्सी पर चमड़े की पट्टियों से बांधा जाता है और उसके सिर पर एक काला हुड पहनाया जाता है. इसके बाद एक डॉक्टर स्टेथोस्कोप से कैदी के हार्ट वाली जगह का पता लगाता और उसके ऊपर गोल सफेद कपड़े का मार्क बनाता है. फिर 20 फीट दूर घेरे में खड़े 5 शूटर्स उस दोषी पर गोली चलाते हैं. इसमें एक ट्विस्ट ये है कि हर शूटर के पास .30 कैलिबर की राइफल होती हैं, जिनमें 1-1 गोली ही भरी होती है. शूर्टस में से एक 1 को खाली कारतूस दिए जाते हैं. इसकी जानकारी उन्हें नहीं दी जाती है, ताकि स्क्वाड का हर सदस्य से मान सके की उसकी गोली ने कैदी की जान नहीं ली है.