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सजा-ए-मौत से पहले गुनाहों के लिए माफी मांगता रहा कैदी, इंजेक्शन लगा और 19 मिनट में 'खेल खत्म'

अमेरिका में एक कैदी को मौत की सजा के तहत मौत की नींद सुलाया गया है. इंजेक्शन लगने से पहले उसने अपने गुनाह की माफी मांगी और पीड़ित परिवार के सामने हाथ जोड़कर खड़ा रहा. आइए जानते हैं पूरा मामला..

सजा-ए-मौत से पहले गुनाहों के लिए माफी मांगता रहा कैदी, इंजेक्शन लगा और 19 मिनट में 'खेल खत्म'
Image Credit: टेक्सास में 46 साल के कैदी जमाल हॉवार्ड को इंजेक्शन लगाकर मौत की सजा दी गई.

अमेरिका के टेक्सास में 46 साल के कैदी को सजा-ए-मौत के तहत हमेशा के लिए सुला दिया गया है. कैदी का नाम था जमाल हॉवार्ड है. जानलेवा इंजेक्शन दिए जाने के 19 मिनट बाद उसकी मौत हो गई. यह मामला हंट्सविले की स्टेट जेल का है, जहां पेंटोबार्बिटल की घातक खुराक दिए जाने के बाद रात 8 बजकर 3 मिनट पर हॉवार्ड को मृत घोषित किया गया. वह इस साल अमेरिका में मौत की सजा पाने वाला 30वां कैदी बन गया है. वहीं, पिछले हफ्ते टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को जहर का इंजेक्शन देकर मारने की नाकाम कोशिश के बाद, देश में सजा-ए-मौत का यह पहला मामला है.

दरअसल, हॉवार्ड को साल 2000 में एक डकैती के दौरान किराना स्टोर क्लर्क की हत्या का दोषी ठहराया गया था. मौत का इंजेक्शन दिए जाने से ठीक पहले हॉवार्ड पीड़ित परिवार के सामने गिड़गिड़ाया और बार-बार माफी मांगी. परिवार के लोग फांसी वाले कमरे से चंद फीट दूर बने कांच के केबिन से यह सब लाइव देख रहे थे.

हॉवार्ड ने हाथ जोड़कर क्या कहा?

हॉवार्ड ने हाथ जोड़कर कहा 'मेरी बस यही गुजारिश है कि आप मुझे माफ कर दें, जो कुछ भी हुआ, उसका मुझे बहुत पछतावा और गहरा दुख है. उम्मीद है कि वक्त बीतने के साथ आप मुझे अपने दिल से माफ कर पाएंगे.' हॉवार्ड ने मरने से पहले अपने परिवार और दोस्तों का थैंक्यू बोला और कहा वो भगवान और शांति पाने के लिए रेडी है. अपने आखिरी बयान के आखिर में उसने देखने वालों से जिंदगी का आनंद लेने की बात कही.

चैंबर के अंदर क्या हुआ?

सजा-ए-मौत के तहत जैसे ही इंजेक्शन लगाया गया तो हॉवार्ड ने कई बार सांस ली. वह हांफने लगा. फिर खर्राटे लेने जैसी आवाजें आने लगीं, फिर उसे खांसी आई और उसने तेजी से सांसें लेना शुरू किया, जो बाद में धीरे-धीरे धीमी पड़ती गईं. करीब 30 सेकंड के अंदर उसके शरीर की हलचल बंद हो गई और 19 मिनट बाद उसे आधिकारिक तौर पर मृत घोषित कर दिया गया.

मंजर देख घबरा गई बहन

ये मंजर देख हॉवार्ड की बहन बुरी तरह घबरा गई. उसने कहा मुझे यहां से बाहर ले जाओ, इसके बाद अधिकारियों की मदद से उसे विटनेस रूम से बाहर ले जाया गया.

20 साल की उम्र में किया था कत्ल

जमाल हॉवार्ड को जिस जुर्म में मौत की सजा दी गई, वह साल 2000 का है. ह्यूस्टन से करीब 100 मील दूर सिल्सबी कस्बे के एक डिपार्टमेंटल स्टोर में 42 साल की विक्की स्वार्टआउट की हत्या कर दी गई थी. उस वक्त हॉवार्ड महज 20 साल का था. उसने दुकान में घुसते ही विक्की के सीने में गोली मार दी थी. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वो दुकान के गल्ले से 114 डॉलर यानी करीब 9-10 हजार रुपये और सिगरेट का एक कार्टन लूटकर फरार हो गया था. इस मामले की जब जांच की गई तो सीसीटीवी कैमरे का फुटेज ही उसके खिलाफ सबसे पुख्ता सबूत बना.

वकीलों की आखिरी कोशिशें और सुप्रीम कोर्ट का इनकार

इस मामले की सुनवाई के दौरान हॉवार्ड के वकीलों ने मौत की सजा पर रोक लगाने के लिए आखिरी वक्त तक कई दलीलें दीं. वकीलों की दलील थी कि हॉवार्ड दिमागी रूप से पूरी तरह विकसित नहीं है. उन्होंने यह भी तर्क दिया कि टेक्सास प्रशासन जिस 'पेंटोबार्बिटल' केमिकल का इस्तेमाल कर रहा है, उससे वही भयानक दर्द और दिक्कतें हो सकती हैं, जैसी टेनेसी में क्रिस्टा पाइक को सजा देने की नाकाम कोशिश के दौरान देखी गई थीं. हालांकि, टेक्सास की कोर्ट ऑफ क्रिमिनल अपील्स और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट, दोनों ने ही इस मामले में दखल देने से मना किया, जिसके बाद हॉवर्ड को मौत की नींद सुलाने का रास्ता पूरी तरह साफ हुआ.

