SOCIAL MEDIA

Newsletter

PARTNER SITES
Select language

9/11 हमले से कनेक्शन, सऊदी अरब से मजबूत रिश्ते; सामने आया उस 'आतंकी' का सच, जिसे अमेरिका ने बरसों तक छिपाया

9/11 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले को ढाई दशक होने जा रहा है. ऐसे में एक ऐसा सबूत सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान करके रख दिया है. एक शख्स जिसका हमलावरों से संबंध सामने आया था, मगर उस पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई.

Written By Rachit Kumar
Published: Sep 08, 2026, 10:39 AM IST | Updated: Sep 08, 2026, 10:49 AM IST
Join

9/11 वर्ल्ड ट्रेड टावर का एक अहम सच 25 साल बाद सामने आया है. वो सच, जिसे अमेरिका ने भी पूरी दुनिया से छिपाए रखा. 9/11 हमले के बाद हाईजैकर्स से रिश्ते होने के शक में एफबीआई ने एक शख्स की जांच की थी. उस शख्स के सऊदी सरकार के अधिकारियों से भी गहरे संबंध थे. लेकिन अब बीबीसी की जांच में एक फुटेज सामने आया है, जो पहले कभी नहीं देखा गया. इस फुटेज में वह शख्स भविष्य के अल-कायदा नेता अनवर अल-अवलाकी के साथ पेंटबॉल खेलते हुए नजर आया. 

अवलाकी से गले मिलते दिखा बायौमी

इस शख्स का नाम है ओमर अल-बायौमी. उसने वर्षों तक इस बात से इनकार किया कि वह ना तो कोई आतंकी है और ना ही सऊदी का जासूस. वीडियो फुटेज में वह अवलाकी को गले लगाते दिख रहा है तो दूसरे में दोनों को सैन डिएगो के पास सऊदी अरब के इस्लामिक मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी के साथ पेंटबॉल खेलते हुए देखा जा सकता है.

यह फुटेज FBI को 2001 के हमलों के कुछ ही दिनों बाद मिला था. 9/11 पीड़ित परिवारों ने सऊदी अरब के खिलाफ किए 1 ट्रिलियन डॉलर के मुकदमे में यह एक सबूत है. परिवारों का आरोप है कि बायौमी ने उन 19 हाईजैकर्स में से दो की मदद की थी, जिन्होंने हमले किए थे. सऊदी अरब ने बार-बार इस हमले में किसी भी तरह से हाथ होने से इनकार किया है.

अल्लाहु अकबर के लग रहे थे नारे

बायौमी 1994 में सऊदी अरब से सैन डिएगो आया था और उसने कहा था कि वह वहां अंग्रेजी पढ़ने आया है. बाद में कोर्ट के रिकॉर्ड से पता चला कि उसने अपनी पढ़ाई काफी हद तक छोड़ दी थी और इसके बजाय धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन में शामिल हो गया था. BBC की रिपोर्ट के अनुसार, 1997 या 1998 की शुरुआत में शूट किए गए फुटेज में बायौमी, अवलाकी और अन्य लोगों को मिलिट्री-स्टाइल पेंटबॉल मुकाबले में शामिल दिखाया गया है. कुछ प्रतिभागियों ने फटीग्स (सैन्य वर्दी) पहनी हुई थी, जबकि अन्य लड़ाई में आगे बढ़ते हुए 'अल्लाहु अकबर' के नारे लगा रहे थे.

BBC के अनुसार, 11 सितंबर के हमलों के बाद बायौमी की जांच कर रहे FBI एजेंटों को बताया गया था कि कुछ प्रतिभागी इन सेशन का इस्तेमाल जिहाद की ट्रेनिंग के लिए करते थे. इस बीच, अवलाकी की आतंकी एक्टिविटी के बारे में पता चलने से पहले ही अल-कायदा के लोगों से संबंध बन चुके थे. एक और क्लिप में जनवरी 1998 में बायौमी को अवलाकी को गले लगाते हुए दिखाया गया है. अन्य फुटेज में सऊदी अधिकारियों और इस्लामिक मामलों के मंत्रालय से जुड़े धार्मिक लोगों के साथ उसकी मुलाकातों को दिखाया गया है.

9/11 हमले के बाद प्लेन का डायग्राम मिला

बायौमी तब FBI का शुरुआती संदिग्ध बन गया, जब उसका नाम नवाफ अल-हजमी और खालिद अल-मिहदार की तरफ से दस्तखत किए गए एक अपार्टमेंट रेंटल एग्रीमेंट पर मिला. ये दोनों वे हाईजैकर्स थे, जिन्होंने बाद में पेंटागन हमले में हिस्सा लिया था. इंग्लैंड के बर्मिंघम में बसने के बाद, 21 सितंबर 2001 को मेट्रोपॉलिटन पुलिस अधिकारियों ने बायौमी को गिरफ्तार कर लिया. जांचकर्ताओं को उसकी जगहों की तलाशी के दौरान हजारों दस्तावेज, तस्वीरें और कम से कम 80 वीडियो टेप मिले. इस सामान में एक नोटबुक का पन्ना भी था, जिस पर एक प्लेन की ड्राइंग और उसकी ऊंचाई व टारगेट से दूरी से जुड़े हिसाब-किताब लिखे थे.

बयौमी का था 9/11 हमले से संबंध

9/11 पीड़ितों के परिवारों की कानूनी टीम की सदस्य जोड़ी वेस्टब्रुक फ्लावर्स ने BBC को बताया. 'यह क्रैश का गणितीय हिसाब-किताब था. जब हमें पता चला कि यह क्या है, तो हमें समझ आ गया कि यही वह पक्का सबूत (स्मोकिंग गन) है जिसकी हमें तलाश थी.' BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, उस डायग्राम की कॉपियां लंदन में FBI एजेंटों तक तो पहुंच गईं, लेकिन बायौमी से पूछताछ कर रहे ब्रिटिश डिटेक्टिव्स को इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई. यह सबूत सैन डिएगो में FBI के कुछ जांचकर्ताओं या 9/11 कमीशन के साथ भी साझा नहीं किया गया. बाद में एक फेडरल जज ने पाया कि वह दस्तावेज, पहली नजर में ही, बायौमी का 9/11 हमलों की जानकारी होने से संबंध दिखाता है.'

Add Zee News as a Preferred Source
TAGS:

About the Author

रचित कुमार जी न्यूज डिजिटल में असिस्टेंट एडिटर हैं. देश, दुनिया और डिफेंस की खबरों को आसान भाषा में बताने में महारत हासिल है. जी न्यूज से मई 2022 में जुड़े और शिफ्ट देखने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है. जी न्यूज में Best Performer अवॉर्ड भी मिल चुका है. जी न्यूज, आजतक और एबीपी न्यूज में शिफ्ट देखते हुए महामहिम, बिहार के बाहुबली सीरीज शुरू की और कई एक्सप्लेनर खबरों पर काम किया.  इंडिया न्यूज और जनसत्ता में शिफ्ट देखने के साथ-साथ ट्रैफिक लाने वाली खबरों को तवज्जो दी. नवभारत टाइम्स से करियर की शुरुआत हुई और वहां तकरीबन ढाई साल तक फ्रंट पेज 2 और देश-विदेश के पन्नों की जिम्मेदारी संभाली. जर्नलिज्म में पोस्टग्रेजुएट और IIMC से डिप्लोमा करने  वाले रचित कुमार 13 साल से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रहे हैं. आप Rachit.kumar@India.com पर सीधे ईमेल कर इनसे जुड़ सकते हैं. 
Read More

ZEENEWS TRENDING STORIES