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मौत को मात: जिस रात खत्म होनी थी जिंदगी, वो बन गई खौफनाक याद; दो बार लगे जानलेवा इंजेक्शन, महिला कैदी बोली- इससे अच्छा तो मर जाती

एक ही अपराध के लिए दो-दो बार मौत की सजा का सामना कर चुकी क्रिस्टा की कहानी दुनियाभर में पढ़ी जा रही है. मौत को दो-दो बार टक से छू कर लौटने वाली क्रिस्टा की जिंदगी जेल प्रशासन की लापरवाही की वजह से जहन्नुम से भी बदतर हो चुकी है. अस्पताल के बेड में होश आने के महीने भर बाद उसने अपने संगीन गुनाह को याद करते हुए अपनी आपबीती दुनिया को बताई है.

Written By Shwetank Ratnamber
Published: Oct 31, 2026, 06:53 AM IST | Updated: Oct 31, 2026, 09:08 AM IST
Image Credit: (X)
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अपनी टीन एज में क्लासमेट का मर्डर करने वाली अमेरिकी महिला क्रिस्टा पाइक की कहानी वायरल हो रही है. टेनेसी की जेल में बंद 50 साल की क्रिस्टा यूं तो बीते 30 सालों से मौत की सजा का इंतजार कर रही थीं. लेकिन 30 सितंबर की रात जो उनकी जिंदगी की आखिरी रात होने वाली थी उस दौरान कुछ ऐसा हुआ कि वो जिंदा होने के बावजूद पल-पल मरने को मजबूर हैं. हर घड़ी मौत आने की दुआ करने वाली क्रिस्टा चाहती हैं कि कैसे भी ऊपरवाला उन्हें अपने पास बुला ले, ताकि मौत से भी बदतर बन चुकी इस जिंदगी से छुटकारा मिल सके. 

गुनाह क्या था?

1995 में जब वो महज 18 साल की थी, तब उसने कुछ साथियों की मदद से 19 साल की क्लासमेट कोलिन स्लेमर का बेरहमी से कत्ल कर दिया था. उस गुना हत्याकांड को अंजाम देने के लिए उसे मौत की सजा सुनाई गई. लंबी कानूनी सुनवाई के बाद जब उनकी सजा ए मौत की तामील कराने के लिए उन्हें जानलेवा इंजेक्शन दिया गया, वो सामान्य रहीं, मानो कुछ भी न हुआ. इसके बाद उन्हें जहरीले इंजेक्शन की एक और डोज दी गई. इसके बाद के बावजूद उनकी सांसें चलती रहीं. इस अप्रत्याशित घटनाक्रम से जेल प्रशासन भी हैरान रह गया. अमेरिकी संविधान और कानून के मुताबिक उन्हें फौरन अस्पताल ले जाया गया. जहां होश में आने के बाद क्रिस्टा ने पहली बार उस खौफनाक रात की कहानी यानी अपनी आपबीती वकील के जरिए सबको सुनाई है.

मौत को मात!

जेल अधिकारियों ने क्रिस्टा को मौत की सजा देने के लिए पेंटोबार्बिटल नाम की दवा की डोज दी थी. टेनेसी में मौत की सजा दिए जाने की निर्धारित प्रक्रिया में इसी का इस्तेमाल होता है. दो-दो डोज दिए जाने के बाद भी पाइक की मौत नहीं हुई. 

मीडिया के उन प्रत्यक्षदर्शियों ने, जिन्हें 'सजा ए मौत' की प्रक्रिया देखने की इजाजत मिली थी, उन्होंने अपनी रिपोर्ट में बताया कि इंजेक्शन दिए जाने के दौरान पाइक होश में थीं. AP की जर्नलिस्ट किम चांडलर ने बताया कि, इस दौरान उसका मुंह कई बार खुला, उन्हें मानो नींद आने लगी. वो जोर-जोर से खर्राटे ले रही थीं. बीच-बीच में उन्हें हांफते हुई देखा-सुना गया. हमें रात 9 बजे के करीब कमरे से बाहर जाने के लिए कहा गया. हमारे बाहर आने के समय भी अंदर से उनके खर्राटों की आवाज सुनाई दे रही थी.