दो बार जहर के बाद भी बच गई थी क्रिस्टा पाइक

हॉवर्ड के वकीलों ने टेनेसी में जिस क्रिस्टा पाइक का जिक्र किया, वो फिलहाल जिंदा है. दो बार जहर का इंजेक्शन देने के बाद भी उसकी जान नहीं निकली थी, जिसके बाद फिलहाल उसकी सजा टाल दी गई थी. हुआ ये कि पिछले हफ्ते टेनेसी के एग्जीक्यूशन चैंबर में 50 साल की क्रिस्टा पाइक को पेंटोबार्बिटल की दो खुराकें दी गई थीं, लेकिन दोनों बार दवा बेअसर रही और पाइक जिंदा बच गई. जिसके बाद उसे आनन-फानन में हॉस्पिटल में शिफ्ट किया गया था. पाइक के वकीलों ने बताया कि सोमवार को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया था और टीम को बताया गया था कि अगले दिन लाइफ सपोर्ट हटा दिया जाएगा, लेकिन मंगलवार की सुबह डॉक्टरों, वकीलों और परिवार के लिए चौंकाने वाली रही, क्योंकि क्रिस्टा होश में आ गई और बोलने लगी. होश में आने के बाद उसने सबसे पहले पूछा कि 'मैं कहां हूं? और आप कौन हैं?'

अब कैसी है पाइक की हालत?

पाइक के वकीलों ने बताया है कि वह होश में जरूर है, लेकिन गंभीर रूप से बीमार है. उसे निमोनिया है और एक हाथ में खून का थक्का जमा हुआ है. वो कुछ भी निगल नहीं पा रही है. शरीर एकदम शून्य पड़ा हुआ है. वकीलों के अनुसार, वो बेहद गुस्से और भ्रम में है और समझने की कोशिश कर रही है कि उसके साथ क्या हुआ. होश में आने के बाद उसने अपनी लीगल टीम और उस पीड़ित कोलीन स्लेमर के परिवार के बारे में जानकारी ली है, जिसकी 1995 में हत्या के जुर्म में उसे मौत की सजा हुई थी. बताया गया है कि पाइक को अस्पताल के बिस्तर पर बांधकर रखा गया है. पाइक के वकील स्पाइवे ने इसे बेहद यातनापूर्ण बताया है. उनका दावा है कि एग्जीक्यूशन के दौरान पाइक के बाएं हाथ में सात सुइयां चुभोई गई थीं, जिनमें से एक सुई निकालते समय मुड़ी हुई थी. इस दौरान पाइक चिल्लाई भी थी कि उसके हाथ जल रहे हैं.

एक तरफ जहां पाइक जिंदगी की जंग लड़ रही है, तो वहीं दूसरी तरफ उसके वकीलों ने कानूनी लड़ाई शुरू कर दी है. नैशविले में एक सुनवाई के दौरान जज आई'आशिया माइल्स ने टेनेसी के अधिकारियों को एग्जीक्यूशन चैंबर के भीतर मौजूद सभी साक्ष्यों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है. वकीलों का आरोप है कि राज्य प्रशासन सबूतों को छिपाने की कोशिश कर रहा है, जो फ्यूचर में पाइक को दोबारा मौत की सजा देने की स्थिति में कानूनी चुनौती के लिए बेहद अहम होंगे.

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About the Author

Bhoopendra Rai

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पत्रकारिता में 9 साल से सक्रिय भूपेंद्र कुमार राय Zee News में सीनियर सब एडिटर के तौर पर न्यूज टीम का हिस्सा हैं, देश विदेशी की खबरें कवर करते हैं. 2017 में ETV Bharat (हैदराबाद) से करियर की शुरुआत करने के बाद वे 2020 में Zee News पहुंचे, जहां 2022 तक काम किया. 2023 में News24 की स्पोर्ट्स टीम को लीड करने का मौका मिला. इसके बाद India Daily Live में बतौर चीफ सब एडिटर स्पोर्ट्स टीम के साथ जुड़े. 2024 में दोबारा News24 लौटे और नई स्पोर्ट्स वेबसाइट लॉन्चिंग का अहम हिस्सा रहे. अक्टूबर 2025 में News24 से अलविदा लेकर एक बार फिर Zee News पहुंचे हैं. खेलों में गहरी रुचि रखते हैं और क्रिकेट वर्ल्ड कप, एशियन गेम्स, ओलंपिक गेम्स, हॉकी वर्ल्ड कप समेत बड़े खेल इवेंट को कवर करने का अनुभव है. ब्रेकिंग न्यूज, क्रिकेट एनालिसिस और किस्से-कहानियों पर अच्छी पकड़ है. जी न्यूज में खेल से जुड़ी खबरों के बाद अब न्यूज टीम के साथ रियलटाइम न्यूज पर काम कर रहे हैं. एक्सप्लेनर और किसी भी मुद्दे पर रिसर्च के साथ उसे आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचा रहे हैं. आप Bhoopendra.Rai@zeemedia.com पर सीधे ईमेल या फिर नीचे X और Facebook से जुड़ सकते हैं.
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