इससे पहले अपने अंतिम बयान में पाइक ने कहा था कि उसकी बांह में बहुत तेज दर्द हो रहा है और ऐसा लग रहा है जैसे वह फट जाएगी.

प्रशासन को घेरा

क्रिस्टा ने अपनी इस हालत के लिए सरकारी अधिकारियों की 'नाकामी' को जिम्मेदार बताया है. अपनी मेडिकल हिस्ट्री बयां करने वाली क्रिस्टा ने आगे कहा, 'होश आने के बाद से अब तक मैं सुकून की एक सांस भी नहीं ले पाई हूं. कोई एक पल भी ऐसा नहीं गुजरा है, जिसमें मुझे दर्द का अहसास न हुआ हो. मेरे रोम रोम में दर्द है. मैं लगातार शारीरिक और मानसिक पीड़ा से गुजर रही हूं. गले में भी तकलीफ है. बोलने तक में परेशानी है. यह दर्द सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं है, बल्कि मेरे दिमाग और आत्मा में महसूस होता है.' 

बोलने में परेशानी और मानसिक तकलीफ के बावजूद क्रिस्टा ने अपने गुनाह यानी उस शख्स की फैमिली को भी याद किया, जिसकी वजह से उसे मृत्युदंड मिला था.

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिस्टा ने ये भी बताया कि जीने की तमन्ना तो पहले भी खत्म हो चुकी थी, लेकिन ये नहीं मालूम था कि 30 सितंबर को तय फांसी की तारीख के बाद भी उसका शरीर जीवित रहेगा.

उसने आगे कहा, 'मैं मरने के लिए एकदम तैयार थी. मैंने आगे की जिंदगी के बारे में सोचा ही नहीं था. लेकिन कई दिन बाद जब मुझे होश आया तो मैं अस्पताल में बेड में अकेली और उलझन में थी.'

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About the Author

श्वेतांक रत्नाम्बर वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्हें टीवी और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 22 वर्षों से ज्यादा का व्यापक अनुभव है. वर्तमान में वे Zee News (Hindi) की डिजिटल टीम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय (देश-दुनिया) खबरों की डेस्क पर कार्यरत हैं. समसामयिक मुद्दों, वैश्विक राजनीति और कूटनीति पर गहरी समझ रखने वाले श्वेतांक जटिल अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों और राजनीतिक समीकरणों का सटीक विश्लेषण करने के विशेषज्ञ हैं.Zee News डिजिटल से पहले उन्होंने ज़ी मीडिया नेटवर्क के ग्लोबल न्यूज़ चैनल 'WION' के साथ काम किया है. इस दौरान उन्होंने 'Gravitas', 'The West Asia Post' और 'One Africa' जैसे कई प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्राइम-टाइम शोज़ के हिंदी प्रोडक्शन और इंटरप्रिटेशन में अहम भूमिका निभाई. 2004 से शुरू हुए अपने पत्रकारिता करियर में श्वेतांक ने रिपोर्टिंग और एंकरिंग के साथ-साथ चार लोकसभा और कई राज्यों के विधानसभा चुनावों की व्यापक ग्राउंड कवरेज की है.जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), नई दिल्ली से जर्नलिज्म में पीजी डिप्लोमा के बाद मास कम्युनिकेशन और पॉलिटिकल साइंस में मास्टर्स डिग्री हासिल करने वाले श्वेतांक लंबे समय से 'प्रेस क्लब ऑफ इंडिया' (PCI) के सम्मानित सदस्य हैं.आप श्वेतांक रत्नाम्बर से सीधे shwetank.ratnamber@india.com पर ईमेल के जरिए संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा आप उनसे एक्स (ट्विटर), मेटा (फेसबुक) और लिंक्डइन पर भी कनेक्ट कर सकते हैं.' 
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